
सात मातृशक्तियों ने किया रक्तदान, सेवा और ममता के अनूठे संगम ने जीता सबका दिल
ताल ब्यूरो चीफ शिवशक्ति शर्मा
स्वर्गीय महिपाल सिंह डोडिया (बंटी लाला) की पावन स्मृति में आयोजित रक्तदान शिविर में उस समय भावुक और प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला, जब समाज की सात मातृशक्तियों ने आगे बढ़कर रक्तदान किया। घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ सामाजिक सरोकारों को निभाते हुए इन महिलाओं ने रक्तदान कर मानव सेवा की अनूठी मिसाल पेश की।
रक्तदान को महादान कहा जाता है और जब मातृत्व की ममता किसी अनजान जरूरतमंद के जीवन को बचाने के लिए रक्तदान के रूप में सामने आती है, तो उसका महत्व और भी बढ़ जाता है। शिविर में सात मातृशक्तियों द्वारा किए गए रक्तदान से यह संदेश स्पष्ट हुआ कि नारी केवल सृजन की शक्ति ही नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और साहस की भी प्रतीक है।
इन मातृशक्तियों ने सामाजिक झिझक और संकोच को पीछे छोड़ते हुए सात यूनिट रक्तदान किया। उनका यह रक्त किसी थैलेसीमिया पीड़ित मासूम के जीवन में मुस्कान ला सकता है, किसी जरूरतमंद मरीज की सांसों को सहारा दे सकता है अथवा किसी परिवार के लिए जीवन की नई उम्मीद बन सकता है।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि रक्त की एक-एक बूंद किसी के लिए जीवन का आधार बन सकती है। ऐसे में मातृशक्ति द्वारा आगे बढ़कर रक्तदान करना समाज के लिए प्रेरणादायी संदेश है।
रक्तदान शिविर में महिलाओं की इस सहभागिता ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। हेल्पिंग हैंड्स ग्रुप एवं टीम ने रक्तदान करने वाली सभी मातृशक्तियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उनके सेवाभाव को नमन किया।
इस अवसर पर यह संदेश भी सामने आया कि—
“ममता जब सेवा बन जाए,
संवेदना जब साहस बन जाए,
और रक्त की एक बूंद किसी की जिंदगी बचा जाए—
तभी मानवता अपने सबसे सुंदर रूप में दिखाई देती है।”
रक्तदान करने वाली सभी मातृशक्तियों को हेल्पिंग हैंड्स ग्रुप एवं टीम की ओर से चरण वंदन एवं कोटि-कोटि नमन किया गया।



