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समाचार मध्यप्रदेश रतलाम 10 जनवरी 2026 शनिवार

निशुल्क कृत्रिम पैर शिविर का आयोजन 19 जनवरी को उज्जैन में किया जाएगा

प्रभारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ वर्षा कुरील ने बताया कि रोटरी क्लब ऑफ उज्जैन ग्रेटर द्वारा रत्नानिधि चेरिटेबल ट्रस्ट, मुंबई के सौजन्य एवं रोटरी क्लब ऑफ इंदौर अपटाऊन के सहयोग से RATNA निःशुल्क कृत्रिम पैर चिन्हांकन शिविर का आयोजन 19 जनवरी सोमवार को प्रशांति गार्डन, होटल अंजूश्री के सामने, इंदौर रोड़, उज्जैन पर किया जाएगा।

इस शिविर में पैर का माप लिया जायेगा व तद्नुसार प्रत्येक व्यक्ति के हिसाब से कृत्रिम पैर, तीन सप्ताह बाद लगाया जायेगा। जिन व्यक्तियों के पैर, घुटने के ऊपर या नीचे की तरफ से किसी दुर्घटनावश कट गए हैं, उन्हें वजन में हल्के और उच्च गुणवत्ता वाले कृत्रिम पैर आसानी से लगाए जा सकते हैं।

अगर किसी को स्वयं इस कृत्रिम पैर की आवश्यकता है अथवा किसी ऐसे जरूरतमंद व्यक्ति को जानते हैं, तो तत्काल उनका सम्पूर्ण विवरण (नाम, पता, मोबाईल नम्बर तथा फोटो, जिसमें कटा हुआ पैर स्पष्ट दिख रहा हो) तो रोटे. विनोद शर्मा के मोबाइल नंबर 9827262822, रोटे. डॉ. प्रमोद जैन के मोबाइल नंबर 9131545297 अथवा रोटे. मनोज तिवारी के मोबाइल नंबर 9425091882 पर अथवा रोटे. संजीव खंडेलवाल मो. 9329491988 पर भेज सकते हैं।

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स्कूलों में संचालित वाहनों के संबंध में बैठक संपन्न

कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह के आदेशानुसार आज कलेक्टर सभागृह में जिला परिवहन अधिकारी श्री जगदीश बिल्लौरे एवं डीएसपी ट्रैफिक द्वारा स्कूलों में संचालित वाहन जैसे ऑटो, टाटा मैजिक , ई-रिक्शा चालको एवं स्कूल बसों के चालकों के साथ बैठक ली गई। बैठक में वाहन मालिको एवं वाहन चालकों को आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति कर वाहन संचालित करने को कहा गया एवं बच्चों की सुरक्षा संबंधित विस्तृत चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए गए।

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उद्योग विभाग द्वारा ईओआई 30 जनवरी तक आमंत्रित

महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र अतुल वाजपेयी ने बताया कि रतलाम जिले के ग्राम बिलपांक की 2.01 हेक्टयर अविकसित भूमि के आबंटन हेतु केवल मध्यम उद्योगो ( उद्योग जिनमें यंत्र संयत्र एवं मशीनरी में निवेश राशि रू 25 करोड से अधिक एवं राशि रू 125 करोड तक और वार्षिक टर्न ओवर राशि रू 500 करोड तक हो) को 16 जनवरी 2026 को पूर्वान्ह 11.00 बजे से 30 जनवरी अपरान्ह 5.00 बजे तक विभागीय वेबसाईट mpmsme.gov.in पर ईओआई आमंत्रित किये गये है, जिसकी विस्त़त जानकारी वेबसाईट पर उपलब्ध है।

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ग्राम आक्या खुर्द में बनेसिंह के खेत पर लगी किसान चौपाल कलेक्टर से मिलकर किसानों ने अपनी बात रखी

प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत आज ग्राम आक्या खुर्द में किसान चौपाल का आयोजन कर किसानों को खेती की उन्नत तकनीकों की जानकारी दी गई एवं किसानों की समस्याएं सुनकर कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने संबंधित विभाग प्रमुखो को निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने ग्राम आक्या खुर्द के उन्नतिशील किसान बनेसिह द्वारा की जा रही संतरे की जैविक एवं रासायनिक खेती का अवलोकन किया। किसान बनेसिंह ने जैविक खेती एवं रासायनिक खेती से होने वाले फायदे, नुकसान की जानकारी किसानों से साझा की। कलेक्टर ने आसपास के अन्य किसानों को संतरे की खेती के लिए प्रेरित करने को कहा एवं उद्यानिकी विभाग को और अधिक किसानों को संतरे के बगीचे लगाने के लिए लक्ष्य बढाने का प्रस्ताव शासन को भेजने के लिए निर्देशित किया।

कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन के निर्देशानुसार जनवरी-फरवरी माह में लगने वाली किसान चौपालो में किसानों को जैविक एवं रासायनिक खेती का अंतर बताये, किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित करें, किसानों को खेतो पर ले जाकर समक्ष मे प्रशिक्षण दे, किसानों को जैविक खेती कर रहे किसानों का उदाहरण देकर प्रेरित करे। कलेक्टर ने अन्य किसानों को प्रशिक्षण देने के लिए उन्नतशील किसानों को सूचीबद्ध कर मास्टर ट्रेनर के रूप में किसान चौपालो मे बुलाने के निर्देश कृषि अधिकारी को दिए।

कलेक्टर ने किसान चौपाल में किसानों से कहा कि रासायनिक उर्वरक और दवाइयों का कम से कम उपयोग करें तथा जैविक खाद एवं जैविक कीटनाशक का उपयोग करे। किसान चौपाल मे उप संचालक कृषि एवं किसान कल्याण श्रीमती नीलम सिंह चौहान ,उप संचालक उद्यानिकी श्री मंगल सिंह डोडवे,उप आयुक्त सहकारिता श्री भाटी, एसडीएम आलोट रचना शर्मा, सीईओ जनपद पूजा गुप्ता सहित किसान उपस्थित थे।

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सफलता की कहानी किसान बनेसिंह चंद्रावत को जैविक खेती से हुआ लाभ

किसान बनेसिंह चंद्रावत निवासी आक्याखुर्द ताल ने बताया कि वह विगत 15 वर्षो से जैविक खेती करते आ रहे है। जैविक खेती अंतर्गत वे 2 हेक्टेयर मे संतरे के पौधे, गेहूं, चना एवं राजमा की खेती कर रहे है। किसान बनेसिंह ने बताया कि बाजार से उन्हें डी ए पी ,यूरिया लाने की जरुरत नहीं पड़ती, वह स्वयं ही वर्मिंग कम्पोस्ट बनाकर उसका उपयोग करते है। बने सिंह किसान ने बताया कि प्रथम वर्ष उन्हें एक हेक्टेयर संतरे के बगीचे में लगभग 2 लाख की आमदनी हुई थी, द्वितीय वर्ष में उन्हें 6 लाख की आमदनी तथा तृतीय वर्ष में उन्हें व्यापारियों द्वारा लगभग 27 लाख आमदनी का अनुमान बताया गया। किसान ने संतरे की खेती में लगभग दो से चार गुना मुनाफा होने की बात कही। किसान बने सिंह ने बताया कि जैविक खेती से संतरे में लगभग एक पौधे में एक से दो क्विंटल फल प्राप्त होता है रासायनिक खेती के संबंध में उन्होंने बताया कि जिस खेत में उन्होंने रासायनिक खाद का उपयोग किया था वह पहले साल 5 लाख की संतरे की फसल प्राप्त हुई थी । दूसरे साल में दो लाख तथा अब ऐसी स्थिति हो गई है कि एक लाख की भी संतरे की खेती से आमदनी नहीं हो पायेगी।

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