मंदसौरमध्यप्रदेश

मंदसौर में ‘यमराज का डेरा’ बना सीतामऊ रोड: 24 घंटे में 4 मौतें, 60 मिनट में दो हादसे..

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मंदसौर में ‘यमराज का डेरा’ बना सीतामऊ रोड: 24 घंटे में 4 मौतें, 60 मिनट में दो हादसे..

मंदसौर। मंदसौर जिले में सड़क हादसों ने भयावह रूप ले लिया है। मंदसौर–सीतामऊ रोड पर स्थित गुर्जरबर्डिया क्षेत्र इन दिनों “यमराज का डेरा” बन गया है, जहां महज 24 घंटे के भीतर चार लोगों की जान चली गई। इनमें से दो दर्दनाक हादसे तो सिर्फ 60 मिनट के अंतराल में हुए, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।

60 मिनट में दो हादसे, दो की मौत

जानकारी के अनुसार गुर्जरबर्डिया चौपाटी क्षेत्र में एक के बाद एक हुए हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। पहले हादसे में संजय पाटीदार (निवासी रावटी) की ओवरलोड ट्राले से टक्कर के बाद मौके पर ही मौत हो गई।यह हादसा चौपाटी और पलवई फंटे के बीच हुआ।

इसके कुछ ही देर बाद उसी क्षेत्र में नवनिर्मित सड़क पर दूसरा हादसा हुआ, जिसमें पंकज पाटीदार (राधा कृष्ण मेडिकल, गोल चौराहा) की मौके पर ही जान चली गई।*इन लगातार हादसों से पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया।* तीसरा हादसा: महिला और 15 वर्षीय बालक की मौत इसी दिन सीतामऊ रोड के अरनिया निजामुद्दीन के पास कार और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई।युवराज पाटीदार (15 वर्ष, निवासी सुरी)मंजू बाई (45 वर्ष, निवासी कुंताखेड़ी)दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

ओवरलोड वाहन बने मौत का कारण

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर दौड़ रहे ओवरलोड ट्राले और ट्रैक्टर हादसों की सबसे बड़ी वजह बन चुके हैं।

सूखले (भूसे) से भरे ट्राले पूरी सड़क घेर लेते हैंदोपहिया वाहन चालकों को निकलने में भारी परेशानीरात में रेडियम नहीं होने से खतरा और बढ़ जाता हैग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।

  एसपी ने स्वयं दुर्घटना स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया और तकनीकी खामियों व सुरक्षा मानकों का जायजा लिया

खूनी संघर्ष का अड्डा बना गुजरबड़िया चौराहा,2 मौतों के बाद एक्शन में SP विनोद मीणा, रोड कंपनी को फटकारा,सुरक्षा मापदंडो को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए

मन्दसौर। जिले के ग्राम गुजरबड़िया में बीते कल हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों ने पूरे इलाके को दहला दिया है। महज 24 घंटे के भीतर दो जिंदगियां काल के गाल में समा जाने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक (SP) विनोद मीणा बेहद सख्त नजर आ रहे हैं। शनिवार को एसपी मीणा स्वयं पुलिस बल और संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और बारीकी से निरीक्षण किया।

रोड कंपनी की लापरवाही पर भड़के एसपी

निरीक्षण के दौरान एसपी विनोद मीणा ने सड़क निर्माण और सुरक्षा मानकों में भारी कमियां पाईं। उन्होंने एमपीआरडीसी (MPRDC) के अधिकारियों और रोड निर्माण कंपनी की लापरवाही पर गहरी नाराजगी जाहिर की। एसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सुरक्षा के लिए दिए निर्देश

हादसों को रोकने के लिए एसपी ने मौके पर ही अधिकारियों को निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए

स्पीड ब्रेकर: मुख्य चौराहे के चारों ओर तत्काल मानक स्तर के स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं।

सड़क सुरक्षा मानक: चौराहे पर रोड लाइन्स, संकेतक और अन्य सुरक्षा मानकों का तत्काल पालन हो।

डिजिटल निगरानी: सुरक्षा की दृष्टि से प्रमुख चौराहे पर हाई-क्वालिटी सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए जाएं।

जनता से सीधा संवाद: “हेलमेट बोझ नहीं, कवच है”

निरीक्षण के दौरान एसपी मीणा ने वहां मौजूद ग्रामीणों और राहगीरों से सीधा संवाद किया। उन्होंने भावुक और सख्त लहजे में अपील करते हुए कहा कि, “वाहन चलाते समय हेलमेट को बोझ न समझें, यह आपके परिवार की खुशियों का कवच है।” एसपी मीणा ने कहा सभी दो पहिया वाहन चालक हेलमेट अवश्य लगाए तथा हेलमेट नही होने की स्तिथि में यातायात पुलिस से सम्पर्क कर हेलमेट प्राप्त कर सकते है

मौके पर मौजूद रहा प्रशासनिक अमला

इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान एसपी के साथ एसडीओपी (ग्रामीण) कीर्ति बघेल, अफजलपुर थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह कनेश, यातायात थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह चौहान और एमपीआरडीसी के तकनीकी अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों में अब सुरक्षा की उम्मीद जगी है, लेकिन देखना यह होगा कि रोड कंपनी इन निर्देशों पर कितनी जल्दी अमल करती है।

जिला पंचायत अध्यक्ष का फूटा गुस्सा

घटनाओं के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष विजय दुर्गा पाटीदार ने आरटीओ विभाग पर जमकर नाराजगी जताई।

उन्होंने साफ कहा—आपका विभाग सिर्फ रजिस्ट्रेशन तक सीमित है, जमीनी स्तर पर कोई सख्ती नजर नहीं आती।”

मुख्य आरोप: ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई नहीं ,रेडियम की अनदेखी , लगातार हादसों के बावजूद लापरवाही,  उन्होंने तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

मंदसौर–सीतामऊ रोड पर बढ़ते हादसे अब गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं। लगातार हो रही मौतों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह “यमराज का डेरा” और भी जानलेवा साबित हो सकता है।

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