समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 05 अप्रैल 2026 रविवार

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जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत वार्ड क्रमांक 08 में वाटर कूलर एवं पानी टंकी की साफ-सफाई
मंदसौर 4 अप्रैल 2026/ नगर परिषद मल्हारगढ़ द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत आज वार्ड क्रमांक 08, अंबेडकर चौक स्थित सार्वजनिक वाटर कूलर एवं पानी की टंकी की साफ-सफाई का कार्य किया गया।
अभियान के तहत नगर परिषद के कर्मचारियों द्वारा वाटर कूलर एवं पानी टंकी की विधिवत सफाई कर उसे पुनः चालू किया गया, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सके।
नगर परिषद द्वारा निरंतर ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं ताकि शहर में स्वच्छता के साथ-साथ पेयजल व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित होती रहें।
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केंद्रीय विद्यालय मंदसौर में कक्षा 6 हेतु प्रवेश पंजीयन प्रारंभ
ऑफलाइन पंजीयन की अंतिम तिथि 8 अप्रैल
मंदसौर 4 अप्रैल 2026/ पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय मंदसौर द्वारा सूचना जारी कर अवगत कराया गया है कि विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए कक्षा 6 में कुछ सीटें रिक्त हैं। इन रिक्त स्थानों की पूर्ति हेतु ऑफलाइन पंजीयन प्रक्रिया प्रारंभ की गई है।
इच्छुक अभिभावक एवं विद्यार्थी दिनांक 08 अप्रैल 2026 तक विद्यालय में उपस्थित होकर पंजीयन करा सकते हैं।
पंजीकरण का समय प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से 11:00 बजे तक निर्धारित किया गया है।
विद्यालय प्रशासन ने अभिभावकों से अपील की है कि निर्धारित तिथि एवं समय के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर पंजीयन प्रक्रिया पूर्ण करें।
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अभिव्यक्ति स्थल पर हर रविवार सजेगा जैविक हाट बाजार
मंदसौर 4 अप्रैल 26 / जिले में प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों को उनकी उपज के लिए उचित विपणन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा अभिव्यक्ति स्थल, महाराणा प्रताप बस स्टैंड के पास, मंदसौर में जैविक हाट बाजार का आयोजन किया जा रहा है।
उप संचालक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग श्री रविंद्र मोदी ने बताया कि यह जैविक हाट बाजार प्रत्येक रविवार, प्रातः 11.00 बजे से नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा। इस हाट बाजार में मंदसौर जिले के जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले कृषक, कृषक समूह तथा स्व-सहायता समूह अपने उत्पाद सीधे उपभोक्ताओं को विक्रय कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि प्राकृतिक उत्पादों की बिक्री हेतु यह एक सशक्त मंच प्रदान करेगा। साथ ही उपभोक्ताओं को शुद्ध, स्वास्थ्यवर्धक एवं रसायन मुक्त उत्पाद उचित दरों पर उपलब्ध होंगे।
जिले के समस्त जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले कृषकों, उत्पादक समूहों तथा क्रेता-विक्रेताओं से आग्रह किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में जैविक हाट बाजार में सहभागिता करें। अधिक जानकारी हेतु संपर्क करें: – 9630202379, 6269698309
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परिवाद समिति का गठन नहीं किया तो 50 हजार रूपए का जुर्माना होगा
मंदसौर 4 अप्रैल 26 / जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास अधिकारी बी.एल. बिश्नोई द्वारा बताया गया कि महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम-2013 द्वारा महिलाओं को कार्यस्थल पर सुगम वातावरण, सुरक्षा प्रदान करते हुए मजबूत शिकायत तंत्र प्रावधानित किया है। अधिनियम की धारा-4 के अंतर्गत प्रत्येक नियोजक आंतरिक समिति का गठन करेगा। प्रत्येक कार्यालय (शासकीय / प्रायवेट) जहां 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, ऐसे कार्यालय में एक आंतरिक समिति का गठन होना अनिवार्य है।
समिति के पीठासीन अधिकारी एवं सदस्यों की नियुक्ति अधिकतम तीन वर्ष के लिए होती है। तीन वर्ष पश्चात समिति का पुनर्गठन किया जाना होता है। जिले के प्रत्येक 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत शासकीय/ अशासकीय कार्यालय में समिति का गठन पीठासीन अधिकारी कार्यस्थल पर कार्यरत वरिष्ठ महिला कर्मचारी, वरिष्ठ महिला उपलब्ध न होने पर अन्य कार्यालय से किसी अन्य महिला को आमंत्रित किया जाएगा।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने समस्त अशासकीय संस्थाओं में आंतरिक समिति का गठन करें अथवा पूर्व में गठित समितियों का तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के पश्चात नवीन समिति का गठन कर She BOX प्रोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से करे, अन्यथा इस स्थिति में कार्यालयीन समिति का सही गठन या गठन न होने पर अधिनियम की धारा-26(1) के अनुसार 50 हजार रुपए की राशि से जुमनि से दंडित करने की कार्रवाई की जाएगी।
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पीएमएफएमई योजना से कैलाश पोरवाल बने शुद्ध कच्ची घानी तेल क्रांति के वाहक
स्वस्थ भारत का संदेश, आत्मनिर्भरता की मिसाल — कैलाश पोरवाल दे रहे 15 लोगों को रोजगार
मंदसौर 4 अप्रैल 2026/ मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी निवासी श्री कैलाश पोरवाल ने अपने दृढ़ संकल्प, मेहनत और सरकारी योजना के सहयोग से न केवल अपनी किस्मत बदली, बल्कि लोगों को शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक तेल उपलब्ध कराने का एक सफल मॉडल भी खड़ा कर दिया। आज वे “जीटी डायमंड” के नाम से लकड़ी की कच्ची घानी से तेल निकालकर देश के कई राज्यों तक अपनी पहचान बना चुके हैं।
स्वास्थ्य की चिंता से जन्मा नया संकल्प
कैलाश पोरवाल बताते हैं कि बाजार में उपलब्ध रिफाइंड और फिल्टर तेल का उपयोग करने से उन्हें स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का अनुभव हुआ। तभी उन्होंने संकल्प लिया कि वे स्वयं शुद्ध तेल का उपयोग करेंगे और लोगों को भी शुद्ध कच्ची घानी का तेल उपलब्ध कराएंगे। इसी सोच ने उन्हें कच्ची घानी से तेल उत्पादन के कार्य की ओर प्रेरित किया।
आर्थिक तंगी के बीच मिला पीएमएफएमई योजना का सहारा
शुरुआत में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती पूंजी की थी। सीमित संसाधनों के कारण यह कार्य शुरू करना आसान नहीं था। इसी दौरान उन्होंने उद्यानिकी विभाग से संपर्क किया, जहाँ उन्हें प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम (PMFME) योजना की जानकारी मिली।
योजना के तहत पंजाब नेशनल बैंक, मंदसौर से उन्हें लगभग 30 लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ, जिस पर 10 लाख रुपये की सब्सिडी भी मिली। इस सहायता से उन्होंने आधुनिक मशीनें और लकड़ी की कच्ची घानी स्थापित की।
शुद्धता और परंपरा का अनूठा संगम
कैलाश पोरवाल अपनी इकाई में मूंगफली, सरसों और तिल का तेल तैयार करते हैं। उनकी खासियत यह है कि वे पूरी तरह लकड़ी आधारित कच्ची घानी तकनीक का उपयोग करते हैं। तेल निकालते समय तापमान को विशेष रूप से नियंत्रित किया जाता है, जिससे तेल के प्राकृतिक पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं और उसकी गुणवत्ता बरकरार रहती है।
देश के कई राज्यों तक पहुंचा मंदसौर का तेल
आज उनके द्वारा तैयार किया गया शुद्ध कच्ची घानी का तेल आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, असम और गुजरात सहित कई राज्यों में भेजा जा रहा है। वर्तमान में उनकी इकाई में प्रतिदिन लगभग 100 लीटर मूंगफली का तेल, 50 लीटर तिल का तेल, 15 लीटर सरसों का तेल का उत्पादन किया जाता है।
रोजगार और आय के नए अवसर
इस छोटे से उद्योग ने न केवल कैलाश पोरवाल की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि 15 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार भी प्रदान किया है। तेल निकालने के बाद बचने वाले कच्चे माल से वे खल (तेल पिंड) भी बनाते हैं, जिसे आंध्र प्रदेश सहित अन्य राज्यों में भेजा जाता है। इससे उनकी आय में अतिरिक्त वृद्धि होती है। वर्तमान में वे इस व्यवसाय से लगभग डेढ़ लाख रुपये प्रतिमाह की आय अर्जित कर रहे हैं, जो आगे और बढ़ने की संभावना है।
गुणवत्ता की प्रमाणित पहचान
कैलाश पोरवाल ने अपने तेल की गुणवत्ता को प्रमाणित भी कराया है। परीक्षण में उनके तेल में ट्रांसफैट और कोलेस्ट्रॉल शून्य पाया गया, जो इसे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी बनाता है।
भविष्य की नई योजनाएं
कैलाश पोरवाल अब अपने व्यवसाय का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं। भविष्य में वे नारियल और बादाम का तेल भी उत्पादन में शामिल करना चाहते हैं, ताकि उपभोक्ताओं को और अधिक स्वास्थ्यवर्धक विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें।
आत्मनिर्भरता का प्रेरक उदाहरण
कैलाश पोरवाल की सफलता यह दर्शाती है कि यदि संकल्प मजबूत हो और सही दिशा में प्रयास किए जाएं, तो सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर कोई भी व्यक्ति अपनी तकदीर बदल सकता है। आज वे न केवल एक सफल उद्यमी हैं, बल्कि स्वस्थ भारत और आत्मनिर्भर भारत के संदेशवाहक भी बन चुके हैं।
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गलत तथ्यों के आधार पर डॉ. वर्मा द्वारा महाविद्यालय की छवि धूमिल की जा रही
मंदसौर।प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, मन्दसौर में प्रेस वार्ता का आयोजन हुआ जिसमें लगभग 25 से अधिक इलेक्ट्रोनिक मीडिया एवं प्रिंट मीडिया के साथी उपस्थित थे।
प्राचार्य दुबे ने मीडिया को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित स्थगन आदेश, डॉ. वर्मा के निलंबन पर पारित स्थगन आदेश एवं 02 अप्रैल 2026 को इन्दौर खण्डपीठ द्वारा पारित प्राध्यापकों की अंतःवरिष्ठता पर दिए गए निर्णय का हवाला देते हुए मीडिया बंधुओं को आह्वान किया कि तथ्यों की छानबीन के बिना महाविद्यालय की खबरों को महत्व ना दें।
प्रो. दुबे ने विभागीय वरिष्ठता सूची में डॉ. वर्मा का नाम न होने, परस्पर वरिष्ठता निर्धारण हेतु पदनामित/पदोन्नत/सीधी भर्ती की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से बताई। प्राचार्य पद का पदभार ग्रहण करने/चार्ज देने संबंधी खबरों का खण्डन करते हुए डॉ. दुबे ने बताया कि वे उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित चयन प्रक्रिया पूर्ण कर प्राचार्य पद पर पदस्थ किए गए हैं। डॉ. वर्मा के प्राध्यापक न होने संबंधी अनेक साक्ष्यों द्वारा सम्पूर्ण प्रकरण को सारहीन तथा तथ्यहीन बताया। गलत तथ्यों के आधार पर डॉ. वर्मा द्वारा महाविद्यालय की छवि धूमिल की जा रही है।
मीडिया बंधुओं ने प्राचार्य दुबे से न्यायालय एवं शासन स्तर पर होने वाली क्रियाकलापों संबंधित अनेक प्रश्न किए जिसका डॉ. दुबे ने उचित समाधान किया।
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क्रमोन्नति वेतनमान का आदेश, शिक्षक संघ की बड़ी जीत
मन्दसौर। मध्यप्रदेश के शिक्षक जिला शाखा मंदसौर के जिलाध्यक्ष विक्रम शर्मा, कोषाध्यक्ष कांतिलाल राठौर और जिला सचिव भरतलाल पोपंडिया ने बताया कि संवर्ग के लिए एक बड़ी और बहुप्रतीक्षित खुशखबरी सामने आई है। शासन द्वारा सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक, प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नति वेतनमान प्रदान करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस फैसले से मंदसौर जिले के शिक्षकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
यह महत्वपूर्ण उपलब्धि मध्यप्रदेश शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष श्री क्षत्रवीर सिंह राठौर, प्रांतीय महामंत्री श्री राकेश गुप्ता और प्रांतीय कोषाध्यक्ष विनोदकुमार पुनी एवं समस्त प्रांतीय इकाई के निरंतर एवं अथक प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है। संघ लंबे समय से इस मांग को लेकर संघर्षरत था, जिसके फलस्वरूप अब शिक्षकों को इसका लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। संघ पदाधिकारियों ने इसे शिक्षकों के सम्मान, अधिकार और आर्थिक सुदृढ़ता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।



