जिले में चलने वाले स्टिंबर से जिम्मेदार अधिकारी बेखबर
लाइसेंस जारी करके सुरक्षा उपकरण पर नहीं जिम्मेदार का ध्यान
पिपल्या जौधा () खात्याखेड़ी रुटपर चलने वाले स्टिंबर में कोई सेफ्टी उपकरण नहीं होते हैं अगर सेफ्टी उपकरण होते तो पानी में गिरने वाली युवती को बचाया जा सकता था पर उपकरण के अभाव में गई नव युवती कि जान इससे भी बड़ा सवाल क्या जिम्मेदार अधिकारी कभी ईस ओर ध्यान देते है या जांच के नाम सिर्फ खानापूर्ति करते हैं अर्निया जटिया तरफ चलने वाले स्टिंबर में भी जरूरत से अधिक सवारियां लादी जाती है तथा हिंगोरियाबड़ा तरफ चलने वाले स्टिंबर में तो जरुरत से अधिक सवारियां व मोटरसाइकिल भरी जाती है जिससे कभी भी और अधिक बड़ा हादसा हो सकता है बताया जाता है कि ईन मोटर बोट मालिको द्वारा कई दफा सवारियों से अभद्रता व बत्तमिजी भी कि जाती है पर मजबुरी के चलते राहगीर कुछ बोल नहीं पाते है पर जिम्मेदार ईस ओर कोई ध्यान आकर्षित नहीं करते हैं साथ ही ईन बोट संचालको कि गतिविधियां तस्करी को लेकर भी संदिग्ध रही है। ईस ओर भी प्रशासन को ध्यान आकर्षित करना चाहिए।

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