केन्द्रीय बजट पर राज्यसभा में सांसद बंशीलाल गुर्जर ने कहा -140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं का बजट

केन्द्रीय बजट पर राज्यसभा में सांसद बंशीलाल गुर्जर ने किया संबोधित कहा –
यह बजट देश के 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं का बजट है
मंदसौर। गुरूवार को राज्यसभा में केन्द्रीय बजट पर चर्चा के दौरान राज्यसभा सांसद बंशीलाल गुर्जर ने भी संबोधित किया और कहा कि सभापति मैं आपको धन्यवाद देता हूं कि आपने मुझे बजट 2026-27 पर बोलने का अवसर दिया । यह बजट देश के 140 करोड़ देशवासियों की आकांक्षाओं का बजट है यह भारत को एक भविष्य का सशक्त भारत बनाने वाला बजट है । यह बजट किसान, गरीब, युवा एवं महिलाओं को सशक्त बनाने वाला बजट है। महोदय भारत एक कृषि प्रधान देश है इसकी आबादी का लगभग 60% हिस्सा कृषि पर निर्भर है किसान सशक्त होंगे तो देश सशक्त होगा माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जब से देश की बागडोर संभाली तब से माननीय प्रधानमंत्री जी ने किसानों को सशक्त बनाने का संकल्प लिया यह संकल्प मोदी जी की सरकार की पहलों में दिखता है ।
इस वर्ष के बजट में कृषि को प्राथमिकता देते हुए गत वर्ष 2025 26 से 12472.08 करोड़ ज्यादा बजट प्रदान किया है वर्ष 2025 26 में 220089.30 करोड़ के स्थान पर इस वर्ष 232561.38 करोड़ (दो लाख बत्तीस हजार पांच सौ इकसठ करोड़ अड़तीश लाख) का प्रावधान किया है जो वर्ष 2013-14 के 27000 करोड़ के मुकाबले 8.6 गुना से ज्यादा बजट है इससे भारत के किसान और सशक्त होंगे
मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को धन्यवाद देता हूं माननीय प्रधानमंत्री जी की समग्र दृष्टि का परिणाम है कि इस वर्ष के बजट में नारियल के किसानों के लिए विशेष प्रावधान करते हुए पुराने नारियल पेड़ों को बदलकर नए पेड़ लगाकर नारियल की उत्पादकता बढ़ाए जाने का मैं स्वागत करता हूं े
नारियल की खेती में लगे करीब एक करोड़ किसानों और तीन करोड़ (अन्य) किसान लाभान्वित होंगे यह योजना सभी नारियल उत्पादक राज्यों तमिलनाडु, केरल ,कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा सहित सभी राज्यों के किसानों को इसका फायदा मिलेगा महोदय नारियल विकास बोर्ड को भी सशक्त करने के लिए 37 करोड रुपए का प्रावधान किया है इसके साथ ही कोकोनट प्रोत्साहन योजना का भी विस्तार किया गया है े
पशुपालन व डेयरी/दुग्ध उत्पादन को भी विशेष महत्व दिया गया है पशुपालन व डेयरी कृषि आय में 16% का योगदान होता है जो किसानों की आमदनी बढ़ाने में बड़ा योगदान है। पशुपालन डेयरी के लिए 6363 करोड़ का बजट प्रावधान 2026-27 में है जबकि यह वर्ष 2013 14 का 4 गुना से अधिक का प्रावधान किया गया है मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी एवं वित्त मंत्री माननीय निर्मला सीतारमण जी को धन्यवाद देता हूं महोदय डेयरी को सशक्त करने के लिए पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के लिए पूंजी सब्सिडी योजना प्रारंभ किए जाने का प्रावधान किया गया है इससे दुग्ध उत्पादन में सहयोग मिलेगा ।
भारत आज विश्व का बड़ा मछली निर्यात करने वाला देश है। मत्स्य पालन को भी भारत सरकार प्रोत्साहित कर रही है। मछुआरों की समस्याओं के समाधान के लिए तटीय क्षेत्रों में मूल्य श्रृंखला सुदृढ़ करने का प्रावधान है। इससे मछुआरों को पूरी कीमत दिलाने की व्यवस्था होगी।
मछली पालन को और सशक्त व सुगम बनाने के लिए 500 जलाशयों व अमृत सरोवर का एकीकृत विकास करने का प्रावधान बजट में किया गया है यह कदम जल संरक्षण ग्रामीण रोजगार एवं पोषण सुरक्षा, तीनों लक्ष्यों को एक साथ साधता है
उच्च मूल्य वाली खेती को बढ़ावा देते हुए नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी फसलों के लिए विशेष सहायता का प्रावधान किया गया है, साथ ही वर्ष 2030 तक भारतीय काजू और कोको को प्रीमियम वैश्विक ब्रांड बनाने का लक्ष्य है।
इसके अतिरिक्त, सहकारी संस्थाओं को पशुचारे और बिनौले की आपूर्ति पर कर कटौती का लाभ देकर कृषि क्षेत्र को मजबूती दी गई है।
कृषि के साथ अर्थव्यवस्था की रीढ़ को मजबूत करने वाला बजट किसानों के लिए किसानों की आय में वृद्धि करने और कृषि को आधुनिक बनाने के लिए यह बजट अत्यंत सकारात्मक है। ‘भारत-विस्तार’ नामक बहुभाषीय ए.आई. टूल के माध्यम से कृषि प्रणालियों को तकनीक से जोड़ा जाएगा।
महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और कौशल विकास को प्राथमिकता देते हुए बजट में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। वी.जी.एफ. और पूंजीगत सहायता के माध्यम से देश के प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास की स्थापना का प्रस्ताव है, इसके लिए लगभग 10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे छात्राओं को सुरक्षित आवास मिल सकेगा। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
ग्रामीण महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए विशेष पहल की गई है, जिसमें लखपति दीदी योजना पर आधारित सामुदायिक स्व-सहायता समूह उद्यम स्थापित करने का प्रावधान है। इससे महिलाओं को क्रेडिट लिंक्ड आजीविका से उद्यम स्वामित्व की ओर जाने में मदद मिलेगी।
महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने हेतु 1.5 लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं और 1 लाख संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही, ‘सबका साथ, सबका विकास’ के दृष्टिकोण के तहत संसाधनों और अवसरों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। युवा भारत के लिए सेवा क्षेत्र पर विशेष जोर बढ़ाया जाएगा। युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के लिए बजट में व्यापक अवसर हैं। ‘शिक्षा से रोजगार एवं उद्यम’ स्थायी समिति का गठन और 15,000 माध्यमिक विद्यालयों व 500 महाविद्यालयों में ए.वी.जी.सी. कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना रचनात्मकता को बढ़ावा देगी।
शिक्षा के माध्यम से रोजगार और उद्यम के अवसर बढ़ाने के लिए एक उच्चाधिकार प्राप्त स्थायी समिति बनाई जाएगी। इस समिति का लक्ष्य वर्ष 2047 तक सेवा क्षेत्र में 10 प्रतिशत की वैश्विक हिस्सेदारी हासिल कर देश को अग्रणी बनाना है।
यह समिति विकास, रोजगार और निर्यात की संभावनाओं पर विशेष ध्यान देगी।
एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन युवा उद्यमियों को संबल प्रदान करेगा।
एमएसएमई क्षेत्र में महिलाओं के लिए 10000 करोड रुपए का रटए ग्रोथ फंड घोषित किया गया है जो महिलाओं के लिए इक्विटी सपोर्ट प्रदान करेगा देखा जाए तो पहली बार उद्यमी महिलाओं के लिए टर्म लोन और मेंटरशिप का विस्तार किया गया है मिडिल क्लास परिवारों को गुणवत्तापूर्ण इलाज देने के लिए जिला स्तर पर बायोफार्मा और आयुष केंद्रों के लिए 10,000 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है।
मध्यम वर्ग को बजट से मिली बड़ी राहत
स्वास्थ्य के खर्च को कम करने के लिए सरकार ने दवाओं पर लगने वाले शुल्क में कटौती की है। कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाओं पर सीमा शुल्क शून्य या बहुत कम कर दिया गया है। स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए ‘बायोफार्मा शक्ति’ के तहत 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन और तीन नए एन.आई.पी.ई.आर. संस्थानों का निर्माण भारत को वैश्विक बायोफार्मा केंद्र बनाएगा।



