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धर्मराजेश्वर महादेव मंदिर में आस्था का सैलाब: महाशिवरात्रि पर उमड़े हजारों श्रद्धालु, मोक्ष की कामना के साथ किया रात्रि जागरण

धर्मराजेश्वर महादेव मंदिर में आस्था का सैलाब: महाशिवरात्रि पर उमड़े हजारों श्रद्धालु, मोक्ष की कामना के साथ किया रात्रि जागरण

चंदवासा। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शामगढ़ तहसील के ऐतिहासिक धर्मराजेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में श्रद्धा और भक्ति का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। तीन दिवसीय मेले के पहले ही दिन मालवा, मेवाड़ और हाड़ोती सहित विभिन्न राज्यों से आए करीब 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। मान्यता है कि यहाँ रात्रि जागरण करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है, इसी अटूट विश्वास के साथ हजारों भक्त रात भर मंदिर परिसर में डटे रहे।
​महाशिवरात्रि के विशेष अवसर पर धर्मराजेश्वर महादेव का श्रृंगार आकर्षण का केंद्र रहा। केदारेश्वरनाथ की तर्ज पर 5 क्विंटल विदेशी और सुगंधित फूलों से समूचे मंदिर को सजाया गया। मंदिर की आभा देखते ही बन रही थी, जिसे निहारने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। ​मेले की विशालता और भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। SP विनोद कुमार मीणा ने स्वयं मेला और मंदिर स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। एएसपी हेमलता कुरील के मार्गदर्शन और एसडीओपी दिनेश प्रजापति के नेतृत्व में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। थाना प्रभारी कपिल सोराष्ट्रीय, चौकी प्रभारी मनोज महाजन और सब-इंस्पेक्टर विकास गेहलोत सहित भारी पुलिस बल चप्पे-चप्पे पर तैनात रहा।
​ ​धर्मराजेश्वर का यह मेला जिले का सबसे बड़ा मेला माना जाता है। इस स्थान का अपना एक गौरवशाली इतिहास है। माना जाता है कि इस मंदिर का निर्माण महाभारत काल में पांडवों द्वारा किया गया था। यह दुर्लभ मंदिर महादेव (शिव) और भगवान विष्णु दोनों को समर्पित है। यहाँ समीप ही बौद्धकालीन गुफाएं भी स्थित हैं। बच्चों और परिवारों के लिए मेले में झूले, चकरी, मिक्की माऊस और घरेलू सामान की सैकड़ों दुकानें सजी हैं। ​महाशिवरात्रि भोजन प्रसादी भंडारा समिति द्वारा इस वर्ष 10वें विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। शनिवार दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ यह भंडारा देर रात तक अनवरत चलता रहा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की।
थाना प्रभारी कपिल सोराष्ट्रीय ने बताया कि प्रथम दिन करीब 60 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन का लाभ दिया वही करीब 15 हजार से अधिक श्रद्धालु रात्रि जागरण हेतु मंदिर परिसर में ठहरे।

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