समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 07 जनवरी 2026 बुधवार

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जनसुनवाई के दिन सभी पटवारी अपने अपने मुख्यालय पर रहकर लोगों की समस्या सुने : कलेक्टर
जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर, एडीएम, सीईओ ने 46 लोगों की समस्याए सुनी
मंदसौर 6 जनवरी 26/ जिला स्तरीय जनसुनवाई सुशासन भवन स्थित सभागार में आयोजित की गई। जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर ने ऑनलाइन वीसी से जुड़े हुए सभी एसडीएम, तहसीलदार, पटवारी को निर्देशित किया कि सभी पटवारी अपने-अपने हल्का मुख्यालय पर रहे तथा जनसुनवाई के दौरान लोगों की समस्या को सुने मुख्यालय पर रहकर सीमांकन, बटवारा, फार्मर रजिस्ट्री, ई केवाईसी इत्यादि काम करें तथा लोगों की समस्याओं का तुरंत समाधान करें।
जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग, अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल एवं सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन ने 46 आवेदकों की समस्याएं सुनीं।
जनसुनवाई के दौरान आए विभिन्न प्रकरणों में त्वरित निर्देश जारी किए गए। थड़ोद निवासी रनवीर सिंह ने बंद किये गए सरकारी रास्ते को चालु करने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। जिस पर तहसीलदार मल्हारगढ़ को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। भैसोदामण्डी निवासी सीमा ने सरकारी रोड़ से अतिक्रमण हटाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। जिस पर एसडीएम गरोठ को जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। अफजलपुर निवासी गनी ने एसआईआर में सही जानकारी इंद्राज करने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। जिस पर एसडीएम मंदसौर को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त जनसुनवाई में आर्थिक सहायता दिलवाने, कब्जा हटवाने, इलेक्ट्रीक सायकल प्रदाय करने, नामांतरण में नाम लिखवाने, समग्र आईडी में नाम जोड़ने, भूमि आवंटित करने एवं आवासीय प्लाट भूखंड में जांच करने जैसे विविध प्रकार के आवेदन प्राप्त हुए। ==================
ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर ट्रेक्टर चलित रीपर कम बाइंडर एवं स्वचालित रीपर कम बाइंडर यंत्रों के आवेदन 15 जनवरी तक
मंदसौर 6 जनवरी 26 / उप संचालक कृषि विभाग श्री रविंद्र मोदी द्वारा बताया गया कि ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर ट्रेक्टर चलित रीपर कम बाइंडर एवं स्वचालित रीपर कम बाइंडर यंत्रों के आवेदन 15 जनवरी 2026 तक आमंत्रित किये जा रहे है। तथा लॉटरी 16 जनवरी 2026 को सम्पादित की जावेगी। आवेदन के साथ कृषक स्वयं के बैंक खाते से डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) सम्बंधित जिले के सहायक कृषि यंत्री के नाम से बनवाकर जमा करना अनिवार्य होगा। धरोहर राशि के बिना आवेदन मान्य नहीं किया जायेगा।
कृषि यंत्र ट्रेक्टर चलित रीपर कम बाइंडर हेतु राशि 7,500 रूपये का डिमांड ड्राफ्ट (डीडी)। – कृषि यंत्र स्वचालित रीपर कम बाइंडर हेतु राशि 15,000 रूपये का डिमांड ड्राफ्ट (डीडी)। अधिक जानकारी के लिए कृषि विभाग पर संपर्क करें।
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कक्षा नर्सरी से कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों का 7 जनवरी से 13 जनवरी तक अवकाश रहेगा
कक्षा 6 से कक्षा 8 तक शाला संचालन का समय प्रातः 10 बजे से रहेगा
मंदसौर 6 जनवरी 26/ जिला शिक्षा अधिकारी सुश्री टेरेसा मिंज द्वारा बताया गया कि मन्दसौर जिले के अन्तर्गत संचालित समस्त शासकीय और अशासकीय प्राथमिक विद्यालयों में वर्तमान में शीतलहर के कारण न्यूनतम् तापमान में अत्यधिक कमी होने से कक्षा नर्सरी से कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों का 07 जनवरी 2026 से 13 जनवरी 2026 तक अवकाश रहेगा। एवं कक्षा 6 से कक्षा 8 तक संचालित शासकीय एवं अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों के शाला संचालन का समय प्रातः 10.00 से रहेगा। अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियाँ तथा परीक्षा आदि पूर्ववत संचालित रहेंगी।
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कृषि कार्य में मृत्यु होने पर 4 लाख रू की आर्थिक सहायता स्वीकृत
मंदसौर 6 जनवरी 26/ मुख्यमंत्री कृषक जीवन कल्याण योजना की कण्डिका 2(01) के तहत कृषि कार्य में कृषि यत्रों का उपयोग करते हुए दुर्घटना में मृत्यु अथवा अंग भग होने पर आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है । नागूसिंह राजपूत निवासी अरन्यागुर्जर की कृषि कार्य के दौरान मृत्यु हो गई थी। कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग द्वारा मृतक के निकटतम वारिस कुशालकुँवर को 4 लाख रू की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
म.प्र. उर्दू अकादमी, संस्कृति परिषद के पुरस्कार के लिये अंतिम तिथि 2 फरवरी
मंदसौर 6 जनवरी 26 / मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी, संस्कृति परिषद, संस्कृति विभाग द्वारा उर्दू की श्रेष्ठ पुस्तकों पर 6 राष्ट्रीय एवं 13 प्रादेशिक पुरस्कार दिये जाने के लिये 01 जनवरी, 2025 से 31 दिसम्बर, 2025 तक की अवधि में प्रकाशित पुस्तकें 02 फरवरी, 2026 तक आमंत्रित है। पुरस्कार में अखिल भारतीय पुरस्कार (रूपये 51,000/-) के अंतर्गत मीर तकी मीर पुरस्कार (उर्दू शायरी), हकीम कमरूल हसन पुरस्कार (उर्दू पत्रकारिता, शोध एवं आलोचना), हामिद सईद खाँ पुरस्कार (कहानी, लघु कथा), शादाँ इन्दौरी पुरस्कार (निबंध एवं अनुवाद), जौहर कुरैशी पुरस्कार (हास्य व्यंग्य), इब्राहीम यूसुफ पुरस्कार (नाटक, दास्तान) को शामिल किया गया है।
प्रादेशिक पुरस्कार (रुपये 31,000/-) के अंतर्गत सिराज मीर खाँ सहर पुरस्कार (उर्दू शायरी), बासित भोपाली पुरस्कार (कहानी लघु कथा), मोहम्मद अली ताज पुरस्कार (रेखाचित्र, रिपोर्ताज़), नवाब सिद्दीक हसन खाँ पुरस्कार (उर्दू पत्रकारिता (उर्दू पत्रिका, शोध व आलोचना), शैरी भोपाली पुरस्कार (बाल साहित्य), कैफ भोपाली पुरस्कार (उर्दू शिक्षक), शम्भू दयाल सुखन पुरस्कार (अ-उर्दू भाषी लेखकों/शायरों की कृति), शिफा ग्वालियरी पुरस्कार (प्रदेश के लेखक / शायर की पहली कृति), जाँ निसार अख्तर पुरस्कार (रसाई साहित्य, रसाई, नात, उर्दू साहित्य/ शायरी की एक विद्या), पन्नालाल श्रीवास्तव नूर पुरस्कार (आत्मकथा, संस्मरण), सूरज कला सहाय पुरस्कार (यात्रा क्रतांत), नवाब शाहजहाँ बेगम ताजवर पुरस्कार (निबंध एवं अनुवाद), निदा फाजली पुरस्कार (उर्दू नज़्म, दोहा, रूबाई) को शामिल किया गया है।
मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी की निदेशक डॉ. नुसरत मेहदी ने बताया कि 01 जनवरी, 2025 से 31 दिसम्बर, 2025 में प्रकाशित पुस्तकों के लेखकों से पुस्तक की चार-चार प्रतियाँ निर्धारित फार्म भरकर 02 फरवरी, 2026 तक कार्यालय, म.प्र. उर्दू अकादमी, मुल्ला रमूजी संस्कृति भवन, बाणगंगा रोड, भोपाल भेजने का अनुरोध है। निर्धारित फार्म उर्दू अकादमी की वेबसाईट से प्राप्त किया जा सकता है। जानकारी के लिये मध्यप्रदेश उर्दू अकादमी फोन नम्बर 0755-2551691 एवं ई-मेल mpurduacademy1976@gmail.com पर सम्पर्क किया जा सकता है।
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भावांतर योजना में सोयाबीन का मॉडल रेट 4458 रुपए जारी
मंदसौर 6 जनवरी 26 / भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए मॉडल रेट प्रतिदिन जारी किया जा रहा है। सोमवार 5 जनवरी को 4458 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है।
सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए, 22 नवंबर को 4285 रुपए, 23 एवं 24 नवंबर को 4282 रुपए, 25 नवंबर को 4277 रुपए, 26 नवंबर को 4265 रुपए, 27 नवंबर को 4252 रुपए, 28 नवंबर को 4260 रुपए, 29 नवंबर को 4240 रुपए और 30 नवंबर को 4237 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया था।
इसी तरह 1 दिसंबर को 4239 रुपए, 2 दिसंबर को 4235 रुपए, 3 दिसंबर को 4240 रुपए, 4 दिसंबर को 4235 रुपए, 5 दिसंबर को 4230 रुपए, 6 दिसंबर को 4217 रुपए, 7 दिसंबर को 4222 रुपए, 8 दिसंबर को 4219 रुपए, 9 दिसंबर को 4217 रुपए और 10 दिसंबर को 4210 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी हुआ था।
इसी प्रकार 11 दिसंबर को 4207 रुपए, 12 दिसंबर को 4202 रुपए, 13 दिसंबर को 4204 रुपए, 14 दिसंबर को 4208 रुपए, 15 दिसंबर को 4208 रुपए, 16 दिसंबर को 4209 रुपए, 17 दिसंबर को 4205 रुपए, 18 दिसंबर को 4195 रुपए, 19 दिसंबर को 4201 रुपए, 20 दिसंबर को 4191 रुपए, 21 दिसंबर को 4193 रुपए, 22 दिसंबर को 4194 रुपए, 23 दिसंबर को 4209 रुपए और 24 दिसंबर को 4213 रुपए, 25 दिसंबर को 4235 रुपए, 26 दिसंबर को 4257 रुपए, 27 और 28 दिसंबर को 4271 रुपए, 29 दिसंबर को 4267 रुपए, 30 दिसंबर को 4296 रुपए, 31 दिसंबर को 4345 रुपए, 1 जनवरी को 4380 रुपए, 2 जनवरी को 4432 रुपए, 3 जनवरी को 4439 रुपए और 4 जनवरी को 4459 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।
भावांतर राशि का भुगतान
भावांतर राशि का भुगतान विक्रय दिनांक से 15 दिवस के भीतर किसान के आधार लिंक्ड बैंक खाते में किया जा रहा है जो कि मॉडल रेट गणना पर निर्भर है। दिनांक 24 अक्टूबर 2025 से 6 नवंबर 2025 तक लगभग 1.33 लाख पंजीकृत किसानों को 233 करोड़ का प्रथम भुगतान 13 नवंबर, 2025 को किया गया। इसके बाद 7 नवंबर 2025 से 17 नवंबर 2025 तक लगभग 1.34 लाख पंजीकृत किसानों को 249 करोड़ का द्वितीय भुगतान 26 नवंबर, 2025 को किया गया। तृतीय चरण में 17 नवंबर 2025 से 19 दिसंबर 2025 तक विक्रय करने वाले लगभग 3.77 लाख पंजीकृत किसानों को 810 करोड़ का भुगतान 28 दिसंबर, 2025 को किया गया। इस प्रकार अभी तक 6.54 लाख पंजीकृत किसानों को भावांतर की 1292 करोड़ की राशि का भुगतान किया गया है।
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वन्य-जीवों की सुरक्षा एवं शिकार से बचाव के लिये चलेगा ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप-II
प्रदेश में 10 जनवरी से 15 फरवरी तक वाइल्ड लाइफ ट्रैप-II अभियान चलाया जायेगा
मंदसौर 6 जनवरी 26 / प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही.एन. अंबाडे ने वन्य-जीवों की सुरक्षा एवं शिकार से बचाव के लिये 10 जनवरी से 15 फरवरी तक ऑपरेशन वाइल्ड ट्रैप-II चलाये जाने के आदेश जारी किये हैं। जारी आदेश में वाइल्ड ट्रैप-II में कार्यवाही करने के लिये प्रदेश में 9 टाइगर रिजर्व, 63 सामान्य वन मण्डल एवं 11 परियोजना मण्डलों ने वन्य-जीवों के अवैध शिकार के शिकारियों तथा मांस के शौकीन व्यक्तियों द्वारा अपनाये जाने वाले फंदा, विद्युत करंट, स्नेयर ट्रैप, खटका जैसे साधन से शिकार करने वालों के खिलाफ ऑपरेशन वाइलड लाइफ-II चलाया जायेगा।
श्री अंबाडे ने दिशा-निर्देशों में कहा है कि ऑपरेशन वाइल्ड लाइफ ट्रैक-II में प्रदेश के प्रत्येक वन मण्डल, टाइगर रिजर्व, वन विकास मण्डल इकाई में एक उप वन मण्डल स्तर का नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाये, जो ऑपरेशन से संबंधित निर्धारित प्रारूप में जानकारी एक सप्ताह में ऑनलाइन दर्ज करेगा। ऑपरेशन वाइल्ड लाइफ ट्रैप- II की अवधि एक माह 5 दिवस की होगी। सम्पूर्ण वन मण्डल, टाइगर रिजर्व, वन विकास मण्डल इकाई में सघन गश्ती दिन और रात्रि में सप्ताह में न्यूनतम 3 दिवस परिक्षेत्र अधिकारी एवं अधीनस्थ 2 दिवस वन मण्डलाधिकारी, उप वन मण्डलाधिकारी और एक दिवस क्षेत्र संचालक, मुख्य वन संरक्षक अनिवार्य रूप से करेंगे। इनमें सभी अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल रहेंगे। गश्ती के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों एवं शिकारी, घुमक्कड़ समुदाय के डेरों की चेकिंग, सर्चिंग की जाये। सर्चिंग के दौरान निकटतम डॉग स्क्वाड दस्ता भी साथ रखे जायें और मेटल डिटेक्टर उपकरण का भी उपयोग किया जाये।
गश्ती के दौरान वन राजस्व सीमा से लगे वन क्षेत्र एवं कृषि क्षेत्र की बागड़/फैंसिंग में सर्चिंग की कार्यवाही की जाये। प्रदेश में वर्तमान में 14 रीजनल रेस्क्यू स्क्वाड एवं एक राज्य स्तरीय रेस्क्यू स्क्वाड कार्यरत हैं। इनकी सहायता से वन अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया जाये एवं अपराध में संलिप्त अपराधी का पता लगाकर तत्काल कार्यवाही की जाये। वन भूमि अथवा वन्य-प्राणी विचरित क्षेत्र से जाने वाली विद्युत लाइन के नीचे या उसके समीप गश्ती की जाये तथा आवश्यकता अनुसार स्थानीय विद्युत विभाग के अमले को भी साथ में रखा जाये। शिकार के लिये लगाये गये फंदे, फैलाये गये विद्युत करंट वायर, वन भूमि अथवा वन्य-प्राणी विचरित क्षेत्र पर पाये जाने पर प्रकरण में आये साक्ष्यों के आधार पर विधिवत जप्ती कर अपराध प्रकरण पंजीबद्ध किया जाये एवं अपराध में संलिप्त अपराधी का पता लगाकर तत्काल कार्यवाही की जाये। संबंधित ग्रामों में वन्य-प्राणी के अवैध शिकार को रोकने के लिये प्रचार-प्रसार किया जाये। साथ ही ग्राम, नगर में पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी लेकर उसे वन परिक्षेत्र में संधारित आरोपी निगरानी पंजी में दर्ज किया जाये।
ऑपरेशन वाइल्ड लाइफ ट्रैप-II के अंतर्गत वन मण्डल/टाइगर रिजर्व/वन विकास मण्डल में की जा रही कार्यवाही की समीक्षा प्रतिदिन वन मण्डलाधिकारी या सक्षम अधिकारी करेंगे। प्रत्येक सप्ताह संबंधित मुख्य वन संरक्षक, क्षेत्र संचालक, क्षेत्रीय मुख्य महाप्रबंधक द्वारा मॉनीटरिंग की जायेगी। प्रत्येक 7 दिवस में की गई कार्यवाही की जानकारी मुख्यालय को भेजा जाना सुनिश्चित किया जाये।
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