समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 23 फरवरी 2026 सोमवार

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गाँधीसागर वन्यप्राणी अभयारण्य में गिद्धों की उत्साहजनक वृद्धि, 1013 गिद्धों के साथ बना सुरक्षित ठिकाना
मंदसौर 22 फरवरी 2026 / मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में स्थित गाँधीसागर वन्यप्राणी अभयारण्य एक बार फिर गिद्धों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है। ‘प्रदेशव्यापी गिद्ध गणना 2025-26’ के तहत आज संपन्न हुई गणना का निरीक्षण मुख्य वन संरक्षक (CCF) उज्जैन वृत्त, श्री आलोक पाठक एवं वनमंडलाधिकारी (DFO) मंदसौर, श्री संजय रायखेरे द्वारा किया गया। गणना के परिणामों में कुल 1013 गिद्ध पाए गए हैं।
विदेशी मेहमानों का आगमन: प्रवास की जानकारी
गाँधीसागर अभयारण्य केवल स्थानीय गिद्धों का ही नहीं, बल्कि विदेशी प्रजातियों का भी पसंदीदा ठिकाना है।
कहाँ से आते हैं: गणना में पाए गए हिमालयन ग्रिफन, यूरेशियन ग्रिफन और सिनेरियस जैसे गिद्ध लंबी दूरी तय कर यहाँ पहुँचते हैं। ये मुख्य रूप से तिब्बत, मध्य एशिया, और हिमालय की ऊँचाइयों से शीतकाल के दौरान प्रवास करते हैं।
प्रवास का समय: ये प्रवासी गिद्ध आमतौर पर अक्टूबर-नवंबर के महीने में गाँधीसागर पहुँचते हैं और गर्मी शुरू होने से पहले यानी मार्च-अप्रैल तक यहाँ रुकते हैं।
1. स्थानीय निवासी (4 प्रजातियाँ):
ये गिद्ध वर्ष भर अभयारण्य में रहते हैं और यहीं प्रजनन करते हैं:
• भारतीय गिद्ध (Long-billed Vulture): चंबल की ऊँची चट्टानों पर घोंसले बनाने वाली मुख्य प्रजाति।
• सफेद पीठ वाला गिद्ध (White-rumped Vulture): पेड़ों पर बसेरा करने वाले ये गिद्ध पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं।
• राज गिद्ध (Red-headed Vulture): अत्यंत दुर्लभ और विशिष्ट लाल सिर वाली प्रजाति।
• मिस्र का गिद्ध (Egyptian Vulture): आकार में छोटे और सफेद रंग के स्थानीय गिद्ध।
2. विदेशी मेहमान/प्रवासी (3 प्रजातियाँ):
ये प्रजातियाँ शीतकाल (अक्टूबर-नवंबर से मार्च-अप्रैल) के दौरान तिब्बत, मध्य एशिया और हिमालय की ऊँचाइयों से प्रवास कर यहाँ पहुँचती हैं:
• हिमालयन ग्रिफन (Himalayan Griffon): हिमालय के ठंडे क्षेत्रों से आने वाले विशालकाय गिद्ध।
• यूरेशियन ग्रिफन (Eurasian Griffon): लंबी दूरी तय कर आने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रवासी।
• सिनेरियस गिद्ध (Cinereous Vulture): दुनिया के सबसे भारी और बड़े गिद्धों में शुमार।
गाँधीसागर ही क्यों है ‘गिद्धों का स्वर्ग’?
निरीक्षण के दौरान डीएफओ श्री संजय रायखेरे ने गाँधीसागर की अनुकूलता के प्रमुख कारण बताए:
सुरक्षित चट्टानें (Nesting Sites): चंबल नदी के किनारे स्थित ऊँची और दुर्गम चट्टानें गिद्धों को सुरक्षित घोंसले बनाने और प्रजनन के लिए आदर्श स्थान प्रदान करती हैं।
प्रचुर भोजन और जल: अभयारण्य में वन्यजीवों की अच्छी संख्या और आस-पास के क्षेत्रों में पशुधन की उपलब्धता के कारण इन्हें पर्याप्त भोजन मिलता है। चंबल का पानी इनके लिए बारहमासी जल स्रोत है।
मानवीय हस्तक्षेप मुक्त: अभयारण्य का शांत वातावरण और सुरक्षित कॉरिडोर इनके फलने-फूलने में मदद करता है।
संरक्षण के प्रयास
सीसीएफ श्री आलोक पाठक ने बताया कि “गाँधीसागर में 115 सक्रिय घोंसलों का मिलना इस बात का प्रमाण है कि यहाँ का ईकोसिस्टम बेहद मजबूत है। हम इन ‘प्रकृति के सफाईकर्मियों’ के संरक्षण के लिए लगातार काम कर रहे हैं।”
इस गणना कार्य में अधीक्षक अमित राठौर सहित वन विभाग के अमले और पक्षी प्रेमियों का विशेष योगदान रहा।
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लेखन सामग्री आपूर्ति के लिए सील बंद निविदाएं 27 फरवरी तक आमंत्रित
मंदसौर 22 फरवरी 26 / प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा बताया गया कि जिला न्यायपालिका मंदसौर के न्यायालयों एवं अनुभागों में उपयोग हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 में लेखन सामग्री आपूर्ति के लिए इच्छुक व्यापारी/विक्रेता/निर्माता से सील बंद निविदाएं आमंत्रित की जाती है।
निविदाएं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंदसौर के नाम से प्रस्तुत की जावेगी। निविदा की शर्ते एवं सामग्री की सम्पूर्ण जानकारी www.mptenders.gov.in ई-टेण्डरिंग प्रणाली तथा माननीय उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर की वेबसाइट www.mphc.gov.in एवं जिला न्यायालय मंदसौर की वेबसाईट www.district.court.gov.in/mandsaur पर भी उपलब्ध है, जहां से निविदा प्रारूप एवं शर्तें डाउनलोड की जा सकती है।
इच्छुक व्यापारी/विक्रेता / निर्माता अपनी निविदाएं सीलबंद कर पूर्ण जानकारी सहित प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय, मंदसौर में 27 फरवरी 2026 को शाम 05:00 बजे तक, आवक-जावक शाखा में जमा कर सकते हैं। प्राप्त निविदाएं 28 फरवरी 2026 को दोपहर 02:00 बजे समिति के समक्ष निविदाकर्ता / प्रतिनिधि के समक्ष खोली जाएगी।
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सुपर 5 हजार योजना के लिए 10वीं–12वीं के विद्यार्थी 31 मार्च तक करें आवेदन
मंदसौर 22 फरवरी 26 / सहायक श्रम आयुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अंतर्गत पंजीबद्ध निर्माण श्रमिकों के पुत्र/पुत्रियों के लिए संचालित “सुपर 5 हजार” योजना अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2024–25 में माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं परीक्षा में प्रथम 5 हजार तथा 12वीं कक्षा में संकायवार प्रथम 5 हजार विद्यार्थियों की प्रावीण्य सूची श्रम सेवा पोर्टल पर अपलोड कर दी गई है।
योजना अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों को मंडल द्वारा एकमुश्त 25 हजार रुपये की नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। पात्र निर्माण श्रमिकों की संतानों द्वारा विद्यालय के माध्यम से निर्धारित आवेदन पत्र 31 मार्च 2026 तक प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेजों में निर्माण श्रमिक का पोर्टल जनरेटेड परिचय पत्र, निर्माण श्रमिक/पंजीयन धारक की बैंक पासबुक की छायाप्रति (जिसका बैंक खाता विवरण परिचय पत्र में अंकित हो), संस्था प्रमुख द्वारा जारी वर्तमान में अध्ययनरत होने का प्रमाण पत्र एवं अंकसूची की छायाप्रति संलग्न करना अनिवार्य होगा।
अधिक जानकारी हेतु संबंधित विद्यालय या श्रम कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
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जिला स्तरीय युवा संगम मेले का आयोजन 25 फरवरी को गरोठ में
युवाओं को रोजगार एवं व्यवसाय लोन प्रक्रिया की दी जाएगी जानकारी
मंदसौर 22 फरवरी 2026/ जिला रोजगार अधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि म.प्र. शासन के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग तथा तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग, मंत्रालय भोपाल के निर्देशानुसार दिनांक 25 फरवरी 2026 को प्रातः 10:30 बजे से शासकीय एस.एन. उदिया महाविद्यालय परिसर, गरोठ, जिला मंदसौर में जिला स्तरीय युवा संगम मेले का आयोजन किया जाएगा।
इस युवा संगम मेले के माध्यम से जिले के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। मेले में निजी क्षेत्र के विभिन्न नियोजकों द्वारा आवेदकों का प्रारंभिक चयन किया जाएगा।
साथ ही, जिला रोजगार कार्यालय मंदसौर द्वारा युवाओं को कैरियर मार्गदर्शन एवं परामर्श प्रदान किया जाएगा। रोजगार मेले के दौरान युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने हेतु व्यवसाय प्रारंभ करने की लोन प्रक्रिया एवं संबंधित योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी जाएगी।
जिला प्रशासन ने जिले के अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं से अपील की है कि वे इस मेले में उपस्थित होकर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों का लाभ उठाएं।
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