झालावाड़पचपहाड़ (Pachpahar)

शिक्षा किसी भी बच्चों के जीवन की मजबूत नींव होती है- उपखंड अधिकारी

शिक्षा किसी भी बच्चों के जीवन की मजबूत नींव होती है- उपखंड अधिकारी

भवानीमंडी । ( जगदीश पोरवाल ) उपखंड अधिकारी श्रद्धा गोमे ( आई ए एस ) ने प्रेरणादायी पहल करते हुए “शिक्षा की और नन्हे कदम”की शुरुआत करते हुए मंगलवार को 30 बच्चों का स्कूल में दाखिला करवाया तथा उन्हें भामाशाह के माध्यम से स्वैटर , स्कूल ड्रेस , बैग व किताबें दिलाई गई ।

उपखण्ड अधिकारी श्रद्धा गोमे ने कहा कि शिक्षा किसी भी बच्चे के जीवन की मजबूत नींव होती है जो उसके सर्वांगीण विकास ज्ञानवृद्धि एवं सकारात्मक जीवन मूल्यों का आधार बनती है। इसी सोच को साकार रूप देते हुए एक सराहनीय एवं प्रेरणादायी पहल की गई।

गाड़िया लोहार के बच्चों को शिक्षित करना है-

एसडीएम श्रद्धा गोमे मकर संक्रांति के दिन प्रातः भ्रमण (मॉर्निंग वॉक) के दौरान उनका का ध्यान बायपास स्थित सिकलीगर बस्ती के गाड़िया लोहार समुदाय के बच्चा की ओर गया। बस्ती में रह रहे लोगों से संवाद के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वहां लगभग 30 ऐसे बच्चे निवासरत हैं जो विद्यालय जाने की आयु में होने के बावजूद शिक्षा के प्रति जागरुकता के अभाव में अब तक विद्यालय से वंचित थे।

शिक्षा विभाग और नगर पालिका प्रशासन को मौके पर बुलाया

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए एसडीएम सुश्री श्रद्धा गोमे ने इसे व्यक्तिगत रूप से प्राथमिकता देते हुए मकर संक्रांति के अगले ही दिन स्वयं गाड़िया लोहार समुदाय के बीच पहुँचकर बच्चों एवं उनके अभिभावकों से संवाद किया। उन्होंने शिक्षा के महत्व, इसके दीर्घकालिक लाभ एवं बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए इसकी अनिवार्यता को सरल एवं प्रेरक शब्दों में समझाया। इस अवसर पर नगरपालिका एवं शिक्षा विभाग की टीम भी उपस्थित रही। जिससे यह संदेश स्पष्ट हुआ कि प्रशासन बच्चों की शिक्षा को लेकर पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

स्कूल किट पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और आँखों में पढ़ने की ललक स्पष्ट दिखाई दी-

बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह जागृत करने हेतु एसडीएम के निर्देशन में सभी बच्चों को मिठाई के साथ स्कूल किट का वितरण किया गया। स्कूल किट पाकर बच्चों के चेहरों पर खुशी और आँखों में पढ़ने की ललक स्पष्ट दिखाई दी। साथ ही उपखण्ड अधिकारी द्वारा शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया कि क्षेत्र में ऐसे सभी बच्चों का सर्वे किया जाए जो वि‌द्यालय जाने की आयु में हैं किंतु किसी कारणवश स्कूल नहीं जा पा रहे हैं ताकि प्रशासन ‌द्वारा समय रहते ठोस एवं सकारात्मक कदम उठाए जा सकें।

विद्यालय किट वितरण में भामाशाह का सहयोग रहा-

मंगलवार को प्रशासन के सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप उन सभी 30 बच्चों का विद्यालय में औपचारिक नामांकन कराकर उनके भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक और प्रभावी कदम उठाया गया। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से प्रेरित होकर स्थानीय भामाशाह दवारा सभी बच्चों को वि‌द्यालय किट (स्वेटर. पुस्तकै बस्ता. पेंसिल आदि) वितरित की गई तथा वि‌द्यालय में खेलकूद गतिविधियों के विकास में भी सहयोग देने की घोषणा की गई।

बच्चो और अभिभावकों के चेहरों पर अपार खुशी और संतोष देखने को मिला-

विद्यालय में नामांकन एवं आवश्यक सामग्री प्राप्त होने पर बच्चों एवं उनके अभिभावकों के चेहरों पर अपार खुशी और संतोष देखने को मिला। उत्साहित बच्चो ने उपखण्ड अधिकारी से वादा किया कि वे नियमित रूप से विद्यालय आकर मन लगाकर पढ़ाई करेंगे और अपने साथ-साथ अन्य बच्चों को भी शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रेरित करेंगे। यह पहल न केवल प्रशासनिक संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण है बल्कि यह दर्शाती है कि प्रशासन के सशक्त नेतृत्व एवं मानवीय दृष्टिकोण से समाज के सबसे अंतिम पंक्ति में खड़े बच्चों के जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

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