मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 21 फरवरी 2026 शनिवार

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निवासियों को अपना जनगणना डेटा स्‍वयं ऑनलाईन भरने की मिलेगी सुविधा

जनगणना 2027 हेतु नगरीय निकायों के चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण संपन्न

मंदसौर 20 फरवरी 26/ भारत सरकार के जनगणना कार्य निदेशालय के निर्देशानुसार जनगणना 2027 के सफल क्रियान्वयन हेतु नगरीय निकायों के लिए नियुक्त चार्ज अधिकारियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण कलेक्टर कार्यालय सभागार में संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण 17 फरवरी 2026 से प्रारंभ होकर 20 फरवरी 2026 को संपन्न हुआ।

प्रशिक्षण में नगर पालिका एवं नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों तथा जनगणना लिपिकों ने सहभागिता की। जनगणना के नोडल अधिकारी श्री अभिषेक सिंह ठाकुर एवं श्री अशोक चौबे द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान अवगत कराया गया कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 01 मई 2026 से 30 मई 2026 की अवधि में संपन्न किया जाएगा। इसके लिए नगरीय एवं ग्रामीण स्तर पर चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकी है।

प्रथम चरण में मकान सूचीकरण कार्य के अंतर्गत प्रत्येक भवन का सर्वेक्षण किया जाएगा। सुपरवाइजर के निर्देशन में प्रगणक घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। प्रशिक्षण में यह भी स्पष्ट किया गया कि सूचीकरण कार्य सावधानी एवं पारदर्शिता के साथ किया जाए।

इस बार जनगणना कार्य में डिजिटल तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। आंकड़ों का संग्रह मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक गणना ब्लॉक की सीमा को जीपीएस तकनीक से कैप्चर किया जाएगा। समस्त कार्य की रियल टाइम मॉनिटरिंग Census Management and Monitoring System (CMMS) पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। जिला स्तर पर चार्ज स्तरीय एडमिन आईडी तैयार कर फिल्ड ट्रेनर्स एवं मास्टर ट्रेनर्स की जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही विभिन्न चरणों की प्रगति की नियमित समीक्षा भी की जाएगी।

निवासियों को स्व-गणना की सुविधा

जनगणना 2027 में नागरिकों की सहभागिता बढ़ाने के उद्देश्य से एक स्व-गणना वेब पोर्टल विकसित किया गया है। Self Enumeration Web Portal के माध्यम से निवासी स्वयं ऑनलाइन अपना जनगणना डेटा भर सकेंगे। इससे आंकड़ों की सटीकता में सुधार होगा, प्रगणकों का कार्यभार कम होगा तथा डिजिटल डेटा संग्रह प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनेगी।

जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जनगणना कार्य को पूर्ण जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ संपन्न करने का आह्वान किया है।

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मंदसौर में हुआ देश का पहला “भारत सरसों संगम 2026”

1500 से अधिक किसानों की भागीदारी, कृषि क्षेत्र की कंपनियों ने लगाए स्टॉल

मंदसौर 20 फरवरी 26/ मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले के ग्राम कनघट्टी में देश के पहले “भारत सरसों संगम” का आयोजन किया गया। सरसों की समृद्धि और किसानों की उन्नति को समर्पित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में 1500 से अधिक किसानों ने भाग लिया। वहीं देश की कृषि क्षेत्र अग्रणी कंपनियों एवं संस्थाओं ने अपने स्टॉल लगाकर किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज, पोषक तत्व प्रबंधन, जैविक व पुनर्योजी कृषि पद्धतियों तथा बाजार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान कीं।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि एवं कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग ने किसानों और आयोजन से जुड़ी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए किसानों को पुनर्योजी (Regenerative) कृषि अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरसों जैसी तिलहनी फसलों का विस्तार न केवल किसानों की आय बढ़ाएगा, बल्कि देश को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

इस अवसर पर The Solvent Extractors’ Association of India के चेयरमैन डॉ. बी. वी. मेहता ने संबोधित करते हुए Solidaridad द्वारा संचालित पुनर्योजी सरसों कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत में खाद्य तेल की मांग तेजी से बढ़ रही है, ऐसे में सरसों उत्पादन को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों से उन्नत तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने का आग्रह किया।

सॉलिडरिडाड संस्था के महाप्रबंधक सुरेश मोटवानी ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह संगम प्रधानमंत्री के उस विजन को साकार करने की दिशा में एक मजबूत आधारशिला है, जिसमें भारत को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि पुनर्योजी कृषि मॉडल से मिट्टी की सेहत सुधरती है, उत्पादन लागत घटती है और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि होती है।

कार्यक्रम में विभिन्न अग्रणी कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिनमें Adani Wilmar Limited से श्री राहुल, Louis Dreyfus Company से श्री गंगाधर, तथा VVF Limited से श्री महेश शामिल रहे। इन कंपनियों ने किसानों को गुणवत्ता आधारित खरीद, बाजार की मांग, मूल्य संवर्धन और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी जानकारियां कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र से वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. चुंडावत ने सरसों में पुनर्योजी कृषि पद्धति पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।

उन्होंने बताया कि फसल चक्र अपनाना, जैविक खादों का उपयोग, रसायनों का संतुलित प्रयोग, मृदा परीक्षण आधारित पोषण प्रबंधन तथा अवशेष प्रबंधन जैसी तकनीकें अपनाकर किसान लागत कम कर सकते हैं और उत्पादन में स्थायी वृद्धि कर सकते हैं। उन्होंने किसानों को मिट्टी की सेहत सुधारने के लिए प्राकृतिक एवं जैविक विकल्पों को प्राथमिकता देने की सलाह दी।

वहीं जिला उप संचालक कृषि (DDA) श्री रवींद्र मोदी ने कृषि क्षेत्र में संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, कृषि यंत्रीकरण अनुदान, सूक्ष्म सिंचाई योजना एवं तिलहन प्रोत्साहन योजनाओं के बारे में विस्तार से बताते हुए किसानों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने का आह्वान किया।

संगम में लगाए गए स्टॉल किसानों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। यहां उन्नत सरसों बीज, जैव उर्वरक, सूक्ष्म पोषक तत्व, ड्रिप सिंचाई तकनीक, मृदा परीक्षण, कीट प्रबंधन, फसल बीमा और बाजार लिंकज जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। किसानों ने विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी समस्याओं के समाधान प्राप्त किए और आधुनिक खेती की नई तकनीकों को समझा।

इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें केवल मंदसौर ही नहीं, बल्कि रतलाम और नीमच जिलों के साथ-साथ हरियाणा एवं राजस्थान से भी बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। विभिन्न राज्यों से आए प्रगतिशील किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि पुनर्योजी सरसों मॉडल से उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण में भी सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं।

विभिन्न राज्यों से आए प्रगतिशील किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि पुनर्योजी सरसों मॉडल से उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण में भी सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं।

“भारत सरसों संगम” ने न केवल किसानों को नई तकनीकों और बाजार से जोड़ा, बल्कि यह मंच किसानों, कंपनियों और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने का भी माध्यम बना। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन भविष्य में सरसों उत्पादन को नई दिशा देंगे और भारत को खाद्य तेल के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्री कन्हैया लाल, जनपद सदस्य तथा सरपंच, बड़ी संख्या में किसान, पत्रकार उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना अंतर्गत बेहपुर में 126 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न

मंदसौर 20 फरवरी 26/ मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत ग्राम बेहपुर में 126 जोड़ों का सामूहिक विवाह समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इनमें से 60 जोड़ों ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का लाभ प्राप्त किया। योजना के तहत लाभान्वित प्रत्येक वधू को राज्य सरकार द्वारा 49 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम में साधु-संतों का सान्निध्य प्राप्त हुआ। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा विजय पाटीदार, पूर्व विधायक श्री यशपाल सिंह सिसोदिया, जिला योजना समिति सदस्य श्री राजेश दीक्षित, जनपद अध्यक्ष श्री बसंत शर्मा, श्री नानालाल अटोलिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, वर-वधू के परिजन एवं पत्रकारगण उपस्थित रहे।

इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि विवाह हमारी संस्कृति की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है, जो समाज और परिवार की आधारशिला है। सामूहिक विवाह सम्मेलन आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए सहयोग और संबल का प्रतीक हैं। सरकार गरीब परिवारों के साथ मित्र बनकर सदैव खड़ी है।

उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा के 16 संस्कारों में पाणिग्रहण संस्कार अत्यंत पवित्र एवं महत्वपूर्ण है। विवाह दो परिवारों और दो संस्कारों का मिलन है। यह संस्कार हमारी संस्कृति एवं परंपरा की गरिमा को दर्शाता है। विवाह के माध्यम से कन्या अपने नए जीवन की शुरुआत करती है और माता-पिता का आशीर्वाद उसके जीवन को नई दिशा देता है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना का उद्देश्य बेटियों को सम्मानपूर्वक विदा करने के साथ-साथ उनके नए जीवन की शुरुआत को आर्थिक संबल प्रदान कर सशक्त आधार देना है। कार्यक्रम के अंत में सभी नवविवाहित जोड़ों को सुखद दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दी गईं तथा उन्हें शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर एवं सुखमय जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया।

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ग्राम टीलाखेड़ा में भूमि आवंटन के संबंध में आपत्ती/ अभिमत 23 फरवरी तक प्रस्‍तुत करें

मंदसौर 20 फरवरी 26 / मल्‍हारगढ़ तहसीलदार द्वारा बताया गया कि मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद पिपल्‍यामण्‍डी द्वारा ग्राम टीलाखेड़ा में स्थित शासकीय भूमि सर्वे नम्‍बर 54/2/3 मे से रकबा 0.10 हेक्‍टेयर भूमि पर एस.बी.एम.लिक्विड वेस्‍ट मेनेजमेंट योजनान्‍तर्गत एस.टी.पी. प्‍लान्‍ट लगाने हेतु भूमि आबंटित करने के लिए आवेदन प्रस्‍तुत किया है। एस.टी.पी. प्‍लान्‍ट लगाने के लिए अभिमत 23 फरवरी 2026 तक प्रस्‍तुत कर सकता है।

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जिला सड़क सुरक्षा सम‍िति की बैठक 23 फरवरी को

मंदसौर 20 फरवरी 26 / लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री द्वारा बताया गया कि जिला सड़क सुरक्षा सम‍िति की बैठक 23 फरवरी 2026 को टी.एल. की बैठक के पश्‍चात सुशासन भवन के सभाकक्ष में होगी।

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ग्राम लसुडिया कदमाला में भूमि आवंटन के संबंध में आपत्ती/ अभिमत 23 फरवरी तक प्रस्‍तुत करें

मंदसौर 20 फरवरी 26 / मल्‍हारगढ़ तहसीलदार द्वारा बताया गया कि सरपंच ग्राम पंचायत बरखेड़ा देव डूंगरी द्वारा ग्राम लसुडिया कदमाला में स्थित शासकीय भूमि सर्वे नम्‍बर 299 मे से रकबा 0.52 हेक्‍टेयर भूमि पर मांगलिक भवन निर्माण कार्य हेतु भूमि आबंटित करने के लिए आवेदन प्रस्‍तुत किया है। मांगलिक भवन निर्माण कार्य के लिए अभिमत 23 फरवरी 2026 तक प्रस्‍तुत कर सकता है।

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ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर में संध्या और शयन आरती की बुकिंग पूरी तरह हुई ऑनलाइन

संध्या आरती की बुकिंग दोपहर 12 बजे से और शयन आरती की बुकिंग शाम 4 बजे से

प्रति श्रद्धालु 250 रुपये शुल्क,अधिकृत वेबसाइट/पर करें बुकिंग

मंदसौर 20 फरवरी 26 / विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में दर्शन व्यवस्था को और अधिक सुगम, पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए मंदिर प्रबंध समिति ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उज्जैन में डिजिटलाइजेशन की प्रक्रिया का विस्तार करते हुए, समिति ने बाबा महाकाल की ‘संध्या आरती’ और ‘शयन आरती’ की बुकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन करने का निर्णय लिया है। अब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु घर बैठे ही आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आरती में शामिल होने के लिये अपना स्थान सुनिश्चित कर सकेंगे। श्रद्धालु श्री महाकालेश्वर मंदिर की अधिकृत वेबसाइट https://www.shrimahakaleshwar.mp.gov.in/ के माध्यम से ही बुकिंग कर सकते हैं।

संध्या आरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से शुरू होगी और शयन आरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से की जा सकेगी। दोनों ही आरतियों के लिए प्रति श्रद्धालु 250 रूपये का शुल्क (शीघ्र दर्शन के समान) निर्धारित किया गया है। बुकिंग की यह प्रक्रिया पूर्णतः ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर संचालित होगी।

बाबा महाकल की आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को प्रवेश द्वार क्रमांक 1 से ही प्रवेश दिया जाएगा। संध्या आरती के लिए शाम 6:00 बजे तक प्रवेश करना अनिवार्य होगा। शयन आरती के लिए रात 10:00 बजे तक ही प्रवेश मिल सकेगा।

आरती के दौरान जारी रहेंगे चलित दर्शन

मंदिर प्रबंधन ने यह स्पष्ट किया है कि दोनों आरतियों के निर्धारित समय के दौरान ‘चलित दर्शन’ की व्यवस्था सुचारू रूप से जारी रहेगी। इससे वे श्रद्धालु जो आरती की बुकिंग नहीं कर पाए हैं, वे भी कतार में चलते हुए सुगमता से बाबा महाकाल के दर्शन लाभ प्राप्त कर सकेंगे। मंदिर प्रबंधन समिति के अनुसार, इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी और श्रद्धालु-अनुकूल बनाना है, ताकि उज्जैन पहुँचने वाले हर भक्त को एक सुखद और दिव्य अनुभव प्राप्त हो सके।

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नगर पालिका ने अभियान चलाया 12 श्वान पकड़े गए 
मंदसौर- मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री प्रेमकुमार सुमन ने बताया कि नपाध्यक्ष श्रीमती रमादेवी बंशीलाल गुर्जर के दिशा निर्देश के अनुसार नगर पालिका की स्वास्थ्य शाखा के द्वारा स्वास्थ्य समिति सभापति श्रीमती दीपमाला रामेश्वर मकवाना के मार्गदर्शन में नगर के विभिन्न क्षेत्रों में आवारा एवं निराश्रित श्वान (कुत्तों) को पकड़ने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है दिनांक 19 व 20 फरवरी को दो दिवस की अवधि में जनकुपूरा क्षेत्र, दशरथ नगर एवं कलेक्ट्रेट कार्यालय रोड के समीप स्थित सिद्ध श्री कॉलोनी से श्वान कुत्तों को पकड़ने का विशेष अभियान चलाया गया जिसमें 12 श्वान (कुत्ते) पकड़े गए
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