समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 10 अप्रैल 2026 शुक्रवार

ढोढर एवं रिंगनोद में आज से गेहूं उपार्जन प्रारंभ
रतलाम : गुरूवार, अप्रैल 9, 2026,

शासन के निर्देशानुसार आज जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन का कार्य जावरा क्षेत्र की रिगनोद एवं ढोढर से प्रारंभ हो गया है। ढोढर के सांवलिया वेयरहाउस एवं रिंगनोद समिति अंतर्गत श्री कृष्ण वेयरहाउस पर गेहूं खरीदी शुरू कर दी गई है। केन्द्र पर आने वाले किसानों का पुष्पहार पहनाकर स्वागत किया गया ।
जिला प्रशासन द्वारा किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय पर अपने स्लॉट अनुसार केंद्र पर पहुंचकर गेहूं विक्रय करें एवं शासन की योजना का लाभ उठाएं।
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जनगणना 2027 हेतु तकनीकी सहायकों की आउटसोर्स भर्ती, आवेदन आमंत्रित
रतलाम : गुरूवार, अप्रैल 9, 2026
आगामी जनगणना 2027 के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए तकनीकी सहायकों की आउटसोर्स भर्ती सेडमैप के माध्यम से की जा रही है।
तकनीकी सहायक पद हेतु अभ्यर्थी का स्नातक उत्तीर्ण होना एवं सीपीसीटी उत्तीर्ण प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। चयनित अभ्यर्थियों को जनगणना से जुड़े समस्त तकनीकी एवं डिजिटल कार्यों में सहयोग प्रदान करना होंगे । साथ ही मोबाइल आधारित डाटा संग्रह, वेब पोर्टल, माइक्रोसॉफ्ट वर्ड, माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल, माइक्रोसॉफ्ट पॉवरपॉइंट एवं इंटरनेट के उपयोग का ज्ञान होना आवश्यक है।
तकनीकी सहायक की नियुक्ति जनवरी 2026 से जून 2027 तक की अवधि के लिए की जाएगी ।
इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी https://cedmapindia.zohorecruit.in/jobs/Careers/86090000026846763/%E0%A4%A4%E0%A4%95%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%B8%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%AF%E0%A4%95-Techinical-Assistant-Jangarna-Ratlam-?source=CareerSite� लिंक के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं
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सहायक संचालक ने वन स्टॉप सेंटर व आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया
रतलाम : गुरूवार, अप्रैल 9, 2026,

महिला एवं बाल विकास संचालनालय से सहायक संचालक श्री आनंद शिवहरे द्वारा रतलाम जिले के भ्रमण के दौरान वन स्टॉप सेंटर व आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया गया। सहायक संचालक श्री शिवहरे द्वारा वन स्टॉप सेंटर सहित तीन आंगनवाड़ी केंद्रों एवं सक्षम आंगनवाड़ी केंद्र का अवलोकन कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान श्री शिवहरे ने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए तथा सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने पर जोर दिया।
भ्रमण के दौरान पोषण पखवाड़ा अंतर्गत भारत सरकार द्वारा आयोजित लाइव प्रसारण कार्यक्रम को भी देखा एवं उपस्थित हितग्राहियों को पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाने हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर पात्र हितग्राहियों को अधिकतम लाभ पहुंचाया जाए।
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गेहूं उपार्जन की निगरानी के लिए दल का गठन
रतलाम : गुरूवार, अप्रैल 9, 2026,
अपर कलेक्टर डॉ शालिनी श्रीवास्तव द्वारा उपार्जन नीति एवं मण्डी अधिनियम के तहत गेंहूँ उपार्जन अवधि के दौरान उपार्जन केन्द्रों में अवैध रूप से बिक्री हेतु लाई जाने वाली गेंहूँ की रोकथाम हेतु दल का गठन किया गया है।
गठित दल के अनुसार विकासखंड रतलाम शहर के लिए तहसीलदार श्री रिषभ ठाकुर, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री मुकेश चौहान , मंडी निरीक्षक श्री अमर सिंह गेहलोत ,अनुविभागीय अधिकारी कृषि श्री नानसिंह मंडलोई को नियुक्त किया। विकास खण्ड रतलाम ग्रामीण के लिए तहसीलदार श्री आशीष उपाध्याय , कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री मुकेश चौहान, मंडी निरीक्षक श्री शंभु सिंह सोलंकी , अनुविभागीय अधिकारी कृषि श्री नानसिंह मंडलोई नियुक्त किया। विकासखंड जावरा के लिए तहसीलदार श्री पारस वैश्य ,कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री मोहित मेघवंशी, उपनिरीक्षक श्री कृष्णपाल सिसोदिया , वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री के. आर. खेड़े को नियुक्त किया। विकासखंड आलोट के लिए तहसीलदार श्री पंकज पवैया ,कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्रीमती कादम्बिनी धकाते़ ,मंडी निरीक्षक श्री विनोद कुमार जैन, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री नितेश सांगित्रा को नियुक्त किया। विकासखंड सैलाना के लिए तहसीलदार श्री कुलभूषण शर्मा, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री मोहित मेघवंशी, मंडी निरीक्षक श्री मुकेश ग्रेवाल, अनुविभागीय अधिकारी कृषि श्री नानसिंह मंडलोई को नियुक्त किया गया।
गठित दल व्यापारियों द्वारा रखे गये गेंहू के स्टाक का भौतिक रूप से सत्यापन कर कलेक्टर(खाद्य) शाखा को प्रस्तुत करेंगे।
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कालिका माता मंदिर लोक और विरुपाक्ष महादेव मंदिर नए स्वरूप में विकसित होगा
कैबिनेट मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने जनप्रतिनिधियों और कलेक्टर के साथ बैठक की
रतलाम : गुरूवार, अप्रैल 9, 2026,

राज्य शासन द्वारा रतलाम जिले में कालिका माता मंदिर लोक और विरुपाक्ष महादेव मंदिर बिलपांक को नए स्वरूप में विकसित करने संबंधी कार्य योजना तैयार की गई है। इस संबंध में कैबिनेट मंत्री एवं सूक्ष्म ,लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री श्री चैतन्य काश्यप मध्यप्रदेश शासन, विधायक रतलाम ग्रामीण श्री मथुरालाल डामोर, महापौर श्री प्रहलाद पटेल, कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी की उपस्थिति में बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान इंजीनियर ने रतलाम शहर के कालिका माता मंदिर परिसर और विरुपाक्ष महादेव मंदिर बिलपांक को नए स्वरूप में विकसित करने हेतु नक्शा एवं आमजन को आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तार से प्रेजेंटेशन दिया। कार्य योजना के अनुसार रतलाम शहर के झाली तालाब के आसपास सुंदर डेकोरेशन लाइटिंग एवं दुर्गा माता के 9 स्वरूपों की आकर्षक झांकी तैयार की जाएगी। आने जाने वाले लोगों के लिए सुलभ रूप में दर्शन व्यवस्था, पार्किंग व्यवस्था, फूड् जोन, बैठने की व्यवस्था, लाइटिंग व्यवस्था, झाली तालाब का सौंदर्यकरण, बाउंड्री वॉल, श्रद्धालुओं के लिए गरबा स्थल की व्यवस्था, पेड़ पौधों को आकर्षक रूप से सुसज्जित करने, आदि के संबंध में विस्तार से चर्चा कर कार्ययोजना बनाई गई। कालिका माता मंदिर लोक का निर्माण होने के बाद परिसर अपने नए स्वरूप में निखरेगा। कालिका माता मंदिर परिसर में मेला लगने के उचित स्थान की व्यवस्था, दुकानों की व्यवस्था आदि के संबंध में भी कार्य योजना तैयार की गई। विरुपाक्ष महादेव मंदिर बिलपांक के मंदिर में मुख्य मंदिर तथा आसपास के चारों मंदिर का आवश्यक सुधार कार्य करते हुए नवीनीकृत किया जाएगा। मंदिर के आसपास परकोटा बनेगा। आमजन की सुविधा अनुसार मंदिर के दर्शन लिए आवागमन की व्यवस्था, पार्किंग की व्यवस्था, आसपास की सभी सड़कों से आवागमन की व्यवस्था आदि की कार्य योजना बनाई गई। दांतोडिया रोड से ग्राम मऊ फंटा तक का डेढ़ किलोमीटर का मार्ग पीडब्ल्यूडी के सहयोग से बनाने के संबंध में चर्चा की गई। कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने विकास कार्य संबंधित क्षेत्र के अतिक्रमण की स्थिति आबादी की स्थिति, निजी भूमि की स्थिति, शासकीय भूमि की स्थिति एवं कार्य में होने वाले व्यय का आकलन संबंधित अधिकारियो एंव इंजिनीयर को 14 अप्रैल तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान बिलपांक के समाजसेवी श्री अशोक पाटीदार, एसडीएम रतलाम ग्रामीण श्री विवेक सोनकर, तहसीलदार श्री आशीष उपाध्याय, परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण श्री अरुण कुमार पाठक , सब इंजीनियर पुरातत्व विभाग इंदौर श्री अंकित चौहान , मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग से श्री राजकुमार रघुवंशी, आर्किटेक्ट श्री सागर जगवानी, कार्यपालिका यंत्री मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग श्री मनीष डहरिया उपस्थित थे।
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पीएनजी गैस कनेक्शन देने के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित
रतलाम : गुरूवार, अप्रैल 9, 2026

पीएनजी नेटवर्क बढ़ाने तथा अधिकाधिक उपभोक्ताओं को पीएनजी गैस कनेक्शन देने के संबंध में अपर कलेक्टर डॉ शालिनी श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आज 09 अप्रैल को समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें गुजरात गैस के अधिकारी एवं जिला आपूर्ति अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में पीएनजी कनेक्शन हेतु कैम्प लगाने तथा व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये गये। रतलाम तथा जावरा नगर के सभी व्यवसायिक उपभोक्ताओं को भी पीएनजी कनेक्शन देने के निर्देश दिये गये है।
बैठक में बताया गया कि खाना पकाने के लिए पाइप लाइन प्राकृतिक गैस सुरक्षित, भरोसेमंद और किफायती है। रतलाम शहर में लगभग 30 प्रतिशत जगह में भूमिगत नेचुरल गैस पाइपलाइन का नेटवर्क उपलब्ध है, इनमें से प्रमुख जगह जैसे- प्रताप नगर, सम्यक रेसीडेंसी, मिड टाउन कॉलोनी, मंगलम सिटी, साईं नाथ सोसाइटी, मानसरोवर सोसाइटी, सम्यक गोल्ड सोसाइटी, बापू नगर, कुली कॉलोनी, होमगार्ड कॉलोनी, लोटस सिटी, बोहरे की चाल, महावीर नगर, आनंद कॉलोनी, रहमत नगर, अरिहंत परिसर, विक्रम नगर, वीआईपी रोड, गंगा सागर, अंजनी धाम, राजबाग, सनसिटी, सज्जन विहार, कोमल नगर, इंद्रलोक नगर, विनोबा नगर, राजीव नगर, पूनम विहार में गैस पाइपलाइन का नेटवर्क उपलब्ध है।
पीएनजी गैस कनेक्शन के द्वारा प्राकृतिक और पर्यावरण अनुकूल बना रहता है, सुविधाजनक (न बुकिंग की टैंशन, न उठाने और रखने की परेशानी), एलपीजी सिलेंडरों द्वारा घेरी जाने वाली जगह भी बच जाती है। किफायती (उपयोगकर्ता से उपयोग की गई पीएनजी की मात्रा के अनुसार शुल्क लिया जाता है। 24×7 सप्लाई (पाइपलाइन के माध्यम से लगातार असीमित सप्लाई), सुरक्षित, क्योंकि पाइप से सप्लाई होती है तो कोई स्टोरेज नहीं, हवा से हल्की होने की वजह से लीक होने में एलपीजी की तरह जमाव नहीं होता, कंपनी द्वारा 3 सुरक्षा वाल्व लगा कर दिए जाते है।
पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए गुजरात गैस लिमिटेड कंपनी की वेबसाइट एवं क्यूआर कोड से या 07412-230292 नंबर में कॉल करके कनेक्शन प्राप्त कर सकते है।
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हुक्की/देवीसिंह के लाडले ने जीती जंग एस एन सी यू रतलाम में गंभीर अवस्था में भर्ती ’ नवजात अब उपचार के बाद स्वस्थ
रतलाम : गुरूवार, अप्रैल 9, 2026,

जन कल्याणकारी सरकार द्वारा आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए शासकीय अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं एवं चिकित्सा उपकरणों की सुविधाएं निरंतर प्रदान की जा रही है। जिससे की गरीब और जरूरतमंद व्यक्तियों का समय पर उपचार कर उन की जान बचाई जा सके। सिविल सर्जन डॉ एम एस सागर ने बताया कि शासकीय अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं एवं चिकित्सा सुविधाओ से प्रीमेच्योर नवजात की जान बचाई गयी। हुक्की पति देवीसिंह निवासी कांग्सी को प्रसव पीड़ा के साथ रतलाम के एमसीएएच इकाई में भर्ती किया था। महिला की डिलीवरी 3 माह पूर्व ’26’ सप्ताह में 5 फरवरी को हुई थी । डिलिवरी के बाद बच्चे का अत्यधिक कम वजन और, प्रीमेच्योर एवं सांस लेने में दिक्कत के चलते एनबीसीसी नर्स द्वारा एसएनसीयू में भर्ती कराया गया। बच्चे का वजन मात्र 700 ग्राम था । बच्चे को एसएनसीय रतलाम में भर्ती किया गया भर्ती के समय बच्चे की स्थिति अत्यधिक गंभीर बनी हुई थी, क्योंकि नवजात के फेफड़े पूरी तरह परिपक्व नहीं हुए थे।
सिविल सर्जन डॉ एम एस सागर के मार्गदर्शन में बच्चे का फैसिलिटी बेस्ड नियो नेटल केयर गाइडलाइंस अनुसार उपचार शुरू किया गया। बच्चे को भर्ती उपरांत सीपीएपी मशीन द्वारा ऑक्सीजन प्रदाय किया गया एवं बाद में नेजल प्रॉन्स से ऑक्सीजन प्रदाय की गई। प्रोटोकॉल अनुसार चिकित्सीय प्रबंधन जारी रखा। बच्चे को बार बार एप्नीया (सांस रोक लेना) की स्थिति बनती रही जो कि प्रोटोकाल अनुसार मैनेज की गई। बच्चे की खून की जांचे कराई गई एवं बच्चे को आवश्यक उपचार शुरू किया गया। भर्ती के कुछ दिनों बाद नवजात शिशु को एनीमिया ऑफ प्रीमैच्योरिटी का सामना करना पड़ा जिसके चलते उसका ब्लड ट्रांसफ्यूजन किया गया। स्थिति में थोड़ा सुधार होने लगा तभी आवश्यक उपचार के साथ साथ निगरानी में नली द्वारा कम मात्रा में मां का दूध शुरू किया गया एवं दिन प्रतिदिन दूध पिलाने की मात्रा बढ़ाई गई । माता को बच्चे की देखभाल में सहायक बनाया गया एवं प्रतिदिन कंगारू मात्र देखभाल कराई गई। उपचार में काफी सहायता मिली और बच्चे का वजन भी बढ़ना शुरू हुआ । करीब 61 दिन तक बच्चा एस एन सी यू में भर्ती रहा । हुक्की द्वारा अपने बच्चे को प्रतिदिन अधिक से अधिक केएमसी कराई जाती थी । नवजात की आंखों की जांच भी कराई गई।
नवजात का एसएनसीयू में इन्फेक्शन प्रिवेंशन का भी कड़ाई से पालन किया गया। नवजात का पूरी तरह स्वस्थ होने, वजन में वृद्धि एवं माता द्वारा दूध एवं अन्य देखभाल में सक्षम होने उपरान्त 7 अपै्रल को ’61’ दिन बाद डिस्चार्ज किया गया। डिस्चार्ज के समय बच्चे का वजन ’1300 ग्राम था।
बच्चे के परिजनों ने जन कल्याणकारी सरकार एवं शासकीय अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने वाले सिविल सर्जन डॉ एम एस सागर सहित स्वास्थ्य कर्मियों का आभार व्यक्त किया।
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कृषि, परंपरा और नवाचार के समन्वय से मध्यप्रदेश बना कृषि विकास का अग्रणी राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कृषि आजीविका का साधन ही नहीं, भारतीय संस्कृति और जीवन पद्धति का है मूल आधार किसानों को आधुनिक तकनीक से वैज्ञानिक खेती और बेहतर मार्केट लिंकेजेस से सशक्त कर रही है राज्य सरकार किसानों के अनुभव, विज्ञान के नवाचार, सरकार की नीतियों और बाजार की संभावनाओं को एक सूत्र में पिरोने का सशक्त प्रयास है कृषि मंथन कार्यशाला “समृद्ध किसान-समृद्ध मध्यप्रदेश” की थीम के साथ पूरे वर्ष प्रदेश में मनाया जा रहा है कृषि उत्सव राज्य सरकार खेती को लाभकारी बनाने के लिए संकल्पित भाव से बढ़ रही है आगे मध्यप्रदेश देश में सर्वाधिक प्राकृतिक खेती करने वाला राज्य मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 10 स्टा-र्टअप उद्यमियों को प्रशिस्त-पत्र किए वितरित 23 करोड़ रूपये से अधिक लागत के निर्माण कार्यों की दी सौगातें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जबलपुर में कृषि मंथन कार्यशाला को किया संबोधित
रतलाम : गुरूवार, अप्रैल 9, 2026,
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। मध्यप्रदेश में कृषि और कृषि से जुड़े व्यवसायों को सह अस्तित्व की दृष्टि से बड़े सम्मान के साथ देखा गया है। समृद्ध किसान-समृद्ध मध्यप्रदेश की थीम के साथ पूरे वर्ष प्रदेश में कृषि उत्सव मनाया जा रहा है। कृषि के माध्यम से हमें प्रकृति के साथ जीने का अवसर मिलता है। देश में कृषि की परंपरा लाखों साल पुरानी है। भीम बैठिका में पुरातन काल से कृषि की परंपरा के शैलचित्र देखने को मिलते हैं। हमारे ऋषि-मुनियों ने हजारों सालों से कृषि के साथ जीने का मार्ग दिखाया है। भारतीय संस्कृति में खेती के प्रति आदर का भाव है। देश की धरती अन्न के रूप में सोना उगल रही है। देश में कभी अनाज का संकट आया था, लेकिन आज हमारे कृषि वैज्ञानिक नई-नई किस्में विकसित कर अनाज उत्पादन को बढ़ा रहे हैं। राज्य सरकार खेती को लाभकारी बनाने के लिए संकल्पित भाव के साथ आगे बढ़ रही है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की भावना के अनुरूप जय किसान, जय जवान में जय विज्ञान जोड़ा गया था, वर्तमान दौर में हम, इसमें जय अनुसंधान भी जोड़ रहे हैं। प्रदेश में किसानों को हम केवल बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि किसानों को आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक खेती और बेहतर मार्केट लिकेंजेस से भी सशक्त बना रहे हैं। कृषि मंथन कार्यशाला किसानों के अनुभव, विज्ञान के नवाचार, सरकार की नीतियों और बाजार की संभावनाओं को एक सूत्र में पिरोने का सशक्त प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर में कृषि मंथन कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर तथा गौमाता का पूजन कर कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर उन्नत बीज प्रसंस्करण, औषधीय पौध प्रजाति, खाद्य प्रसंस्करण एवं उन्नत कृषि फसलों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जनजातीय समुदाय के कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य एवं वाद्य यंत्रों से स्वागत किया। इन विकास कार्यों की दी सौगातें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में 23 करोड़ 21 लाख की लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण कर विकास की सौगाते दी। इनमें प्रमुख रूप से 13 करोड़ रूपये की लागत से बने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के नवीन प्रशासनिक भवन, 1.11 करोड़ रूपये लागत के बोहानी गन्ना अनुसंधान केन्द्र के प्रशासनिक भवन, 1 करोड़ रूपये लागत के बालाघाट जिले के कृषि महाविद्यालय वारासिवनी के कौशल विकास केन्द्र के साथ ही जबलपुर में 1.26 करोड़ रूपये से बने स्वचालित तरल जैव उर्वरक उत्पादन केन्द्र का लोकार्पण किया। साथ ही किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग की 4 करोड़ 92 लाख रूपये से निर्मित 4 इकाइयों का भी लोकार्पण किया गया, इसमें रीवा एवं शहडोल के ज्ञान प्रसार केन्द्र शामिल है। कृषि स्टार्ट-अप्स के साथ ही विभिन्न योजना के हितग्राहियों को हितलाभ का किया वितरण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यशाला में भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित 10 स्टार्ट-अप्स को 10 करोड़ रूपये से अधिक के स्वीकृति आदेश का वितरण किया। साथ ही कृषक अधिकार संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने को लेकर पीपीव्ही, एफआर ऑथॉरिटी नई दिल्ली द्वारा प्रदत्त प्रमाण पत्र विश्वविद्यालय को प्रदान किया। उन्होंने कृषि सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करने के साथ ही विभिन्न विभागों के द्वारा संचालित योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि कल्याण वर्ष में हमें और आगे बढ़ना है। प्रदेश में विकास की अपार संभावनाएं हैं। हमारे मेहनतकश किसानों ने प्रदेश को दलहन उत्पादन में शीर्ष स्थान दिलवाया, यह हमारे लिए गर्व का विषय है। अब हम तिलहन और अन्न सहित हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। प्रदेश के किसान तीसरी फसल भी ले रहे हैं। कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए परंपरागत बीजों के स्थान पर उन्नत किस्म के बीज किसानों को उपलब्ध कराये जाएंगे। इससे हमारी कृषि उत्पादन क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी। राज्य सरकार पशुपालन, उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण, आधुनिक यंत्र सभी को साथ जोड़कर किसानों की आय दोगुना करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती का रकबा बढ़ा है। मध्यप्रदेश, देश में सर्वाधिक प्राकृतिक खेती करने वाला राज्य है। बाबा महाकाल के प्रसाद में रागी के लड्डू तैयार किए जा रहे हैं। राज्य सरकार दूध उत्पादन से किसान की आय बढ़ा रही है। खेती और पशुपालन एक सिक्के के दो पहलु हैं। अभी प्रदेश में 9 प्रतिशत दूध का उत्पादन होता है, इसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में दूध की खपत भी बढ़ेगी और उत्पादन भी बढ़ेगा। शासकीय स्कूलों में पहली कक्षा से 8वीं तक के बच्चों को नि:शुल्क दूध के पैकेट बांटने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार दुग्ध उत्पादन की अलग-अलग योजना पर कार्य कर रही है। प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना को प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे वैज्ञानिक नई किस्मों के विकास में पोषकता पर विशेष जोर दे रहे हैं। प्रदेश में गेहूं उत्पादन का रिकॉर्ड बना है। मध्यप्रदेश ने गेहूँ उत्पादन में सभी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। प्रदेश में गेहूं का उपार्जन 9 अप्रैल से शुरू हो रहा है। किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल का भाव दिया जा रहा है। इसे 2700 रूपए तक पहुंचाने के लिए हम संकल्पित है। प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी भावांतर योजना का लाभ मिला है। अब सरसों की फसल पर भी भावांतर का लाभ किसानों को दिया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने नदी जोड़ो अभियान की कल्पना की थी। मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। माँ नर्मदा प्रदेश के किसानों के लिए जीवन रेखा है, जो मध्यप्रदेश के साथ गुजरात और राजस्थान को भी जल देती है। माँ नर्मदा खेती से लेकर उद्योग की जरूरतों और हर कंठ की प्यास बुझाती है। मध्यप्रदेश, देश में कृषि क्षेत्र में सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाला राज्य बना है। इसमें माँ नर्मदा का विशेष आशीर्वाद शामिल है। कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. प्रमोद कुमार मिश्रा ने कहा कि कृषि मंथन कार्यशाला में देश-विदेश के कृषि वैज्ञानिक, कृषि स्टार्ट-अप, एफपीओ एवं किसान बंधु शामिल हुए हैं। यह मंच कृषि के क्षेत्र में प्रदेश को नई ऊंचाई प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश अनेक कृषि फसलों में देश में नंबर-1 है। कृषि विश्वविद्यालय ने कृषि क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने के लिए गेहूं, सोयाबीन और चना सहित अनेक नई फसलों की किस्में तैयार की हैं। विश्वविद्यालय ने बालाघाट के चिन्नौर चावल और रीवा के सुंदरजा आम के लिए जीआई टैग प्राप्त किए हैं। कृषि वैज्ञानिकों के साथ किया संवाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर में देश के प्रख्यात कृषि वैज्ञानिकों के साथ सीधा संवाद किया, जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करना और खेत से कारखानों तक उत्पादों की पहुंच सुगम बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि विकास दर को गति देने के लिए क्षेत्रीय अनुकूलता के आधार पर गतिविधियों को सुनिश्चित करने और आधुनिक तकनीकों को किसानों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने के निर्देश दिये। संवाद में कृषि और कृषि संबद्ध क्षेत्र के विशेषज्ञों ने अनुसंधान और नवाचारों पर सारगर्भित चर्चा की, जिसमें कम पानी में अधिक उत्पादन देने वाली फसल वैरायटी, प्राकृतिक खेती, खरपतवार नियंत्रण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कृषि में उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया। वैज्ञानिकों ने पशुधन और पशुचारे के प्रबंधन के माध्यम से किसानों की अतिरिक्त आमदनी बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीकों पर भी अपने विचार साझा किए। इनकी रही गरिमामय उपस्थिति कार्यक्रम में लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, राज्यसभा सदस्य सुमित्रा वाल्मीक, सांसद श्री आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक सर्वश्री अजय विश्नोई, अशोक ईश्वरदास रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, अभिलाष पांडे, नीरज सिंह, संतोष वरकड़े, जनप्रतिनिधि, सचिव कृषि श्री निशांत वरवड़े, कमिश्नर श्री धनंजय सिंह एवं कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान बंधु उपस्थित रहे।
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जिले में 65 उपार्जन केन्द्रो पर 10 अप्रैल से होगा गेहूं उपार्जन
रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय हेतु स्लॉट बुकिंग
रतलाम : गुरूवार, अप्रैल 9, 2026,
शासन निर्देशानुसार जिले में रबी विपणन वर्ष 2026-27 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर एफएक्यू गेहूं उपार्जन का कार्य जिले में 10 अप्रैल से किया जाएगा। पंजीकृत किसानों को अपनी उपज विक्रय के लिए उपार्जन केन्द्र एवं उपज विक्रय की दिनांक का चयन स्वयं ई-उपार्जन पोर्टल पर स्लॉट बुकिंग www.mpeuparjan.nic.in के माध्यम से कर सकेंगे। अब तक जिले में कुल 4394 स्लाट बुकिंग हो चुकी है।
जिले में 65 पात्र संस्थाओं के समिति मण्डी/उप मंडी एवं गोदामो पर गेहूं उपार्जन केन्द्र निर्धारित किये गये हैं।
तहसील आलोट में 17 उपार्जन केन्द्र -जिसमें सेवा सहकारी संस्था पिपल्या सिसोदिया केंद्र क्र 01, सेवा सहकारी संस्था पिपल्या सिसोदिया केंद्र क्र 02, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्या. बर्डियाराठौर केंद्र क्र 1, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्या. बर्डियाराठौर केंद्र क्र 2, दी आलोट विपणन सहकारी संस्था मर्या. आलोट केंद्र क्र 1, दी आलोट विपणन सहकारी संस्था मर्या. आलोट केंद्र क्र 2, प्राथमिक सहकारी समिति विक्रमगढ़, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्या. तालोद, प्राथमिक कृषि साख समिति शेरपुरखुर्द केंद्र क्र 1, प्राथमिक कृषि साख समिति शेरपुरखुर्द केंद्र क्र 2, सेवा सहकारी संस्था पाटन केंद्र क्र 1, सेवा सहकारी संस्था पाटन केंद्र क्र 2, प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था खजुरी देवड़ा आलोट मंडी, सेवा सहकारी संस्था धरोल केंद्र क्र 1, सेवा सहकारी संस्था धरोल केंद्र क्र 2, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति भोजाखेडी केंद्र क्र 1, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति भोजाखेडी केंद्र क्र 2 बनाए गए।
तहसील ताल में 10 उपार्जन केन्द्र -जिसमें प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मर्यादित ताल केंद्र क्र 1, प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्था मर्यादित ताल केंद्र क्र 2, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति आक्याकला केंद्र क्र 1, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति आक्याकला केंद्र क्र 2, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मकनपुरा, प्राथमिक कृषि सहकारी साख संस्था लसुड़िया सूरजमल, प्राथमिक सहकारी समिति मंडावल, प्राथमिक सहकारी समिति कसारी रोड, प्राथमिक सहकारी समिति निपनियालीला, सेवा सहकारी संस्था खरवाकला बनाए गए।
तहसील जावरा में 12 उपार्जन केन्द्र- जिसमें जावरा विपणन एवं प्रक्रिया सहकारी सोसाइटी मर्यादित जावरा, प्राथमिक सहकारी समिति असावती, प्राथमिक साख सहकारी समिति मर्या. खजुरियाबड़ावदा, सेवा सहकारी संस्था ढोढर केंद्र क्र 1, सेवा सहकारी संस्था ढोढर केंद्र क्र 2, सेवा सहकारी संस्था रिंगनोद केंद्र क्र 1, सेवा सहकारी संस्था रिंगनोद केंद्र क्र 2, प्राथमिक सहकारी समिति बार्डियागोयल केंद्र क्र 1, प्राथमिक सहकारी समिति बार्डियागोयल केंद्र क्र 2, प्राथमिक सहकारी समिति हसनपालिया केंद्र क्र 1, प्राथमिक सहकारी समिति हसनपालिया केंद्र क्र 2, प्राथमिक सहकारी समिति माउखेड़ी बनाए गए।
तहसील पिपलौदा में 6 उपार्जन केन्द्र -जिसमें प्राथमिक सहकारी समिति बडायलामाताजी केन्द्र क्र 1, प्राथमिक सहकारी समिति बडायलामाताजी केन्द्र क्र 2, सेवा सहकारी संस्था पिपलोदा, सेवा सहकारी संस्था कालूखेडा क्र 1, सेवा सहकारी संस्था कालूखेडा क्र 2, सेवा सहकारी संस्था सुखेडा बनाए गए।
तहसील रतलाम ग्रामीण में 10 उपार्जन केन्द्र -जिसमें आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था बिरमावल, सेवा सहकारी संस्था धामनोद केन्द्र क्र 01, सेवा सहकारी संस्था धामनोद केन्द्र क्र 02, प्राथमिक सहकारी समिति मुन्दडी, प्राथमिक सहकारी समिति लूनेरा केन्द्र क्र 01, प्राथमिक सहकारी समिति सेमलिया, सेवा सहकारी संस्था नामली, प्राथमिक सहकारी समिति नौगांवाकला, सेवा सहकारी संस्था बिलपांक केन्द्र क्र 01, सेवा सहकारी संस्था बिलपांक केन्द्र क्र 02 केन्द्र बनाए गए।
तहसील रतलाम शहर में 05 उपार्जन केन्द्र -जिसमें प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति धराड़ केन्द्र क्र 01, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति धराड़ केन्द्र क्र 02, सेवा सहकारी संस्था बांगरोद, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति शिवपुर केन्द्र क्र 01, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति शिवपुर केन्द्र क्र 02 बनाए गए।
तहसील सैलाना में 03 उपार्जन केन्द्र -जिसमें आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था शिवगढ, आदिम जाति सेवा सहकारी संस्था सरवन, सैलाना विपणन सहकारी संस्था मर्यादित सैलाना बनाए गए।
तहसील बाजना में 01 उपार्जन केन्द्र प्राथमिक सहकारी समिति छावनी डोडिया बनाया गया तथा
तहसील रावटी में 01 उपार्जन केन्द्र -प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित हरतल बनाया गया। इस प्रकार कुल 65 उपार्जन केन्द्र बनाए गए।
ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीकृत/सत्यापित किसान के द्वारा स्वयं के मोबाइल/एमपी ऑनलाइन/सीएससी/ग्राम पंचायत/लोक सेवा केन्द्र/इंटरनेट कैफे/उपार्जन केन्द्र से स्लॉट बुकिंग की जा सकेगी। उपार्जन का कार्य सोमवार से शुक्रवार तक किया जाएगा एवं उपज विक्रय हेतु इसी अवधि की स्लॉट बुकिंग की जा सकेगी। स्लॉट की वैधता अवधि सात कार्य दिवस की होगी।
निर्धारित दिवस में उपार्जन केन्द्र की तौल क्षमता अनुसार स्लॉट बुक होने पर कृषक को आगामी रिक्त क्षमता वाले दिवस हेतु स्लॉट बुक करना होगा। कृषक द्वारा स्लॉट बुकिंग करने के उपरांत उपार्जन केन्द्र का नाम विक्रय योग्य मात्रा एवं विक्रय की दिनांक एसएमएस के माध्यम से सूचित की जाएगी। कृषक द्वारा विक्रय की जाने वाली सम्पूर्ण उपज की स्लॉट बुकिंग एक समय में ही करनी होगी। आंशिक स्लॉट बुकिंग/आंशिक विक्रय नहीं किया जा सकेगा। कृषक द्वारा निर्धारित उपार्जन केन्द्र पर स्लॉट बुकिंग करने के उपरांत अन्य केन्द्र पर कृषक पंजीयन परिवर्तन/स्थानांतरण की सुविधा नहीं होगी। कृषक को स्लॉट बुकिंग के समय मिलान हेतु पोर्टल पर आधार लिंक बैंक खाता क्रमांक एवं बैंक का नाम प्रदर्शित कराया जाएगा, जिसमें समर्थन मूल्य पर उपार्जित स्कंध का भुगतान किया जाना है।
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आईटीआई रतलाम में प्लेसमेंट कैंप का आयोजन 10 अप्रैल को
रतलाम : बुधवार, अप्रैल 8, 2026,
प्राचार्य औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था श्री अहिरवार ने बताया कि औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) रतलाम द्वारा 10 अप्रैल को एक दिवसीय प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जा रहा है। यह कैंप सज्जन मिल के सामने, सैलाना रोड स्थित आईटीआई परिसर में आयोजित किया जाएगा।
कैंप में हीरा मोटर कोप एलटीडी द्वारा हलोल प्लांट के लिए लगभग 200 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। इसमें 10वीं पास तथा आईटीआई धारक अभ्यर्थी जैसे फिटर, टर्नर, वेल्डर, मशीनिस्ट, इलेक्ट्रीशियन, मोटर मैकेनिक, डीजल मैकेनिक, ट्रैक्टर मैकेनिक एवं टू-व्हीलर/ऑटो रिपेयरिंग टी वार ट्रेड के उम्मीदवार भाग ले सकते हैं।
चयनित अभ्यर्थियों को फुल टाइम कर्मचारी एफटीई के रूप में लगभग 20,500 रूपये प्रतिमाह सीटीसी तथा अप्रेंटिस के रूप में 18,000 रूपये प्रतिमाह (इन हैंड) प्रदान किए जाएंगे। आयु सीमा 18 से 26 वर्ष (25 वर्ष 11 माह तक) होगी।
इच्छुक उम्मीदवार 10 अप्रैल को प्रातः 10 बजे अपने सभी मूल दस्तावेज, बायोडाटा/सीवी सहित आईटीआई रतलाम में उपस्थित हो सकते है। चयन प्रक्रिया कंपनी द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार की जाएगी।
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