
समय रहते नहीं हटाया गया विद्यालय परिसर से अतिक्रमण तो बड़ी घटना का अंदेशा….?
✍️ राजेन्द्र देवड़ा
आलोट। रतलाम जिले के अंतिम छोर पर बसे आलोट तहसील के बरखेड़ा कला जोकि पूर्व सांसद एवं वर्तमान कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद्र गेहलोत ने इस ग्राम पंचायत को आर्दश ग्राम पंचायत योजना अंतर्गत को गोंद लिया था। बरखेड़ा कला में अव्यवस्थाओं का अंबार लगा हुआ है।
गांव बरखेड़ा में चहुंओर अतिक्रमण तथा गंदगी का आलम बना हुआ है। बस स्टैंड स्थित हाईस्कूल परिसर सीमा में वर्षों से बड़ी बड़ी दुकानों बनाकर अतिक्रमण किया गया है।अतिक्रमणकर्ताओं ने इस विद्यालय को चहुंओर से अतिक्रमण कर घेर रखा है ।जिसके कारण छात्र छात्राओं को विद्यालय से निकलने में दिक्कते उठाना पड़ती है विद्यालय परिसर में दुकानों की गंदगी पसरी पड़ीं है। गंदगी होने से छात्र छात्राओं को परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं इन दुकानों पर लड़ाई झगडे गाली गलौज होने से विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं पर बुरा असर पड़ रहा है। गत वर्ष दो समुदायों के बिच झगड़े फसाद होने के बाद माहौल गर्म हुआ था।
बरखेड़ा से कुछी दुरी पर सुप्रसिद्ध प्राचीन मंदिर जोगणियां माता चम्बल तट पर स्थित है। यहां प्रतिदिन श्रद्धालु आते हैं रविवार को इस मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़-भाड़ रहती है। ग्राम पंचायत बरखेड़ा कला में रविवार को हाट-बाजार भी इसी स्थान पर लगता जिसमें आस-पास के लोग व्यापारी अपने पशुओं को बेचने और खरीदने के लिए आते इस दिन बस स्टैंड तथा जोगणियां माता मंदिर मार्ग हाथ थेला वाले तथा जमीन पर दुकानें वाले से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। आलोट तहसीलदार ने गत वर्ष 24/12/2025 को स्कूल परिसर के आसपास के अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया गया था किन्तु ग्राम पंचायत बरखेड़ा कला की कार्यशैली और कार्रवाई के अभाव में यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है ।
ग्राम पंचायत बरखेड़ा ने आलोट तहसीलदार के आदेश को अनदेखा कर अब तक कोई कार्रवाई नहीं कि जिसका नतीजा यह रहा इस क्षेत्र में अतिक्रमणकर्ताओं के होंसले बुलंद हो गए । जोगणियां माता मंदिर में आने वाले यात्री गणों को जाम से निकलने में बड़ी परेशानी उठानी पड़ती है।


