मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 08 फरवरी 2025 शनिवार

 

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आज ग्यारस के दिन सजेगा साँवरिया सेठ का भव्य दरबार, भक्ति भाव से गूंजेगा नगर
साँवरिया संकीर्तन मे सुप्रसिद्ध भजन गायक पंडित गोकुल शर्मा द्वारा भक्तिमय प्रस्तुति  

मंदसौर, 8 फरवरी – भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगने जा रहा है नगर, जब ग्यारस के पावन अवसर पर साँवरियासेठ का भव्य दरबार सजेगा। इस दिव्य आयोजन में मालवा-मेवाड़ के सुप्रसिद्ध भजन गायक पंडित गोकुल शर्मा अपने मधुर स्वरों में मस्ती और भक्ति से ओत-प्रोत भजनों की अमृत वर्षा करेंगे।

दशपुर सांस्कृतिक उत्सव समिति के अध्यक्ष डॉ. भानुप्रताप सिसौदिया ने बताया कि इस पावन अवसर पर लोकसभा सांसद सुधीर गुप्ता, राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर, नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी गुर्जर और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर साँवरिया भक्ति रस का आनंद लेंगे।

आयोजन की सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं, और महिलाओं के बैठने के लिए विशेष एवं सुचारु व्यवस्था समिति द्वारा सुनिश्चित की गई है। यह भव्य आयोजन आज, 8 फरवरी को, शाम 7:30 बजे, महाराणा प्रताप बस स्टैंड पर आयोजित किया जाएगा। क्षेत्रवासियों और साँवरिया भक्तों में इस आयोजन को लेकर अपार उत्साह देखा जा रहा है, और नगर में भक्तिमय माहौल बन चुका है।

भक्ति के इस महासंगम में आप सादर आमंत्रित हैं!

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एमपी में नई नियुक्तियां नहीं होने से अगले 3 साल में सरकारी कार्यालय सुने हो जाएंगे -रमेशचन्द्र चन्द्रे
मंदसौर जिले में ही 9803 कर्मचारी कार्यरत है जबकि अनेक पद रिक्त पड़े हैं

मन्दसौर। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 1990 के बाद विभागीय ढांचे के अनुरूप नवीन कर्मचारियों की भार्ती नहीं करने के कारण सरकार को अपने कामकाज चलाने के लिए भी आउटसोर्स का सहारा लेना पड़ेगा, क्योंकि सभी सरकारें कर्मचारियों की नियुक्ति के मामले में सुस्त ही रही है।
उक्त विचार व्यक्त करते हुए सेवानिवृत्त पेंशनर्स महासंघ मंदसौर जिले के उपाध्यक्ष एवं शिक्षाविद रमेशचन्द्र चन्द्रे ने कहा कि 31 मार्च 2023 को जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार मध्यप्रदेश में 5 लाख 90 हजार 550 कर्मचारी कार्यरत थे किंतु 2024 में 1 लाख 17 हजार कर्मचारी रिटायर्ड हुए एवं 2025 में करीब 1 लाख 25 हजार कर्मचारी सेवा निवृत हो जाएंगे इस प्रकार 2026 में लगभग 3 लाख 65 हजार 550 कर्मचारी रह जाएंगे।
श्री चन्द्रे ने कहा कि वर्तमान में भी भोपाल स्थित वल्लभ भवन, सतपुड़ा भवन और विंध्याचल भवन के शासकीय कार्यालयों में अनेक टेबलें खाली पड़ी होती है और यही हाल मध्यप्रदेश के विभिन्न विभागों में संभागीय स्थान से लेकर तहसील स्तर तक देखने को मिल जाएगा।
श्री चन्द्रे ने कहा कि प्रदेश में रिटायर्ड लोगों की संख्या अधिक होगी जबकि रनिंग कर्मचारी उनकी तुलना में बहुत कम हो जाएंगे। यदि सेवा निवृत्ति की उम्र बढ़ा-बढ़ाकर सरकार इसकी पूर्ति करती है तो नए युवक, बेरोजगारी के कगार पर खड़े रहेंगे जिसके कारण सामाजिक अपराधों में बढ़ोतरी होने की संभावना बन सकती है?
इसलिए सेवानिवृत्ति की उम्र को नहीं बढ़ा कर नई नियुक्तियों के प्रति सरकार को सचेत हो जाना चाहिए अन्यथा आगे आने वाले वर्षों में शासकीय ढांचा चरमरा जाएगा तथा नागरिकों के शासकीय कामकाज भी गतिहीन हो जाएंगे।
श्री चन्द्रे ने आग्रह किया है कि नवाचार एवं नई टेक्नोलॉजी को सरकारी कामकाज में बढ़ाने के साथ-साथ यदि कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की जाती है तो बड़े-बड़े सरकारी भवन और संसाधन बेकार हो जाएंगे इसलिए नई नियुक्तियां विभिन्न विभागों में की जाना चाहिए।

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जैविक उत्पादों के लिए वैश्विक मांग को लेकर सांसद गुप्ता ने लोकसभा में किया प्रश्न
किसान जैविक खेती की ओर लोट रहे, आने वाले वर्षो में 20 हजार करोड़ रूपये जैविक उत्पादों के निर्यात का लक्ष्य लेकर कार्य कर रहे
मंदसौर/नीमच –  जैविक उत्पादों की वैश्विक मांग में तेजी से वृद्धि हो रही है । सरकार ने अगले तीन वर्षों के लिए जैविक उत्पादों के निर्यात हेतु 20,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसको लेकर सांसद गुप्ता ने लोकसभा में प्रश्न किया। उन्होने कहा कि सरकार ने नए विनियमों के साथ राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) का आठवां संस्करण जारी किया है।  अगले तीन वर्षों में वांछित लक्ष्य प्राप्त करने के लिए किसानों को जैविक खेती में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु क्या कदम उठाए जा रहे है। प्रश्न के जवाब में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि जैविक उत्पादों की वैश्विक मांग लगातार बढ़ रही है।  2018 में जहां 105.00 वैश्विक बाजार का मूल्य (बिलियन अमेरिकी डॉलर में) था वहीं 2022 तक 141 (बिलियन अमेरिकी डॉलर में) पर पहुंच गया। इसी के साथ ही भारत सरकार जैविक उत्पादों के निर्यात को बढ़ाने के लिए सकेंद्रित पहल कर रही है। भारत के उत्पादन आधार और जैविक उत्पादों की वैश्विक मांग के रुझान को देखते हुए, भविष्य में भारत में दुनिया के प्रमुख जैविक उत्पाद निर्यातक देशों में से एक बनने की क्षमता है। उन्होने बताया कि राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (एनपीओपी) का आठवां संस्करण दिनांक 9 जनवरी 2025 को औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया है। भारत सरकार परम्परागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) और पूर्वाेत्तर क्षेत्र के लिए जैविक मूल्य श्रृंखला विकास मिशन (एमओवीसीडीएनईआर) के माध्यम से देश में जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है। दोनों योजनाएं जैविक खेती में नियोजित किसानों को प्रारंभ से अंत तक सहायता प्रदान करने पर ध्यान केन्द्रित करती हैं अर्थात प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, उत्पादन, प्रसंस्करण, प्रमाणन, विपणन और कटाई-उपरांत प्रबंधन किसानों को दिया जा रहा है। उन्होने बताया कि भारत में अगले तीन वर्षों में जैविक उत्पादों के निर्यात को 20,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाने की क्षमता है क्योंकि अधिक से अधिक किसान जैविक खेती में प्रवेश कर रहे हैं। भारतीय किसानों को धीरे-धीरे जैविक खेती की ओर रुख करना चाहिए और घरेलू उत्पादन को बढ़ाना चाहिए तथा अंतर्राष्ट्रीय बाजार पर कब्जा करना चाहिए। वर्तमान में जैविक उत्पादों का निर्यात लगभग 5,000-6,000 करोड़ है जो अगले 3 वर्षों में 20,000 करोड़ तक पहुंच सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सहकारिता, कृषि और वाणिज्य मंत्रालय कौशल विकास और प्रशिक्षण, निर्यात सुविधा, विपणन और पैकेजिंग के माध्यम से किसानों और किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को समर्थन देकर जैविक खेती को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं।
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को जारी रखने को लेकर सांसद गुप्ता ने लोकसभा में किया प्रश्न
मंदसौर – सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को 2025-26 तक जारी रखने की स्वीकृति को लेकर लोकसभा में प्रश्न किया। उन्होने कहा कि इस योजना के उदेश्य और लक्ष्य के अंतर्गत कितना बजट स्वीकृत किया है। सरकार का विचार नवाचार और प्रौद्योगिकी निधि (एफआईएटी) स्थापित करने का है एफआईएटी के लक्ष्यों और उद्देश्यों के साथ इसकी मुख्य विशेषताएं क्या हैं।  उन्होने यह भी कहा कि सरकार ने इंडोनेशिया के साथ गैर-बासमती सफेद चावल के व्यापार के संबंध में समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए हैं। प्रश्न के जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2021-22 से वर्ष 2025-26 तक की अवधि हेतु 69,515.71 करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पी.एम.एफ.बी.वाई.) और रीस्ट्रक्चर्ड वेदर बेस्ड क्रॉप इंश्योरेंस स्कीम (आर.डब्ल्यू.बी.सी. आई.एस.) को वर्ष 2025-26 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है।उसरकार ने इस योजना के तहत तकनीकी पहलों को वित्तपोषित करने हेतु 824.77 करोड़ रुपये के कुल कॉर्पस के साथ सूचना और प्रौद्योगिकी के लिए फंड के निर्माण को भी मंजूरी दी है। एफ. आई.ए.टी. का उपयोग निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए किया गया है जिसके अंतर्गत   प्रौद्योगिकी नवाचारों जैसे यील्ड एस्टिमेशन थ्रू टेक्नॉलजी (यसटेक), वेदर इन्फर्मेशन नेटवर्क डेटा सिस्टम (विंड्स) आदि को फंड प्रदान करना,  प्रौद्योगिकी (जैसे ड्रोन, आई. ओ.टी., रिमोट सेंसिंग आदि) को वित्तपोषित करना और सब्सिडी देना , प्रोडक्ट सैंडबॉक्स दृष्टिकोण के तहत नए बीमा और जोखिम सुरक्षा समाधानों के नवाचार और विकास को वित्तपोषित करना एवं  प्रौद्योगिकी समाधानों में अनुसंधान और विकास एवं सुधार करना है। उन्होने बताया कि फसल क्षति और उपज नुकसान अनुमान, फसल पहचान और डिजिटलीकरण आदि के लिए अनुसंधान, डिजाइन और विकास पहल, जोखिम सुरक्षा उत्पादों और प्रौद्योगिकी समाधानों को आगे बढ़ाने के लिए शैक्षणिक, अनुसंधान और विकास संस्थानों को अनुदान देना। उन्होने बताया कि बासमती के अतिरिक्त सफेद चावल के व्यापार पर इंडोनेशिया के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर नहीं किए गए हैं।

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श्री पशुपतिनाथ जी के भंडार से निकला 22 लाख से अधिक का दान

श्री पशुपतिनाथ मंदिर की दान पात्र से प्राप्त दान राशि की गणना कार्य में  दि. 7 फरवरी 16 लाख 5 हजार 300 ₹ ।दि. 8 फरवरी 6 लाख 74 हजार 525 ₹ ।इस प्रकार 2 दिन की गणना कार्य में कुल 22 लाख 79 हजार 825 ₹ प्राप्त हुए।चांदी के आइटम 130 ग्राम विदेशी मुद्रा में नेपाल के 2 नोट मलेशिया का 1 नोट, गणना कार्य में प्राप्त हुआ। जिसमें शासकीय विभाग के कर्मचारी, जिला कोषालय, मंदिर सेवक, संस्कृत पाठशाला बटुक, जिला सहकारी बैंक आदि का सहयोग गणना कार्य में रहा।

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ब्रिज निर्माण के अधूरे कार्यों को समय सीमा में पूर्ण करें : कलेक्टर

लोक निर्माण विभाग एवं सेतु निगम के कार्यों की समीक्षा बैठक संपन्न

मंदसौर 07 फरवरी 25/ कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में लोक निर्माण विभाग एवं सेतु निगम के कार्यों की समीक्षा बैठक सुशासन भवन सभागार में आयोजित की गई। बैठक के दौरान कलेक्टर ने सेतु निगम के कार्यपालन यंत्री को निर्देश देते हुए कहा कि जिले में जितने में ब्रिज निर्माण के कार्य है, उनको जल्द समय सीमा में पूर्ण करें। इसके साथ ही जिन ब्रिजों का काम एजेंसी के कारण रुका हुआ है, उन पर टेंडर के अनुसार पेनल्टी लगाएं। ऐसे ब्रिज जिनका मेंटेनेंस करना है, उन पर तत्काल मेंटेनेंस का कार्य शुरू करें। संजीत रेलवे ब्रिज के शेष कार्य का तत्काल हल निकाले तथा पूर्ण करें। शिवना ब्रिज निर्माण कार्य में गति लाए। जितने भी निर्माण कार्य चल रहे हैं। उनकी समय सीमा तय करके पूर्ण करें। बिना कारण निर्माण कार्यों की अवधि ना बढ़ाएं।

सभी निर्माण विभाग अपने-अपने विभाग के निर्माण कार्यों की एक समीक्षा बैठक सभी जनप्रतिनिधियों के साथ प्रत्येक माह आयोजित करें। तथा जनप्रतिनिधियों को निर्माण कार्यों की जानकारी दें। पीडब्ल्यूडी विभाग सड़क निर्माण के ऐसे कार्य जिनका 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष कार्य को जल्द पूर्ण करें। मार्गो के सौंदर्यीकरण का कार्य करें। मल्हारगढ़ बस स्टैंड निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाएं तथा उस पर कार्य करें। स्टेट हाईवे के लिए सड़कों को चिन्हित करके प्रस्ताव बनाएं। सड़कों के मेंटेनेंस का कार्य समय पर पूर्ण करें। सड़कों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को रेंडमली चेक करवाए। जिले में जितने भी निर्माण कार्य चल रहे हैं उनकी प्रगति की रिपोर्ट समय-समय भेजें।

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गांधीसागर अभयारण्य में 17, 18 और 19 फरवरी को गिद्ध गणना

मध्य प्रदेश में पन्ना राष्ट्रीय उद्यान के बाद गांधीसागर अभ्यारण्य में दूसरे सबसे अधिक गिद्ध पाए जाते है

गांधीसागर अभयारण्य में गिद्ध गणना 2025 हेतु वनमण्डल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

मंदसौर 7 फरवरी 25/ वनमण्डल मंदसौर अंतर्गत गांधीसागर अभयारण्य में दिनांक 17, 18 और 19 फरवरी तक आयोजित होने वाली वर्ष 2025 की प्रदेश व्यापी गिद्ध गणना हेतु वनमंडल स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में वनमण्डलाधिकारी मंदसौर श्री संजय रायखेरे ने उपस्थित स्टाफ एवं वॉलंटियर्स को गिद्ध की पहचान एवं उनसे जुड़े रोचक तथ्यों को साझा किया। श्री रायखेरे ने बताया कि गिद्धों के संरक्षण के लिए एक अनुकूल वातावरण निर्मित किया जाना अनिवार्य है। जिसमें गिद्धों के भोजन हेतु अबाधित क्षेत्र सुनिश्चित किया जाना चाहिए। हाल ही में शासन ने गिद्धों के लिए हानिकारक वेटरनरी ड्रग डाइक्लोफिनेक के बाद निमेसुलाइड कॉम्बिनेशन के सभी ड्रग उत्पादों के उत्पादन एवं बिक्री पर रोक लगाई है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में पन्ना राष्ट्रीय उद्यान के बाद गांधीसागर अभ्यारण्य में दूसरे सबसे अधिक संख्या में गिद्ध पाए जाते हैं। गत वर्ष हुई गिद्ध गणना में संपूर्ण मंदसौर वनमण्डल में 850 गिद्ध पाए गए थे जिसमें अकेले गांधीसागर अभयारण्य में 800 से अधिक गिद्ध गणना में देखे गए। जिसमें लुप्तप्राय प्रजातियां जैसे इंडियन वल्चर, किंग वल्चर शामिल हैं। इनके अतिरिक्त प्रवासी गिद्ध प्रजातियां जैसे यूरेशियन ग्रिफोन, सिनेरियस गिद्ध भी बड़ी मात्रा में देखे गए।

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मंदसौर डाक संभाग में महामेले का आयोजन किया गया

मंदसौर 7 फरवरी 25/ डाकघर अधिक्ष‍क श्री जगदीश प्रसाद द्वारा बताया गया कि 5 फरवरी को कुशाभाउ ठाकरे प्रेक्षाग्रह में ग्रामीण डाक जीवन बीमा के महामेले का आयोजन किया गया । जिसके मुख्‍य अतिथि पोस्‍टमास्‍टर जनरल, म.प्र. परिमंडल, भोपाल श्री विनित माथुर एवं विशेष अतिथि पोस्‍टमास्‍टर जनरल, इंदौर परिक्षेत्र सुश्री प्रीती अग्रवाल थे । मुख्‍य अतिथि द्वारा आमजन को बेहतर विभागीय सेवायें जैसे आधार, पासपोर्ट सेवा, डाकघर बचत बैंक, आईपीपीबी, सुकन्‍या समृध्दि योजना, मर्चेट अकाउंट, डाक जीवन बीमा, आदि की जानकारी दी गई एवं विशेष अतिथि द्वारा जिले की 0-10 वर्ष आयु तक की समस्‍त बालिकाओं के सुकन्‍या समृध्दि योजना के खाते खुलवाकर भारत सरकार की इस महत्‍वकांक्षी योजना का लाभ उठाने हेतु आव्‍हान किया गया । इस कार्यक्रम में डाकघर अधिक्षक श्री जगदीश प्रसाद, सहाय‍क अधिक्ष‍क श्री अशोक कुमार जखोड़े, श्रीमती मनीषा मीणा, कार्यालय पर्यवेक्षक, समस्‍त उपसंभागीय प्रमुख, समस्‍त ग्रामीण डाक सेवक एवं कर्मचारी उपस्थित थे ।

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जिला स्‍तरीय रोजगार मेले का आयोजन 19 फरवरी को गरोठ में होगा

मंदसौर 7 फरवरी 25/ कलेक्‍टर श्रीमती अदिती गर्ग द्वारा बताया गया कि जिला स्‍तरीय रोजगार मेले का आयोजन 19 फरवरी को प्रात: 11:00 बजे शासकीय एस. एन. उदिया महाविद्यालय परिसर गरोठ में किया जाएगा ।

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सिलाई मशीन का निः शुल्क प्रशिक्षण 10 फरवरी से प्रारंभ

मंदसौर 7 फरवरी 25/ ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान मंदसौर द्वारा महिलाओ के लिए कपड़ा सिलाई का प्रशिक्षण बैच 10 फरवरी 2025 सोमवार से शुरू होगा। प्रशिक्षण इच्छुक प्रत्याशी अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते है। रजिस्‍ट्रेशन के लिए अपने साथ दो फोटो, आधार कार्ड, राशन कार्ड, समग्र आईडी कार्ड, अंतिम मार्कशीट और बैंक खाते की डिटेल फोटो प्रति लेकर आवे एवं इसका लाभ उठावें । ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान सर्किट हाउस से पहले, नई आबादी थाने के पास मंदसौर। मोबाइल नंबर 7999852839, 8435806297 पर सम्‍पर्क कर सकते है ।

मध्यप्रदेश को लगातार 7 बार मिले हैं कृषि कर्मण अवार्ड

मंदसौर 7 फरवरी 25/ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयास से कृषि के क्षेत्र में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। मध्यप्रदेश को वर्ष 2011-12 से 2017-18 तक लगातार 7 बार कृषि कर्मण अवार्ड से पुरस्कृत किया गया है। मध्यप्रदेश वर्ष- 2011-12, 2012-13 एवं 2014-15 में कुल खाद्यान्न केटेगरी के लिए, वर्ष- 2013-14, 2015-16 एवं 2016-17 में गेहूं फसल के लिये और वर्ष 2017-18 में दलहन फसल के लिये कृषि कर्मण अवार्ड से पुरस्कृत किया गया है। वर्ष- 2022 में मध्यप्रदेश के भू-अभिलेखों के एकीकरण के लिये केन्द्र सरकार द्वारा फसल बीमा योजनांतर्गत उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किया गया है।

प्रदेश में गेहूं, उड़द, मसूर, सोयाबीन, अलसी, फसलों का क्षेत्राच्छादन सबसे अधिक है। मक्का और तिल के उत्पादन में मध्यप्रदेश प्रथम स्थान पर है।

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औद्योगिक विकास के नये युग की ओर अग्रसर मध्यप्रदेश : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में पहली बार होंगी सेक्टर वाइस समिट

विशेषज्ञ, नीति निर्माता और निवेशक होंगे एक मंच पर

मंदसौर 7 फरवरी 25/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। निवेशकों को अधिक प्रभावी अवसर देने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य के प्रमुख 6 सेक्टर्स पर केंद्रित समिट के आयोजन की महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। यह पहली बार होगा जब हर सेक्टर के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और निवेशक एक मंच पर आकर विशेषज्ञ चर्चाओं, अवसरों और नीतिगत सुधारों पर संवाद करेंगे। इससे निवेश प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाया जा सकेगा।

देश का आकर्षक डेस्टिनेशन बनता मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की अद्वितीय भौगोलिक स्थिति, समृद्ध प्राकृतिक संसाधन, विकसित बुनियादी ढांचा और उद्योग-अनुकूल नीतियां इसे निवेश के लिए देश का सबसे आकर्षक डेस्टिनेशन बनाती हैं। शहरी विकास, पर्यटन, माइनिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, आईटी और एमएसएमई, ये सभी क्षेत्र अपनी असीमित संभावनाओं और अनुकूल वातावरण से निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। मध्यप्रदेश न केवल देश का पहला डायमंड प्रोड्यूसिंग स्टेट है, बल्कि ग्रीन एनर्जी हब, विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र और उभरते हुए टेक्नोलॉजी हब के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। इन विभागीय समिट से सरकार निवेशकों को नीतिगत प्रोत्साहन, संसाधनों की उपलब्धता और औद्योगिक ईको सिस्टम की मजबूती से अवगत कराएगी। इससे जीआईएस में होने वाली चर्चाएं वास्तविक निवेश प्रस्तावों में तब्दील हो सकेंगी।

शहरी विकास समिट

मध्यप्रदेश का शहरी बुनियादी ढांचा तेजी से सुदृढ़ हो रहा है। राज्य की स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, मेट्रो रेल प्रोजेक्ट और लॉजिस्टिक्स हब इसे एक आदर्श रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश डेस्टिनेशन बना रहे हैं। जीआईएस में शहरी विकास समिट के माध्यम से स्मार्ट और सतत् शहरों के निर्माण पर केंद्रित चर्चा होगी, जिससे नवाचार और आधुनिक शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।

पर्यटन समिट

मध्यप्रदेश को ‘भारत का दिल’ कहा जाता है और इसके धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौन्दर्य से पूर्ण पर्यटन क्षेत्र पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। खजुराहो, उज्जैन, साँची, पचमढ़ी, कान्हा और बांधवगढ़ जैसे विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर उपलब्ध कराने के लिये तैयार हैं। पर्यटन समिट में हॉस्पिटैलिटी, थीम-बेस्ड डेस्टिनेशन और एडवेंचर टूरिज्म में निवेश को बढ़ावा देने के लिए गहन चर्चा होगी।

माइनिंग समिट

मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। यह देश में डायमंड, लाइमस्टोन, बॉक्साइट, कोयला, मैंगनीज और तांबे का प्रमुख उत्पादक है। पन्ना स्थित एशिया की एकमात्र डायमंड माइंस और विशाल कोयला भंडार राज्य को माइनिंग इंडस्ट्री के लिए एक आदर्श डेस्टिनेशन बनाते हैं। जीआईएस में माइनिंग समिट से खनन आधारित उद्योगों, मूल्यवर्धित प्र-संस्करण और नीतिगत प्रोत्साहनों पर चर्चा होगी।

रिन्यूएबल एनर्जी समिट

मध्यप्रदेश ग्रीन एनर्जी हब बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। रीवा सोलर प्लांट, ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और ग्रीन हाइड्रोजन में हो रहे विकास इसे नवकरणीय ऊर्जा निवेशकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। जीआईएस में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी समिट में सौर, पवन और हाइड्रोजन ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश के लिए ठोस रणनीतियां प्रस्तुत की जाएंगी।

आईटी एंड टेक्नोलॉजी समिट

मध्यप्रदेश अब टेक्नोलॉजी और डिजिटल इनोवेशन का केंद्र बन रहा है। इंदौर आईटी हब, डेटा सेंटर पॉलिसी, स्टार्ट-अप ईको सिस्टम और उभरते एआई और साइबर सिक्योरिटी क्षेत्रों में तेजी से निवेश आ रहा है। जीआईएस में आईटी समिट के माध्यम से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आईटी पार्क और नई टेक्नोलॉजीज पर निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया जाएगा।

एमएसएमई समिट

मध्यप्रदेश का एमएसएमई सेक्टर राज्य की आर्थिक रीढ़ है, जहां लाखों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम कार्यरत हैं। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना, नए क्लस्टर और निर्यात प्रोत्साहन नीतियां इसे निवेश के लिए एक डेस्टिनेशन बना रही हैं। एमएसएमई समिट में उद्योगों को वित्तीय सहयोग, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और नए बाजारों तक पहुंच को लेकर चर्चा होगी।

प्रवासी समिट

मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीयों को प्रदेश के उद्योग, स्टार्ट-अप, पर्यटन, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया है। यह समिट न केवल राज्य की आर्थिक प्रगति में प्रवासी भारतीयों की भागीदारी सुनिश्चित करेगा, बल्कि मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीय समिट का उद्देश्य विश्वभर में बसे मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों को एक मंच पर लाना और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने के साथ ही मध्यप्रदेश के विकास में प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। साथ ही समिट मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों को अपनी जड़ों से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर भी मिलेगा। इन विभागीय समिट से सरकार मध्यप्रदेश में निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है। जीआईएस के इस नए स्वरूप से न केवल उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर भी सृजित होंगे। मध्यप्रदेश अब सिर्फ निवेश का केंद्र नहीं, बल्कि भारत के औद्योगिक भविष्य का निर्माण करने वाला प्रमुख राज्य बन रहा है।

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समर्थन मूल्य पर गेहूँ की बिक्री के लिए 62 हजार से अधिक किसानों ने कराया पंजीयन

गेहूँ उपार्जन के लिये 31 मार्च तक होगा पंजीयन-खाद्य मंत्री श्री राजपूत

मंदसौर 7 फरवरी 25/ खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि अभी तक 62 हजार 77 किसानों ने पंजीयन कराया है। किसान 31 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। उन्होंने बताया है कि वर्ष 2025-26 के लिए गेहूँ का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपये घोषित किया गया है। यह गत वर्ष से 150 रूपये अधिक है। मंत्री श्री राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि गेहूँ की विक्री के लिए समय-सीमा में पंजीयन जरूर करायें।

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ की बिक्री के लिए जिला बुरहानपुर में 2, बड़वानी में 17, खरगोन में 189, खंडवा में 339, अलीराजपुर में 13, झाबुआ में 776, धार में 4202, इंदौर में 9381, नीमच 134, मंदसौर 362, आगर-मालवा में 823, शाजापुर में 3710, देवास में 4035, रतलाम में 2211, उज्जैन में 11344, ग्वालियर में 55, शिवपुरी में 23, गुना में 23, दतिया में 142, अशोकनगर में 6, भिंड में 4, मुरैना में 96, श्योपुर में 43, छिंदवाड़ा में 157, सिवनी में 61, डिंडौरी में 21, कटनी में 14, नरसिंहपुर में 215, मंडला में 353, हरदा में 173, बैतूल में 362, नर्मदापुरम में 1793, विदिशा में 1563, राजगढ़ में 1096, रायसेन में 1969, भोपाल में 1975, सीहोर में 12596, सतना में 48, सीधी में 75, रीवा में 44, सिंगरौली में 19, मैहर में 3, उमरिया में 64, अनूपपुर में 9, शहडोल में 239, पन्ना में 37, सागर में 419, दमोह में 124, छतरपुर में 289, निवाड़ी में 88 और टीकमगढ़ में 341 किसानों ने पंजीयन कराया है।

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केसरिया जागृति मंच का तृतीय राष्ट्रीय अधिवेशन स्थापना दिवस 9 फरवरी को
मंदसौर। केसरिया जागृति मंच अपना तृतीय राष्ट्रीय अधिवेशन स्थापना दिवस 9 फरवरी 2025 को भोपाल में सुबह 10बजे 4 बजे तक सेंट्रल पार्क में मनाने जा रहा है जिसमें पूरे भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों के कार्यकर्ता अपनी अपनी सहभागिता के लिए आ रहे हैं और मंदसौर से भी कार्य करता भारी संख्या में पहुंच रहे हैं केसरिया जागृति मंच के संस्थापक नीतू सुशांत व ब्रांड प्रतिनिधि सुधा फरक्या ने बताया कि आप लोग अपने सनातन धर्म संस्कृति को जीवनदान देने के लिए उसकी रक्षा के लिए सभी तो नहीं आ सकते लेकिन कुछ लोग समाज की अगली पंक्ति में खड़े होकर समाज की कुर्तियां के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी जिससे सनातन धर्म का अखंड दीप प्रज्वलित होता रहे भारत माता के प्राण में ज्योति जलती रहे प्रदेश सचिव सीमा नगर व शकुंतला सोनी ने भी अपील की है कि जो भी कार्यकर्ता रह गए हैं वह भी समय पर अधिवेशन में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे
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सीए ब्रांच का ई न्यूज लेटर प्रकाशित

मन्दसौर। सीए मंदसौर ब्रांच का जनवरी माह के ई न्यूज लेटर का विमोचन गरिमामय कार्यक्रम में किया गया।

चेयरमेन सीए दिनेश जैन ने बताया कि न्यूज लेटर में कई महत्वपूर्ण जानकारी व आलेख है, आपने बताया कि सीए नयन जैन के नेतृत्व में पहली बार मंदसौर शाखा द्वारा मासिक ई न्यूज लेटर संपादक सीए जमीला लोखंडवाला, सीए प्रज्वी आयुष जैन द्वारा प्रकाशित किया जा रहा है।

इस अवसर पर आईसीएआई मोटो सांग का वाचन सीए अर्पित नागर ने किया। कार्यक्रम में सीए राजेश मण्डवारिया, सीए वीरेन्द्र जैन, सीए विकास भण्डारी, सीए राजेश जैन, सीए आशीष जैन, सीए अर्पित नागदा, सीए विनय अग्रवाल, सीए नितेश भदादा, सीए अर्पित मेहता, सीए मयंक जैन, सीए योगेन्द्र जैन, सीए चेतन गुप्ता, सीए सिद्धार्थ अग्रवाल, सीए अंकित श्रीमाल, सीए भानु प्रताप नीमे, सीए कुलदीप पाटीदार, सीए रचित जैन, सीए श्याम ललवानी आदि उपस्थित थे। संचालन सीए आयुष जैन ने किया ।

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