समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 09 अप्रैल 2026 गुरुवार

/////////////////////////////////////////////////////////////
दलौदा के मनचले पटवारी कुलदीप मकवाना का घिनौना चेहरा उजागर
महिला की शिकायत के बाद थाने में मामला दर्ज, पटवारी हुआ फरार, पुलिस टीमें दे रही दबिश, महिला का वैवाहिक जीवन बर्बाद करना चाहता था, एआई से फोटो एडिट करके सोशल मीडिया पर वायरल किये, न्यायालय से अग्रिम जमानत याचिका ख़ारिज
==================
सीबीएन को देख अफीम छोड़ भागा तस्कर
6 अप्रैल को मंदसौर के शामगढ़ क्षेत्र के जमुनिया गांव के पास सरकारी स्कूल के पास नाकाबंदी की गई थी। एक संदिग्ध बाइक सवार शामगढ़ से गरोठ की तरफ आ रहा था। अधिकारियों को देखते ही तस्कर के हाथ-पांव फूल गए। वह अपनी बाइक और अफीम से भरा बैग छोड़कर झाड़ियों का फायदा उठाकर फरार हो गया। बाइक की तलाशी लेने पर 3.154 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद हुई।यह पूरी कार्रवाई उप नारकोटिक्स आयुक्त श्री नरेश बुन्देल के कुशल मार्गदर्शन में अंजाम दी गई।
=====================
सिंह राजपूत सामाजिक संगठन मंदसौर का 20वां होली मिलन व वार्षिक सम्मेलन कार्यक्रम सम्पन्न
==================
अलसी के डंठल से रेशम निर्माण की प्रोसेसिंग शुरू करें : कलेक्टर श्रीमती गर्ग
ग्राम गुलियाना में बेलर से अलसी डंठल संग्रहण प्रक्रिया का कलेक्टर ने किया निरीक्षण
मंदसौर 8 अप्रैल 26 / कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने ग्राम गुलियाना में किसान श्री जगदीश माली के खेत पर पहुंचकर अलसी के डंठलों को बेलर मशीन की सहायता से एकत्रित करने की प्रक्रिया का अवलोकन किया। जिले में कृषि अपशिष्ट के प्रभावी उपयोग और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से अलसी के डंठल से रेशा (फाइबर) निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू की जा रही है। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन, मंदसौर ग्रामीण एसडीएम, कृषि विभाग के अधिकारी, एफपीओ के किसान मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्देश दिए कि डंठलों को एकत्रित करने के बाद उनकी मशीनों के माध्यम से प्रोसेसिंग शुरू की जाए। जिले में उपलब्ध मशीनों का उपयोग कर रॉ मैटेरियल से लेकर धागा एवं रेशा निर्माण तक की पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से विकसित किया जाए। उन्होंने एफपीओ एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस कार्य के लिए खरीदारों से समन्वय स्थापित कर बेहतर मार्केट लिंक तैयार करें।
एफपीओ द्वारा जानकारी दी गई कि अलसी के डंठलों के भंडारण हेतु लोहे के शेड का निर्माण किया जा रहा है, जहां डंठलों को सुरक्षित रखकर आगे फाइबर उत्पादन किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर मशीन निर्माण के प्रयास भी किए गए हैं, जिनसे रेशा तैयार किया जाएगा।
कलेक्टर ने डबल ट्रांसपोर्ट की लागत को कम करने पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को प्रोत्साहित किया जाए कि वे अपने खेत या घर पर ही डंठलों का संग्रहण करें और सीधे खरीदारों को विक्रय करें। इससे अनावश्यक खर्च में कमी आएगी। साथ ही, अलसी से तेल उत्पादन की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।
जिले में नरवाई प्रबंधन के तहत यह पहल विशेष महत्व रखती है। नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरता एवं पर्यावरण को होने वाले नुकसान को देखते हुए प्रशासन द्वारा वैकल्पिक उपायों को बढ़ावा दिया जा रहा है। अलसी के डंठलों का उपयोग कर फाइबर निर्माण न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक होगा, बल्कि किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत भी प्रदान करेगा।
वर्तमान में जिले में लगभग 9 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अलसी की खेती की जा रही है, जो रबी सीजन की एक महत्वपूर्ण सहायक फसल के रूप में उभर रही है। इस नवाचार से जिले में कृषि आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। फोटो संलग्न
जिला जनसंपर्क कार्यालय मंदसौर(म.प्र.)
समाचार
कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने धमनार में आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता जांची
जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का किया निरीक्षण
मंदसौर 8 अप्रैल 26/ कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने ग्राम धमनार में आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक-1 एवं जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत निर्मित हो रहे वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निरीक्षण किया। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन एवं एसडीएम मंदसौर उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने आंगनवाड़ी केंद्र में बच्चों की उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन कर आवश्यक जानकारी ली तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों की उपस्थिति नियमित एवं समय पर दर्ज की जाए।
कलेक्टर ने केंद्र में प्रदर्शित भोजन मेन्यू एवं चार्ट का निरीक्षण कर बच्चों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता जांची। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी में बच्चों को प्रतिदिन निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। साथ ही पोषण आहार एवं टीएचआर (टेक होम राशन) पैकेट के नियमित वितरण के निर्देश भी दिए।
उन्होंने आंगनवाड़ी में भोजन उपलब्ध कराने वाले शारदा समूह की जानकारी लेते हुए सभी बच्चों की सही एवं पूर्ण एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए तथा छत के ढलान (स्लोप) की तकनीकी जानकारी भी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि सिस्टम का निर्माण उच्च गुणवत्ता के साथ किया जाए, ताकि वर्षा जल का प्रभावी संचयन हो सके।
फोटो संलग्न
ज्यादा गैप वाले क्षेत्रों में विशेष टीम भेजकर करवाएं एचपीवी वैक्सीनेशन : कलेक्टर श्रीमती गर्ग
कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धुंधडका का किया निरीक्षण
मंदसौर 8 अप्रैल 26/ कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धुंधडका का निरीक्षण कर एचपीवी वैक्सीनेशन के तहत संचालित कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने एक्स-रे, टीबी अभियान, ओपीडी एवं आईपीडी रजिस्टर तथा अस्पताल में उपलब्ध बेड्स की स्थिति का भी जायजा लिया। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन, एसडीएम मंदसौर सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में एचपीवी वैक्सीनेशन की प्रगति कम है या जहां अधिक गैप है, वहां विशेष टीम भेजकर अभियान को तेज किया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी 30 दिनों में वैक्सीनेशन का लक्ष्य 100 प्रतिशत पूर्ण किया जाए। इसके लिए गांव स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार कर समग्र आईडी के आधार पर सत्यापन किया जाए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने एंबुलेंस व्यवस्था की भी समीक्षा की और निर्देश दिए कि आपात स्थिति में समय पर एंबुलेंस उपलब्ध हो तथा निर्धारित समय में मौके पर पहुंचे, यह सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने और सभी आवश्यक सुविधाएं सुचारू रूप से उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। फोटो संलग्न
जिला जनसंपर्क कार्यालय मंदसौर(म.प्र.)
समाचार
खेती में बायो कल्चर को विकसित करें, यह बहुत उपयोगी : कलेक्टर श्रीमती गर्ग
कलेक्टर ने ग्राम कटक्या में अमरूद की प्राकृतिक खेती को देखा
मंदसौर 8 अप्रैल 26 / कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने आज ग्राम कटक्या में किसान श्री राजकुमार पोरस द्वारा की जा रही अमरूद की प्राकृतिक खेती का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने खेत में अपनाई जा रही प्राकृतिक कृषि पद्धतियों की सराहना की और बायो कल्चर के विकास पर विशेष जोर दिया।
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन, मंदसौर एसडीएम, कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी किसान मौजूद थे।
कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने कहा कि खेती में बायो कल्चर का उपयोग अत्यंत लाभकारी है, इससे भूमि की उर्वरता बढ़ती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती को अपनाने और जैविक संसाधनों के अधिकतम उपयोग के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण के दौरान किसान श्री राजकुमार पोरस ने बताया कि वे लगभग 200 बीघा भूमि पर प्राकृतिक तरीके से खेती कर रहे हैं, जिसमें करीब 13 हजार अमरूद के पौधे लगाए गए हैं। उन्होंने प्राकृतिक जीवामृत के उपयोग, उसकी मात्रा एवं समय के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही बताया कि इस संबंध में उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र से प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है।
कलेक्टर ने खेत में तैयार किए जा रहे प्राकृतिक जीवामृत एवं बायो कल्चर की प्रक्रिया को देखा और उसके उपयोग की जानकारी ली। किसान द्वारा खेत में उपलब्ध नरवाई अपशिष्ट को रोटावेटर के माध्यम से मिट्टी में मिलाकर प्राकृतिक खाद तैयार की जा रही है, जिसकी कलेक्टर ने सराहना की। किसान द्वारा अमरूद के पौधों के बीच लहसुन की मिश्रित खेती भी की जा रही है, जिससे अतिरिक्त आय प्राप्त हो रही है। फोटो संलग्न
जिला जनसंपर्क कार्यालय मंदसौर(म.प्र.)
समाचार
6 माह से 1 वर्ष के लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से करें निराकरण : कलेक्टर श्रीमती गर्ग
कलेक्टर ने धुंधडका स्थित नायब तहसीलदार न्यायालय का आकस्मिक निरीक्षण किया
मंदसौर 8 अप्रैल 26 / जिले में राजस्व प्रकरणों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण को लेकर कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग लगातार सक्रिय रूप से मॉनिटरिंग कर रही हैं। इसी क्रम में बुधवार को कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने धुंधडका स्थित नायब तहसीलदार न्यायालय का आकस्मिक निरीक्षण किया और वहां लंबित प्रकरणों की स्थिति का विस्तृत अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने न्यायालय में लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि 6 माह से 1 वर्ष तक के लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रकरण आमजन से सीधे जुड़े होते हैं, इसलिए इनमें अनावश्यक विलंब कतई स्वीकार्य नहीं होगा।
कलेक्टर ने 3 माह से 6 माह तक लंबित मामलों को भी जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रतिदिन नियमित रूप से न्यायालय में बैठकर प्रकरणों की सुनवाई करें और समयबद्ध तरीके से उनका समाधान सुनिश्चित करें।
भूमि आवंटन से जुड़े प्रकरणों पर विशेष ध्यान देते हुए कलेक्टर ने कहा कि इन मामलों को किसी भी स्थिति में लंबित न रखा जाए। उन्होंने नामांतरण, सीमांकन सहित अन्य राजस्व प्रकरणों की भी समीक्षा की और सभी मामलों में पारदर्शिता एवं गति बनाए रखने पर जोर दिया।
कलेक्टर श्रीमती गर्ग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को त्वरित एवं सरल न्याय उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है, इसलिए सभी प्रकरणों का समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन, एसडीएम मंदसौर श्री शुभम पाटीदार, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। फोटो संलग्न
दहेज प्रतिषेध संबंधित शिकायत 9425475100 नंबर पर या secdlsamns@mp.gov.in ई-मेल पर दर्ज करें
जिला प्रतिषेध अधिकारी श्रीमती लोधी नामांकित
मंदसौर 8 अप्रैल 26 / जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अधिकारी बी.एल. बिश्नोई द्वारा बताया गया कि दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 के 8 (ख) अनुरूप जिला विधिक सहायता अधिकारी श्रीमती अर्पणा लोधी को जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी नामांकित किया गया है।
दहेज प्रतिषेध से संबंधित कार्यवाही हेतु श्रीमती लोधी के मोबाईल नम्बर 9425475100 पर संपर्क किया जा सकता है। लिखित शिकायतों को उनकी विभागीय ई मेल आईडी secdlsamns@mp.gov.in पर दर्ज की जा सकती है।
जिला जनसंपर्क कार्यालय मंदसौर(म.प्र.)
समाचार
भोपाल में खुलेगा वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान : उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा
वित्तीय शासन प्रणाली होगी सुदृढ़, बढ़ेगी प्रशासनिक दक्षता
मंदसौर 8 अप्रैल 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भोपाल में वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान (फाइनेंस ट्रेंनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट) खोले जाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। आज मंत्रि-परिषद की बैठक में एफटीआरआई की स्थापना के संबंध में अपनी स्वीकृति भी प्रदान कर दी है।
उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान की स्थापना की स्वीकृति लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्रि-परिषद का आभार माना है। उप मुख्यमंत्री श्री देवडा ने कहा कि इसका उद्देश्य राज्य की वित्तीय शासन प्रणाली एवं प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करना है। वर्तमान में प्रदेश में 7 संभागीय लेखा प्रशिक्षण शालाएँ संचालित हैं। इनमें प्रशिक्षण का मानकीकरण, आधुनिक डिजिटल दक्षता तथा शोध एवं नवाचार के पर्याप्त समावेश का अभाव है। इनके कार्य को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक एकीकृत, आधुनिक एवं उच्च गुणवत्ता वाली संस्थागत व्यवस्था की आवश्यकता है।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने बताया कि संस्थान को प्रशिक्षण, शोध, नीति समर्थन एवं नवाचार के राष्ट्रीय स्तर के उत्कृष्टता केन्द्र सेन्टर फॉर एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जायेगा। इसके लिये राष्ट्रीय वित्तीय प्रबंध संस्थान (NIFM), भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नाबार्ड (NABARD) आदि प्रतिष्ठित संस्थानों से समन्वय किया जाएगा। विषय-विशेषज्ञों को अतिथि व्याख्यान हेतु आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी संस्थान के लिए कुल 13 नियमित पदों की संरचना प्रस्तावित की गई है। आवश्यकतानुसार पदों की पूर्ति स्थानांतरण एवं प्रतिनियुक्ति के माध्यम से की जाएगी। प्रस्ताव से तीन वर्षों में लगभग रुपये 26 करोड़ का व्यय अनुमानित है।
उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि संस्थान के संचालन के लिए आरसीवीपी नरोन्हा अकादमी की उपलब्ध अधोसंरचना का उपयोग किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण कक्ष एवं डिजिटल संसाधनों की व्यवस्था की जाएगी। संस्थान की स्थापना से वित्तीय प्रबंधन, लेखा प्रणाली, डिजिटल वित्तीय प्रशासन तथा नीति निर्माण की क्षमता में व्यापक सुधार होगा, जिससे प्रदेश में सुशासन और वित्तीय अनुशासन को नई मजबूती मिलेगी।
जिला जनसंपर्क कार्यालय मंदसौर(म.प्र.)
समाचार
उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए सहज-सुगम व्यवस्था की जाए सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से संपूर्ण व्यवस्था पर रखी जाएगी नजर
गेहूँ उपार्जन व्यवस्था में सामाजिक और सेवा भारती संस्थाएं भी करें सहयोग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान और स्वयंसेवी संस्थाओं से किया वर्चुअल संवाद
मंदसौर 8 अप्रैल 26 / मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में 9 अप्रैल से गेहूँ खरीदी आरंभ हो रही है। उन्होंने सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सहज-सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश सभी कलेक्टर्स और एसडीएम को दिए गए हैं। उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए पेयजल और छायादार स्थान की व्यवस्था की जा रही है। गेहूँ उपार्जन जैसी महत्वपूर्ण और व्यापक गतिविधि में सामाजिक और सेवाभावी संस्थाएं भी सहयोग करें। प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर फैसले लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार किसान और स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल संवाद के दौरान व्यक्त किए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। गेहूँ की प्रति क्विंटल कीमत को वर्तमान स्तर तक लाना बड़ी चुनौती थी, हम इसे 2700 रूपये प्रति क्विंटल तक ले जाएंगे। किसानों को उनकी फसल का सही दाम दिलवाना हमारी प्रतिबद्धता है। हम जनता की सेवा करना चाहते हैं, इसी उद्देश्य से उपार्जन केंद्रों पर गेहूँ खरीदी की बेहतर व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उपार्जन केंद्रों पर हेल्प डेस्क स्थापित किये जा रहे हैं, जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से संपूर्ण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी। उपार्जन केंद्रों पर पंपलेट और होर्डिंग के द्वारा भी किसानों को व्यवस्था के संबंध में जानकारियां देने के निर्देश दिए गए हैं। वर्ष 2026 से किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। उपार्जन केन्द्रों पर आने वाले किसानों को उनके कल्याण तथा हित से जुड़ी शासन की योजनाओं से भी अवगत कराया जाए।


