सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सुवासरा के भैया बहनों ने सांस्कृतिक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थानों का तीन दिवसीय किया भ्रमण

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सुवासरा के भैया बहनों ने सांस्कृतिक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थानों का तीन दिवसीय किया भ्रमण

सत्यनारायण सूर्यवंशीसुवासरा। नगर में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर विद्यालय का तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण सकुशल हुआ संपन्न
यात्रा का क्षैत्रिय विधायक श्री हरदीप सिंह डंग एवं विवेकानंद शिक्षण समिति सुवासरा के अध्यक्ष श्री विरेन्द्र जैन ने 01 जनवरी को श्री हनुमान मंदिर से हरी झंडी लहराकर यात्रा को रवाना किया।
जिसमें प्रथम दिवस ओंकारेश्वर महादेव के दर्शन किए किए एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। द्वितीय दिवस मां नर्मदा के सानिध्य में रहे। महेश्वर एवं मंडलेश्वर के घाट तथा मंदिरों में दर्शन किए एवं सभी भैया बहिनों तथा आचार्य दीदी ने नाव की सवारी का आनंद लिया। इसके पश्चात् मांडवगढ़ होते हुए 140 भैया बहनों का समूह धार पहुंचा तथा मां कालिका के दर्शन किए एवं रात्रि में उज्जैन पहुंचा।तृतीय दिवस में उज्जैन की वेधशाला, तारामंडल, जंतर मंतर, श्री मंगलनाथ, श्री भर्तृहरि गुफा, श्री अष्टविनायक गणेश, श्री चिंतामन गणेश एवं श्री महाकालेश्वर महादेव के दर्शन के पश्चात् यात्रा समापन की ओर अग्रसर हुई। 3 जनवरी रात्रि 11: 30 बजे सभी अपने गंतव्य पर पहुंचे और यात्रा का समापन हुआ।
इस तीन दिवसीय भ्रमण में सभी भैया बहिनों ने प्राकृतिक पहाड़ियों नदियों,घाटियों, ढलानों, प्राकृतिक धरोहरों, राष्ट्रीय मार्ग,शहरी जीवन एवं विकास, स्थलाकृतियों की बनावट तथा भौगोलिक स्थिति को प्रत्यक्ष देखा और वास्तविक अनुभव किया।
इसी क्रम में भैया बहनों को विद्या भारती मालवा प्रांत के शोध संस्थान सम्राट विक्रमादित्य भवन का अवलोकन करवाया तथा वहां की आधुनिक व्यवस्था को अनुभव किया।
संपूर्ण यात्रा विवेकानंद शिक्षण समिति सुवासरा के सचिव श्री पुरुषोत्तम व्यास, कोषाध्यक्ष श्री सत्यनारायण मुजावदिया, पूर्व छात्र संघ के अध्यक्ष श्री राकेश शर्मा, विद्यालय के प्राचार्य श्री संतोष यादव, प्रधानाचार्य श्री सुनील सोनी, आचार्य श्री चमन सिंह देवड़ा आचार्य श्री दिनेश जोशी के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
अन्य सभी आचार्य दीदी ने अपने दायित्व के अनुसार यात्रा में सहयोग किया।
सभी भैया बहिनों ने यात्रा का संपूर्ण आनंद लिया और प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त किया। ईश्वर की कृपा से यात्रा सब सकुशल संपन्न हुई।



