जिला टूरिज्म प्रमोशन काउंसिल के तत्वाधान में होगा सीतामऊ साहित्य महोत्सव का आयोजन

महोत्सव की तैयारियों हेतु विभिन्न समितियों का हुआ गठन

जिला टूरिज्म प्रमोशन काउंसिल के तत्वाधान में ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक नगरी सीतामऊ में सीतामऊ साहित्य महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव के सफल आयोजन एवं समुचित व्यवस्थाओं के लिए विभिन्न समितियों का गठन कर तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं।अपनी समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध छोटी काशी नगरी सीतामऊ इस साहित्य महोत्सव के माध्यम से अपनी वैभवशाली परंपरा, संस्कृति और इतिहास का गौरवगान करेगी। महोत्सव के मुख्य आयोजन में साहित्य, कला एवं दर्शन के क्षेत्र से जुड़ी देश की ख्यातनाम विभूतियां सहभागिता करेंगी। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रही राष्ट्रीय स्तर की प्रमुख हस्तियां भी कार्यक्रम में सम्मिलित होंगी।
आयोजन को स्मरणीय एवं आकर्षक बनाने के उद्देश्य से महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। अलग-अलग दिनों में साहित्य, कविता, कथा-वाचन, विचार गोष्ठी, कला, लोक संस्कृति एवं अन्य विधाओं से जुड़े रुचिकर एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे क्षेत्रवासियों सहित आगंतुकों को साहित्य और संस्कृति से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा।
सीतामऊ साहित्य सम्मेलन के माध्यम से क्षेत्रवासियों को एक बार पुनः सीतामऊ की ऐतिहासिक, भौगोलिक एवं सांस्कृतिक समृद्धता से परिचित कराया जाएगा। आमतौर पर इस प्रकार के भव्य साहित्यिक आयोजन बड़े शहरों में आयोजित होते हैं, किंतु जिले के सीतामऊ नगर में दूसरी बार इस स्तर का आयोजन किया जा रहा है, जो जिले के लिए गौरव की बात है। आयोजन को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।
सीतामऊ क्षेत्र ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। यहां उपलब्ध हस्तलिखित ग्रंथ, ताम्रपत्र एवं अन्य बहुमूल्य ऐतिहासिक धरोहरें देशभर के शोधार्थियों और विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र रही हैं। इन ऐतिहासिक, भौगोलिक एवं सांस्कृतिक विशेषताओं पर साहित्य महोत्सव के दौरान विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा।
महोत्सव के अवसर पर सीतामऊ नगर को आकर्षक रूप से सजाने-संवारने की तैयारियां भी प्रारंभ कर दी गई हैं। यह आयोजन न केवल साहित्य एवं संस्कृति के संवर्धन में सहायक होगा, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी सीतामऊ और मंदसौर जिले को नई पहचान प्रदान करेगा।



