शामगढ़मंदसौर जिला

दोस्त गणपत ने खोला राज, हर्शल जैन ने ही कर्ज चुकाने के लिए रची अपहरण कि झुठी साजिश, पुलिस ने किया पर्दाफाश 

दोस्त गणपत ने खोला राज, हर्शल जैन ने ही कर्ज चुकाने के लिए रची अपहरण कि झुठी साजिश, पुलिस ने किया पर्दाफाश 

मंदसौर। जिले के शामगढ़ क्षेत्र में फिरौती वसूलने के नाम पर एक सनसनीखेज अपहरण कांड का खुलासा होते ही इलाके में सनसनी फैल गई। आश्चर्यजनक रूप से यह घटना एक झूठी साजिश निकली, जिसमें पीड़ित बनने वाले युवक ने ही अपने सबसे करीबी दोस्तों के साथ मिलकर अपना ही अपहरण रच लिया था। मंदसौर पुलिस ने मात्र 24 घंटों के अंदर इस साजिश का पर्दाफाश कर चारों आरोपी युवकों को चिह्नित कर लिया, जबकि दो को गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी दो फरार हैं, जिनकी तलाश तेज कर दी गई है। इस सफलता ने पुलिस की तत्परता और तकनीकी क्षमता की मिसाल पेश की है।

परिवार से 50 लाख की फिरौती की मांग

घटना की शुरुआत 13 नवंबर 2025 को हुई, जब शामगढ़ निवासी व्यवसायी कमल जैन को एक अज्ञात नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने दावा किया कि कमल के 26 वर्षीय पुत्र हर्शल जैन का अपहरण हो गया है और बदले में 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग की गई। परिवार परेशान हो गया और तुरंत थाना शामगढ़ पहुंचा, जहां अज्ञात अपहरणकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। परिवार का दावा था कि हर्शल राजस्थान के कोटा में कूलर की जाली बनाने वाली फैक्ट्री स्थापित करने की तैयारी कर रहा था और वहां रहता था।

विशेष जांच टीम का गठन

इस घटना ने पूरे जिले में हड़कंप मचा दिया। अपहरण जैसी संवेदनशील घटना को देखते हुए मंदसौर के पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना (भो. पु. से.) ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गरोठ हेमलता कुरील के पर्यवेक्षण में एक विशेष जांच टीम का गठन किया।

अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) मल्हारगढ़ नरेंद्र सोलंकी और अनुविभागीय अधिकारी सीतामऊ दिनेश प्रजापति के संयुक्त नेतृत्व में शामगढ़, वायडी नगर, नारायणगढ़, मल्हारगढ़ और सीतामऊ थानों से कुल सात पुलिस टीमें बनाई गईं। इन टीमों को राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में भेजा गया ताकि अपहृत हर्शल की तलाश की जा सके।

तकनीकी खुफिया और सतर्कता से साजिश का भंडाफोड़

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नरेंद्र सोलंकी के नेतृत्व में साइबर सेल की एक अलग टीम ने हर्शल के मोबाइल नंबर, वाहन डिटेल, फास्टैग रिकॉर्ड, उसके दोस्तों और व्यवसाय से जुड़ी सभी तकनीकी जानकारियां संकलित कीं। गहन जांच में पता चला कि हर्शल शामगढ़ का निवासी होने के बावजूद कोटा में कूलर जाली बनाने की फैक्ट्री का निर्माण करवा रहा था, जो अभी अधूरा था।साथ ही, वह अपने एक दोस्त के साथ मिलकर कोटा में एक देशी चाय की दुकान भी चला रहा था।

दोस्त गणपत ने खोला राज

पुलिस की टीमें राजस्थान के कोटा, बूंदी, हिंडोली और अन्य संभावित स्थानों पर छापेमारी करने पहुंचीं। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि हर्शल का सबसे करीबी दोस्त गणपत सिंह हाडा भी कोटा में उसके साथ रहता था। गणपत की तलाश में हिंडोली और कोटा के उसके निवास स्थानों पर दबिश दी गई, लेकिन वह गायब था। तकनीकी सुरागों के आधार पर गणपत को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की गई। पूछताछ में गणपत ने कबूल किया कि हर्शल ने ही कर्ज चुकाने के लिए यह साजिश रची थी। हर्शल, गणपत, जनरेल सिंह (बालोला गांव, हिंडोली, बूंदी निवासी) और कुलदीप कहार (अमरतिया चौराहा, बूंदी निवासी) ने मिलकर योजना बनाई थी। इनमें से जनरेल और कुलदीप भी पास-पास के गांवों के निवासी हैं। योजना के मुताबिक, हर्शल का अपहरण होने की झूठी सूचना उसके परिवार को देकर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी जाती, और रकम मिलने पर सभी आरोपी उसे बांट लेते। हर्शल ने खुद को अपहरण का शिकार बताकर परिवार को फोन किया था, जो पूरी तरह एक सुनियोजित धोखाधड़ी थी।

पुलिस की अथक मेहनत रंग लाई पुलिस की अथक और सतत प्रयासों से इस झूठे अपहरण ड्रामे का पर्दाफाश हो गया।

अब तक दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार 

हर्शल जैन (उम्र 26 वर्ष, पिता: कमल जैन, निवासी: शामगढ़, मंदसौर) – साजिश का मुख्य सूत्रधार।

गणपत सिंह हाडा (उम्र 19 वर्ष, पिता: महेंद्र सिंह, निवासी: सलमपुर गांव, हिंडोली तहसील, बूंदी, राजस्थान) – हर्शल का सबसे करीबी दोस्त।

दो आरोपी अभी फरार तलाश में पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं:-

जनरेल सिंह (पिता: सुखविंदर सिंह, निवासी: बालोला गांव, हिंडोली तहसील, बूंदी, राजस्थान) कुलदीप कहार (उम्र 22 वर्ष, पिता: राजूलाल, निवासी: अमरतिया चौराहा, बूंदी, राजस्थान)

पुलिसकर्मियों की भूमिका सराहनीय 

थाना प्रभारी सीतामऊ निरी. कमलेश प्रजापति, थाना प्रभारी नारायणगढ़ निरी. राजेंद्र पवार, थाना प्रभारी शामगढ़ उनि. अभिषेक बोरासी, चौकी प्रभारी चंदवासा उनि. मनोज महाजन, चौकी प्रभारी मुल्तानपुरा उनि. कपिल सौराष्ट्रिय, थाना वायडी नगर उनि. विनय बुंदेला, थाना मल्हारगढ़ उनि. संजय प्रताप सिंह, प्र.आर. आशीष बैरागी, प्र.आर. मुजफ्फर खान, आर. मनीष (साइबर सेल मंदसौर), आर. कमलपाल (चौकी मुल्तानपुरा), प्र.आर. दशरथ मालवीय, प्र.आर. धनपाल, आर. हीरा यादव, आर. इरफान (थाना शामगढ़), आर. नरेंद्र सिंह और आर. जितेंद्र सिंह शक्तावत (थाना मल्हारगढ़) का विशेष योगदान रहा

पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना ने बताया कि अपहरण जैसे गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने टीम को बधाई देते हुए कहा कि तकनीकी सहायता और क्षेत्रीय समन्वय से ऐसी साजिशों को चकमा दिया जा सकता है। परिवार को भी सूचित कर दिया गया है, और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
WhatsApp Icon
Whatsapp
ज्वॉइन करें
site-below-footer-wrap[data-section="section-below-footer-builder"] { margin-bottom: 40px;}