नीमचमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश नीमच 18 फरवरी 2026 बुधवार

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जिले के सभी बैंक शाखाओं ने अधिकांश योजनाओं में लक्ष्‍यपूर्ति कर हितग्राहियों को लाभांवित किया है- श्री चंद्रा

पी.एम.स्‍वनिधि योजना में भी शेष सभी प्रकरण इसी माह स्‍वीकृत कर लक्ष्‍यपूर्ति करें- कलेक्‍टर

कलेक्‍टर ने जिला स्‍तरीय बैंकर्स समन्‍वय समिति की बैठक में दिए निर्देश

नीमच 17 फरवरी 2026, जिले की सभी बैंक शाखाओं के प्रबंधकों ने विभिन्‍न विभागों के माध्‍यम से संचालित स्‍वरोजगार हितग्राहीमूलक योजनाओं में वित्‍तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्‍यों के अनुरूप प्रकरण स्‍वीकृत कर हितग्राहियों को लाभांवित किया है। पीएम स्‍वनिधि योजना के तहत भी इस वर्ष लगभग 2500 प्रकरणों की स्‍वीकृति एवं वितरण शेष है। सभी बैंक शाखा प्रबंधक, बैंकों में लंबित पीएम स्‍वनिधि के सभी प्रकरणों में इस माह अंत तक स्‍वीकृति एवं ऋण वितरण कर लक्ष्‍यपूर्ति में सहयोग करें। यह बात कलेक्‍टर श्री हिमांशु चंद्रा ने मंगलवार को कलेक्‍टोरेट सभाकक्ष नीमच में आयोजित जिला स्‍तरीय बैंकर्स समन्‍वय समिति की बैठक को संबोधित करते हुए कही। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्‍णव, नाबार्ड प्रबंधक श्री योगेन्‍द्र सैनी, एलडीएम श्री शिशांतु शेखर, सांसद प्रतिनिधि श्री पवन कुमार दुबे व सभी बैंक शाखाओं के समन्‍वयक एवं प्रबंधकगण उपस्थित थे।

बैठक में बताया गया, कि पी.एम.स्‍वनिधि योजना के तहत बैंकों को प्रस्‍तुत 6428 प्रकरणों में से 3664 प्रकरण स्‍वीकृत किए जाकर, 3174 प्रकरणों में ऋण वितरण किया जा चुका है। शेष प्रकरणों में सभी बैंक शाखाए फरवरी अंत तक स्‍वीकृति जारी कर, ऋण वितरण सुनिश्चित करें। कलेक्‍टर ने पशुपालन विभाग की डॉ.भीमराव अम्‍बेडकर, कामधेनु योजना, आचार्य विद्यासागर डेयरी योजना के शेष लंबित प्रकरण भी स्‍वीकृत करने के निर्देश बैंक शाखा प्रबंधकों को दिए है।

बैठक में कलेक्‍टर ने सभी बैंक शाखाओं के प्रबंधकों को प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत आवास ऋण (होम लोन) प्राप्‍त करने वाले सभी पात्र हितग्राहियों को शासन की ब्‍याज अनुदान योजना का लाभ भी प्राथमिकता से प्रदान करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्‍टर द्वारा नाबार्ड द्वारा तैयार वर्ष 2026-27 में सम्‍भाव्‍यतायुक्‍त ऋण योजना (क्रेडिट प्‍लान) की पुस्‍तक का विमोचन भी किया।

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जनपद नीमच में आज रोजगार मेले का आयोजन

नीमच 17 फरवरी 2026, नीमच जिलें में म.प्र.राज्‍य ग्रामीण आजीविका मिशन जिला पंचायत नीमच द्वारा कलेक्‍टर श्री हिमांशु चंद्रा एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव के मार्गदशन में आज 18 फरवरी 2026 को जनपद पंचायत सभाकक्ष नीमच मे प्रातः 10.30 बजे से शाम 4 बजे तक रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। मेले में निजी क्षेत्र की कंपनियों भाग लेगी। मेले के लिए आवेदक 10 वीं, 12 वीं एवं स्नातक उत्‍तीर्ण हो और आयु 18 वर्ष से 35 वर्ष हो। इस मेले में उपस्थित होकर लाभ ले सकते हैं।

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कलेक्‍टर द्वारा अवैध परिवहन के एक प्रकरण में 28 हजार से अधिक की शास्ति आरोपित

नीमच 17 फरवरी 2026, कलेक्‍टर श्री हिमाशु चंद्रा द्वारा अवैध खनिज परिवहन के तीन प्रकरणों में कुल 28 हजार 750 की शास्ति अधिआरोपित की गई हैं। कलेक्‍टर श्री चंद्रा ने म.प्र. खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण का निवारण) नियम 2022 के तहत अनावेदक अवैध परिवहनकर्ता वाहन मालिक राहुल पिता शम्‍भुलाल गुर्जर निवासी डुंगलावदा द्वारा रेत का अवैध परिवहन करने पर खनिज रायल्टी का 15 गुना अर्थशास्ति राशि 3750 रूपए एवं पर्यावरण क्षतिपूर्ति 25 हजार रूपये इस प्रकार कुल 28750 रूपए की शास्ति अधिरोपित की हैं। खनिज विभाग द्वारा खनिज का अवैध परिवहन पाए जाने पर, प्रकरण पंजीबद्ध कर, कलेक्‍टर न्‍यायालय नीमच में प्रस्‍तुत किया गया था।

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जिला स्‍तरीय शांति समिति की बैठक आज

नीमच 17 फरवरी 2026, नीमच जिले में आगामी दिवसों में धार्मिक पर्व/त्‍यौहार जिले में आपसी भाईचारे एवं सौहार्द्रपूर्ण तरीके से मनाने हेतु जिला स्‍तरीय शांति समिति की बैठक कलेक्‍टर श्री हिमांशु चंद्रा की अध्‍यक्षता में आज 18 फरवरी 2026 को दोपहर 12.30 बजे कलेक्‍टोरेट सभाकक्ष नीमच में आयोजित की जा रही है। एडीएम श्री बी.एस.कलेश ने सभी स‍मिति सदस्‍यों और अधिकारियों से बैठक में उपस्थित होने का आगृह किया है।

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रतनगढ़ में 21 फरवरी को दिव्‍यांगता प्रमाण पत्र शिविर

नीमच 17 फरवरी 2026, संकल्प से समाधान अभियान तहत दिव्यांगता की पहचान कर दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी करने हेतु स्‍व.वीरेंद्र कुमार सखलेचा सामुदायिक भवन (डोम) जाट रोड़ रतनगढ़ में 21 फरवरी को प्रात: 10 बजे से शाम 4 बजे तक कलेक्टर श्री हिमांशु चन्द्रा एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव के मार्गदर्शन में विशेष शिविर आयोजित किया जा रहा है।

इस शिविर में विशेष रूप से स्कू‍लों में अध्यनरत बच्चों, आगंनवाडी केन्द्रों में पंजीकृत बच्चों, शाला पूर्व बच्चों तथा शाला त्यागी, शाला अप्रवेशी बच्चों, बाल संप्रेक्षण गृहों में निवासरत बच्चों, छात्रावासों में निवासरत बच्चों में दिव्यांगता की शीघ्र पहचान एवं त्वरित दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किया जावेंगा। जिससे, कि दिव्यांग व्यक्तियों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया जा सकें। शिविर में किराये में रियायत संबंधी रेल्वे् प्रमाण पत्र एवं बसपास भी जारी किये जावेंगें।

उप संचालक सामाजिक न्‍याय श्री पराग जैन ने क्षेत्र के सभी ग्राम पंचायत सचिव, सरपंच, आंगनवाडी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, स्कूलों शिक्षकों को शिविर का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक दिव्यांग व्यक्तियों को शिविर में स्क्रीनिंग एवं दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनवानें के लिए लाने के निर्देश दिए गये है। शिविर में स्क्रींनिंग हेतु दिव्यांग व्य‍क्ति को आवश्यक दस्‍तावेज जैसे- 4 पोसपोर्ट साईज फोटो, आधार कार्ड, समग्र आईडी की तीन-तीन फोटोकॉपी लाना आवश्यक हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए श्री बीएल अहीर से मोबाईल नम्बर 9713165344 पर संपर्क कर सकते हैं।

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नामांतरण एवं बटवारा का कोई भी प्रकरण समय सीमा बाह्य ना हो-श्री चंद्रा

तीन दिन में सीएम हेल्‍पलाईन में दर्ज सभी शिकायतों को गम्‍भीरतापूर्वक निराकृत करें

समय-सीमा पत्रों में निराकरण की बैठक में कलेक्‍टर ने दिए निर्देश

नीमच : 17 फरवरी 2026, सभी राजस्‍व अधिकारी नामांतरण, बटवारा का समय सीमा में निराकृत करना सुनिश्चित करें। नामांतरण, बटवारा का कोई भी प्रकरण समय सीमा के बाह्य ना हो। इस पर विशेष ध्‍यान दें। सभी जिला अधिकारी आगामी तीन दिनों में सीएम हेल्‍पलाईन में दर्ज सभी शिकायतों को गंभीरतापूर्वक निराकृत करें और संतुष्‍टी के साथ निराकरण का प्रतिवेदन दर्ज करवाएं। यह निर्देश कलेक्‍टर श्री हिमांशु चंद्रा ने मंगलवार को कलेक्‍टोरेट सभाकक्ष नीमच में समय-सीमा पत्रों के निराकरण की साप्‍ताहिक समीक्षा बैठक में जिला अधिकारियों को दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्‍णव, एडीएम श्री बी.एस.कलेश, सभी एसडीएम, डिप्‍टी कलेक्‍टर्स एवं जिला अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में कलेक्‍टर ने जिला शिक्षा केंद्र के परियोजना समन्‍वयक एवं जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए, कि वे आगामी शिक्षण सत्र में शाला जाने योग्‍य कोई भी बच्‍चा स्‍कूल में प्रवेश से शेष ना रहे। ऐसी कार्य योजना बनाकर क्रियान्वित करें, तो जिले में एक भी शाला जाने योग्‍य बच्‍चा शाला त्‍यागी या प्रवेश से शेष ना रहे। उन्‍होने निर्देश दिए, कि आंगनवाडी केंद्रों से 6 वर्ष आयु के बच्‍चों की सूची प्राप्‍त कर उन्‍हें उन सभी बच्‍चों को शाला में प्रवेश दिलाना सुनिश्चित करें।

गंदे पानी की समस्‍या का उसी दिन समाधान करें

बैठक में कलेक्‍टर ने न.पा.सीएमओ नीमच एवं सभी नगरीय निकायों के सीएमओ, जनपद सीईओ और कार्यपालन यंत्री लो.स्‍वा.या.वि., जल निगम, को निर्देश दिए, कि वे यदि कही से भी गंदे पानी की कोई समस्‍या, शिकायत प्राप्‍त होती है, तो उस पर तत्‍काल मौके पर टीम भेजकर समस्‍या का उसी दिन निराकरण सुनिश्चित करें। पेयजल संबंधी शिकायतों, समस्‍याओं पर कार्यवाही तत्‍काल सुनिश्चित की जाए। कोई विलम्‍ब या उदासीनता ना बरती जाए।

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म.प्र.आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26

म.प्र. ने प्रस्तुत किया संतुलित विकास का आदर्श उदाहरण : उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा

जीडीपी में 11.14 प्रतिशत वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय बढ़कर हुई 1,69,050 रूपये

नीमच : 17 फरवरी 2026, उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि मध्यप्रदेश ने दूरदर्शी आर्थिक नीतियों के साथ संतुलित और समावेशी विकास का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में प्रस्तुत आँकड़ों से जाहिर है कि मध्यप्रदेश योजनाबद्ध, संतुलित और परिणामोन्मुख विकास पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। श्री देवडा ने कहा, कि मध्यप्रदेश का विकास योजनाबद्ध, संतुलित और समावेशी रणनीति पर आधारित है। कृषि से उद्योग, सेवा से सामाजिक क्षेत्र और वित्तीय अनुशासन से सुशासन तक प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर प्रगति हुई है।

उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत को विश्व की मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने मध्यप्रदेश पूरी क्षमता के साथ तैयार है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने आर्थिक समृ‌द्धि के जो कदम उठाये हैं, उनके परिणाम मिलना शुरू हो गये हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने मंगलवार को विधानसभा में प्रस्तुत आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 अग्रिम अनुमान में राज्य का सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) प्रचलित भाव पर 16,69,750 करोड़ रूपये आँका गया है, जो वर्ष 2024-25 के 15,02,428 करोड़ रुपये की तुलना में 11.14 प्रतिशत वृ‌द्धि दर्शाता है। इसी प्रकार स्थिर (2011-12) भाव पर जीएसडीपी 7,81,911 करोड़ रूपये अनुमानित है, जो 8.04 प्रतिशत की वास्तविक वृ‌द्धि को प्रतिबिंबित करता है। उन्होने कहा कि आर्थिक विस्तार केवल मूल्य वृद्धि का परिणाम नहीं, बल्कि वास्तविक उत्पादन और गतिविधियों में वृद्धि का परिणाम है।

उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि राज्य में प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृ‌द्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2011-12 में प्रचलित भाव पर 38,497 रूपये रही प्रति व्यक्ति आय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 1,69,050 रूपये हो गई है। स्थिर (2011-12) भाव पर यही आय 76,971 रूपये तक पहुँच गई है। उन्होंने कहा कि यह आय स्तर में सुधार का संकेत है, जो जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन को रेखांकित करता है। श्री देवड़ा ने वर्ष 2025-26 में प्रचलित भाव पर सकल राज्य मूल्य वर्धन (जीएसवीए) में प्राथमिक क्षेत्र का योगदान 43.09 प्रतिशत, द्वितीयक क्षेत्र का 19.79 प्रतिशत तथा तृतीयक क्षेत्र का 37.12 प्रतिशत रहा। स्थिर भाव पर यह संरचना क्रमशः 33.54 प्रतिशत, 26.18 प्रतिशत और 40.28 प्रतिशत रही। इससे जाहिर है कि कृषि आधारित आधार को मजबूती देते हुए राज्य की अर्थव्यवस्था में उद्योतग और सेवा क्षेत्रों में भी संतुलित विस्तार हुआ है।

प्राथमिक क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में कुल सकल राज्य मूल्य वर्धन 6,79,817 करोड़ रूपये रहा, जो पिछले वर्ष के 6,33,532 करोड़ रूपये की तुलना में 7.31 प्रतिशत वृद्धि दर्शाता है। इस क्षेत्र में फसलें 30.17 प्रतिशत भागीदारी के साथ प्रमुख घटक रहीं। पशुधन, वानिकी, मत्स्य एवं जलीय कृषि तथा खनन एवं उत्खनन का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कृषि एवं ग्रामीण विकास के मोर्चे पर वर्ष 2024-25 में कुल फसल उत्पादन में 7.66 प्रतिशत तथा खा‌द्यान्न उत्पादन में 14.68 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई। उद्या निकी क्षेत्रफल 28.39 लाख हेक्टेयर रहा और दुग्ध उत्पादन 225.95 लाख टन तक पहुँचा। गांवों की समृ‌द्धि के लिए 72,975 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण तथा 40.82 लाख ग्रामीण आवासों के बनने से ग्रामीण आधार को मजबूती मिली है।

द्वितीयक क्षेत्र का कुल सकल राज्य मूल्य वर्धन- GSVA वर्ष 2025-26 में 3,12,350 करोड़ रूपये रहा, जो 9.93 प्रतिशत की वृ‌द्धि को दर्शाता है। निर्माण, विनिर्माण तथा विद्युत, गैस, जलापूर्ति एवं अन्य उपयोगी सेवाओं का प्रमुख योगदान रहा। उन्होंने कहा कि औद्योशगिक विकास के अंतर्गत 1,028 इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की गई, जिससे ₹1.17 लाख करोड़ के प्रस्तावित निवेश और लगभग 1.7 लाख रोजगार अवसरों का मार्ग प्रशस्त हुआ। वर्ष 2024-25 में एमएसएमई सहायता 2,162 करोड़ रुपये रही। राज्य में 1,723 स्टार्टअप और 103 इनक्यूबेशन केंद्र सक्रिय हैं, जबकि सीएसआर व्यय 600.47 करोड़ रूपये दर्ज किया गया।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि तृतीयक क्षेत्र ने सर्वाधिक तेज गति से वृ‌द्धि की है। वर्ष 2025-26 में इसका कुल GSVA 5,85,588 करोड़ रूपये रहा, जो 15.80 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। व्यापार, मरम्मत, होटल एवं रेस्टोरेंट, वित्तीय सेवाएँ, रियल एस्टेट, लोक प्रशासन तथा अन्य सेवाओं का प्रमुख योगदान रहा है। पर्यटन क्षेत्र में 13.18 करोड़ पर्यटकों का आना यह बताता है कि इस क्षेत्र में गति आई है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में 618 करोड़ रूपये राजस्व आधिक्य अनुमानित कर राजस्व में 13.57 प्रतिशत वृद्धि तथा ऋण-GSDP अनुपात 31.3 प्रतिशत रहना यह दर्शाता है कि मध्यप्रदेश के वित्तीय अनुशासन में निरंतर सुधार हुआ है।

उप मुख्यमंत्री श्री देवड़ा ने कहा कि नगरीय विकास के अंतर्गत अमृत 2.0 में 4,065 करोड़ रुपये का आवंटन और 1,134 परियोजनाओं की स्वीकृति दी गई। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत 8.75 लाख आवास पूर्ण हुए तथा स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में राज्य को 8 राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए। स्वास्थ्य क्षेत्र में कुल व्यय 34,112 करोड़ रुपये (GSDP का 3 प्रतिशत) रहा। नवंबर 2025 तक 4.42 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए गए और मातृ मृत्यु दर 379 (2001-03) से घटकर 142 (2021-23) प्रति लाख जीवित जन्म हो गई।

शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में कुल बजट का 10.37 प्रतिशत शिक्षा के लिए आवंटित किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 9 प्रतिशत अधिक है। कक्षा 1-5 में ड्रॉपआउट दर शून्य रही और कक्षा 6-8 में यह घटकर 6.3 प्रतिशत रह गई। 45,668 वि‌द्यार्थियों को 500 करोड़ रूपये की सहायता प्रदान की गई। तकनीकी शिक्षण संस्थानों की संख्या 1,625 से बढ़कर 2,070 हो गई है।

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वाटरशेड से लाभांवित किसान ने नगदी फसलों को अपनाकर अपनी आय में किया इजाफा

नीमच : 17 फरवरी 2026, नीमच जिले के जावद विकासखंड की ग्राम पंचायत दौलतपुरा जाट के ग्राम कीरता निवासी सीमांत कृषक श्री मुकुंददास बैरागी ने वर्षों से परम्परागत खेती पर ही निर्भर होने के कारण परिश्रम का उतना प्रतिफल उन्‍हें नही मिल पा रहा था। उनकी आपकी आय भी बहुत सीमित थी।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) के तहत संचालित वाटरशेड विकास कार्यक्रम ने मध्य प्रदेश के सीमांत किसानों के लिए जल संरक्षण, मृदा सुधार एवं आय-वृद्धि के नए अवसर सृजित किए है। कलेक्‍टर श्री हिमांशु चन्द्रा एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्णव के मार्गदर्शन में वाटरशेड की टीम ने स्वयं कृषक के घर एवं खेत पर पहुँचकर आवश्यक दस्तावेज एकत्रित किए और योजना का लाभ प्रदान किया तथा सीधे उनके बैंक खाते में कुल राशि 23,200 रूपये की वित्तीय सहायता प्रदाय की।

वाटरशेड योजना के तहत लाभाविंत हितग्राही को वाटरशेड टीम के विशेषज्ञों ने ड्रिप सिंचाई एवं मल्चिंग (Mulching) जैसी जल-संरक्षण एवं लागत-कम करने वाली उन्नत तकनीकों को अपनाने हेतु प्रोत्साहित किया। इन तकनीकों के प्रयोग जल की बचत, खरपतवार नियंत्रण में सहायता, फसल की उत्पादकता में वृद्धि होने के साथ ही कुल लागत में कमी आई। जल संरक्षण एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों से प्रेरित होकर किसान मुकुन्‍द दास बैरागी ने आपने अपनी 1.25 बीघा जमीन में परंपरागत फसलों के स्थान पर टमाटर की उन्नत खेती करने का निर्णय लिया।

जो उनके लिए आर्थिक दृष्टि से अत्यंत लाभकारी साबित हुआ। उन्नत किस्म के बीजों का चयन, संतुलित पोषण प्रबं, जैविक एवं रासायनिक कीटनाशकों का समुचित उपयोग, ड्रिप सिंचाई प्रणाली, तार फेंसिंग कर फसलों की सुरक्षा में लगभग 60 हजार से 70 हजार की लागत आई। समय पर रोपाई, फसल की नियमित निगरानी तथा वैज्ञानिक कीट-रोग प्रबंधन के परिणामस्वरूप टमाटर की गुणवत्ता एवं उत्पादन में उल्लैखनीय वृ‌द्धि हुई। उत्पादित फसल का विपणन निंबाहेड़ा मंडी में किया।

इस उन्नत खेती से कृषि श्री बैरागी का लगभग 3.5 लाख 2/3 लाख तक का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। यह सफलता केवल कृषक श्री मुकुंददास बैरागी की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि क्षेत्र के अन्य सीमांत किसानों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बनी है। किसान मुकुन्‍ददास बैरागी का कहना है, कि यदि किसान केवल मूंगफली, सोयाबीन, गेहूं एवं चना जैसी पारंपरिक फसलों पर निर्भर न रहकर आधुनिक नगदी फसलों को अपनाएं तथा जल संरक्षण तकनीक, उन्नत बीज और बाजार से जुड़ाव पर ध्यान दें, तो कम भूमि में भी अधिक आय अर्जित की जा सकती है।

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जनसुनवाई में प्राप्‍त आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण करें- श्री चंद्रा

कलेक्‍टर ने की जनसुनवाई — 92 आवेदकों की सुनी समस्‍याएं

नीमच 17 फरवरी 2026, कलेक्‍टर श्री हिमांशु चंद्रा ने मंगलवार को जनसुनवाई करते हुए 92 आवेदकों की समस्‍याएं सुनी और उनका निराकरण समय-सीमा करने के निर्देश संबंधित जिला अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्‍णव, अपर कलेक्‍टर श्री बी.एस.कलेश सहित अन्‍य जिला अधिकारी उपस्थित थे।

जनसुनवाई में जावद के असलम मोहम्‍मद, नीमच सिटी की पायल, नयागांव के राजू धाकड़, पिपलिया की विद्याबाई, स्‍कीम नं.34 नीमच की संतोष देवी, सेमली चंद्रावत के राधेश्‍याम, जावद के आसिफ, देवरान के कारूलाल, कंजार्डा के प्रेमचंद्र, दामोदरपुरा की शांतिबाई, तालखेडा के धन्‍नालाल, गिरदौडा के भारतसिह, लसूडी तंवर के ओमप्रकाश, चल्‍दू के गौरव सिह, विकास नगर नीमच के मनोज कुमार, आंत्रीमाता के राजमल ने अपने आवेदन प्रस्‍तुत किए।

इसी तरह सरवानिया बोर की रामप्‍यारी बाई, मोरवन के सुरेन्‍द्र कुमार, धनेरिया कलां के मोहनलाल, स्‍कीम नं.34 नीमच की रूकमणी, बल्‍दरखा के शंकरलाल, जन्‍नौद के मोहन, विकास नगर नीमच की कमलादेवी, अथवा बुजुर्ग के सुनील, रतनगढ़ के चांदमल, कुमारिया विरान की कलाबाई, ऊचेड की जमुना, रतनगढ के राधेश्‍याम ने भी अपनी समस्‍याओं से संबंधित आवेदन प्रस्‍तुत किए। जिस पर कलेक्‍टर ने कार्यवाही करने के लिए संबंधित जिला अधिकारियों को दिए।

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मुख्‍यमंत्री कृ‍षक जीवन कल्‍याण योजना के तहत

पीडित परिवार को चार लाख की आर्थिक सहायता स्‍वीकृत

नीमच 17 फरवरी 2026, कलेक्‍टर श्री हिमांशु चंद्रा द्वारा मुख्‍यमंत्री कृषक जीवन कल्‍याण योजना के तहत मनासा उपखण्‍ड के गांव खजूरी निवासी किसान रामप्रसाद पिता प्रभुलाल ब्राह्मण की खेत पर कृषि कार्य करते 16 जून 2026 को विद्युत करंट लगने से उपचार के दौरान मृत्‍यु हो जाने पर मृतक किसान की वारिस पत्नि श्रीमती शकुंतला बाई एवं सुभाष व रानू पिता स्‍व.रामप्रसाद ब्राह्मण निवासी खजूरी को 4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्‍वीकृत की गई है। तहसीलदार मनासा द्वारा एसडीएम मनासा के माध्‍यम से पीडित परिवार को आर्थिक सहायता का प्रकरण तैयार कर स्‍वीकृति के लिए कलेक्‍टर नीमच को प्रेषित किया था। इस पर कलेक्‍टर द्वारा पीडित परिवारों को मुख्‍यमंत्री कृषक जीवन कल्‍याण योजना के तहत 4 लाख रूपये की आर्थिक सहायता स्‍वीकृत की गई।

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प्रधानमंत्री सूक्ष्‍म खाद्य उद्योग उन्‍नयन योजना

मसाला उद्योग स्‍थापित कर, सफल उद्यमी बने नीमच के संस्‍कार पाटीदार

मसाला प्रसंस्‍करण उद्योग से कर रहे है 8 से 10 लाख रूपये की सालाना कमाई

नीमच 17 फरवरी 2026, प्रधानमंत्री सूक्ष्‍म खाद्य उद्योग उन्‍नयन योजना के लाभ लेकर नीमच के गांव बिसलवास कला के युवा उद्यमी श्री संस्‍कार पाटीदार ने 12.24 लाख रूपये राशि से श्री उत्‍सव मसाला उद्योग के नाम से अपनी मसाला प्रसंस्‍करण उद्योग ईकाई स्‍थापित कर उसका सफलतापूर्वक संचालन कर रहे हैं। युवा उद्यमी श्री संस्‍कार पाटीदार ने उद्यानिकी विभाग के सहयोग से पीएमएफएमई योजना के तहत अजवाईन एवं अन्‍य मसाला प्रसंस्‍करण ईकाई स्‍थापित करने के लिए 12.24 की राशि से उद्योग स्‍थापित किया हैं।

प्रधानमंत्री सूक्ष्‍म खाद्य उद्योग उन्‍नयन योजना के तहत संस्‍कार पाटीदार को अजवाईन व अन्‍य मसाला उद्योग स्‍थापित करने के लिए बैंक आफ इंडिया से 9.80 लाख रूपये का ऋण स्‍वीकृत हुआ है। इस पर उन्‍हें शासन की ओर से 4.28 लाख रूपये का अनुदान भी मिला हैं।

अपना स्‍वयं का मसाला उद्योग स्‍थापित कर श्री संस्‍कार पाटीदार ब्रांड नेम अग्निपुष्‍प नाम से अपना स्‍वयं का प्रसंस्‍करित मसाला तैयार कर, अपने उत्‍पाद को स्‍थानीय बाजार एवं उदयपुर, जयपुर(राजस्‍थान) में विक्रय कर प्रति वर्ष 8 से 10 लाख रूपये की आय प्राप्‍त कर रहे है। संस्‍कार पाटीदार ने पीएमएफएमई योजना का लाभ लेकर न केवल अपने स्‍वयं का उद्योग स्‍थापित कर अपना रोजगार सृजित किया है, बल्कि अन्‍य लोगो भी रोजगार उपलब्‍ध करवा रहे है। श्री संस्‍कार पाटीदार पीएमएफएमई योजना से मिले लाभ से आज सफल उद्यमी बन गये है। उन्‍होने आर्थिक आत्‍मनिर्भरता की राह चुन ली हैं। वे आज अपने परिवार और क्षेत्र की समृद्धि में अपना योगदान भी दे रहे हैं।

उल्‍लैखनीय है, कि कलेक्‍टर श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में नीमच जिले में पी.एम.एफ.एम.ई. योजना के तहत अब तक कुल 205 हितग्राहियों को लाभांवित किया गया है। इस वित्‍तीय वर्ष में 120 हितग्राहियों को लाभांवित कर, नवीन उद्योग इकाईयां स्‍थापित करवाई गई है। इस योजना के क्रियान्‍वयन में नीमच जिला प्रदेश एवं संभाग के अग्रणी जिलो में शामिल है।

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