राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड के अधिकारियों ने किया मंदसौर का दौरा

क्षेत्र में औषधीय फसलों के अध्ययन हेतु कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एवं कृषि विज्ञान केंद्र पहुंचे अधिकारी
मन्दसौर। राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड, नई दिल्ली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ महेश कुमार दधीचि, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. अब्दुल कय्यूम, परियोजना प्रबंधक डॉ. सौरभ शर्मा, जिला आयुष अधिकारी नीमच एवं जेएनकेवीवी, जबलपुर के औषधीय एवं सगंध पौध विभाग के विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. ज्ञानेंद्र तिवारी, जो कि रीजनल कम फैसिलिटेशन सेंटर के नोडल अधिकारी भी हैं, ने मंदसौर का दौरा किया।अधिकारियों की यह टीम उद्यानिकी महाविद्यालय तथा कृषि विज्ञान केंद्र, मंदसौर पहुंची, जहां उनका स्वागत अधिष्ठाता डॉ. आई. तोमर, एआईसीआरपी ऑन मेडिसिनल एंड एरोमैटिक क्रॉप्स के परियोजना प्रभारी डॉ. शरद चौधरी एवं कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ जी.एस. चुंडावत द्वारा किया गया।
इस अवसर पर अधिकारियों ने क्षेत्र में औषधीय एवं सगंध पौधों की खेती की वर्तमान स्थिति, अनुसंधान कार्यों तथा किसानों की भागीदारी पर चर्चा की। राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. ए.के. शुक्ल के मार्गदर्शन में औषधीय फसलों के भविष्य की संभावना तलाशने हेतु विचार विमर्श किया गया।
डॉ. अब्दुल कय्यूम ने कहा कि मंदसौर एवं मालवा क्षेत्र की जलवायु औषधीय पौधों के लिए अत्यंत उपयुक्त है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों एवं गुणवत्ता वाले बीजों की जानकारी देकर औषधीय खेती की ओर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।डॉ. ज्ञानेंद्र तिवारी ने क्षेत्रीय सह सुविधा केंद्र की भूमिका पर प्रकाश डाला और बताया कि यह केंद्र मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में औषधीय फसलों के प्रचार-प्रसार एवं किसान हितैषी योजनाओं के समन्वय का कार्य कर रहा है।इस दौरे का उद्देश्य स्थानीय किसानों को औषधीय फसलों की ओर आकर्षित करना, अनुसंधान संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाना एवं मंदसौर को एक संभावित औषधीय फसल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाना था।



