नीमचमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश नीमच 29 मार्च 2025 शनिवार

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समाधान ऑनलाईन में मुख्‍यमंत्री डा.यादव ने करवाया नागरिकों की समस्‍याओं का समाधान

मुख्‍यमंत्री ने विभिन्‍न जिलों के हितग्राहियों से वर्चुअली संवाद कर, सुनी समस्‍याएं

नीमच 28 मार्च 2025, मुख्‍यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने समाधान ऑनलाईन कार्यक्रम में वीडियों कांफ्रेसिंग के माध्‍यम से प्रदेश के विभिन्‍न जिलो के नागरिकों से उनकी समस्‍याओं के बारे में संवाद कर, जानकारी ली। मुख्‍यमंत्री ने हितग्राहियों की समस्‍याओं का तत्‍काल समाधान भी करवाया। समाधान ऑनलाईन कार्यक्रम में मुख्‍य सचिव श्री अनुराग जैन, अतिरिक्‍त मुख्‍य सचिव डॉ.राजेश राजौरा, श्री अनुपम राजन सहित वरिष्‍ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। मुख्‍यमंत्री ने सभी जिला कलेक्‍टरों को प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान का सफल क्रियान्‍वयन करने तथा आम नागरिकों के हितग्राहीमूलक योजनाओ के लाभ से संबंधित प्रकरणों का तत्‍परतापूर्वक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्‍होने 30 मार्च को विक्रमोत्‍सव 2025 के तहत जिला स्‍तर पर सूर्य उपासना कार्यक्रम का सफल आयोजन एवं इसमें अधिकाधिक आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

नीमच के एनआईसी कक्ष में कलेक्‍टर श्री हिमांशु चंद्रा, एसपी श्री अंकित जायसवाल, जिला पंचायत सीईओ श्री अमन वैष्‍णव, वन मण्‍डलाधिकारी श्री एस.के.अटोदे सहित अन्‍य जिला अधिकारी उपस्थित थे।

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नीमच में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का ‘’ पोषण भी पढ़ाई भी’’ प्रशिक्षण सम्‍पन्‍न

नीमच 28 मार्च 2025, संचालनालय महिला एवं बाल विकास भोपाल के निर्देशानुसार तथा कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन में वात्सल्य भवन नीमच में ‘पोषण भी पढ़ाई भी’ कार्यक्रम अंतर्गत प्रशिक्षण नीमच ग्रामीण परियोजना की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ को प्रशिक्षण दिया गया। द्वितीय दिवस में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ का पंजीयन का प्रीटेस्ट लिया गया।

प्रशिक्षण में बच्चों में कुपोषण को पहचाने और उसका समुचित प्रबंधन के लिये प्रोटोकॉल, सेम-मेम ओर सूक्ष्म पोषक तत्वो की कमी के अंतर्गत स्वस्थ बच्चे और मानव जीवन चक्र में पोषण की भूमिका के बारे में चर्चा और पोषण 2 के तहत पोषण संबंधी उपयोग पर चर्चा, माइको और सूक्ष्म पोषक तत्वो की कमी, विकारो पर चर्चा और प्रस्तुति पोषण परामर्श पर नाटिका प्रस्तुत की गई। सेम-मेम की पहचान रोकथाम व प्रबंधन करवाया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओ को कुपोषण का प्रभाव 1000 दिनो की विस्तृत जानकारी दी गई। स्तनपान के लाभ, स्तनपान की प्रारम्भिक शुरूआत ओर कोलोस्ट्रोम के लाभ के बारें में समझाया।

यह प्रशिक्षण पर्यवेक्षक श्रीमती सारिका केदार, श्रीमती उमा शर्मा, श्रीमती दीपिका नामदेव, श्रीमती दीपिका मसीह, श्रीमती सपना बैरागी, श्रीमती इन्दु सोनी, श्रीमती गिरिजा शर्मा, सुश्री एकता प्रेमी, श्रीमती वन्दना गुरगेला द्वारा दिया गया। यह जानकारी परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास नीमच एवं ग्रामीण द्वारा दी गई।

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पीएम आवास योजना से अपना पक्‍का मकान बनने से अब प्रसन्‍न है सत्‍यनारायण

शासन की विभिन्‍न योजनाओं का लाभ भी मिला सत्‍यनारायण को

नीमच 28 मार्च 2025, नीमच जिले के जावद जनपद की ग्राम पंचायत लासुर निवासी सत्‍यनारायण पिता रामचंद्र अपने कच्‍चे मकान में परिवार के साथ जीवन यापन करते थे। कच्‍चें मकान में बरसात में छत से पानी टपकने की समस्‍या रहती थी। वर्षा ऋतु में जहरीले जीव जन्‍तुओं का डर भी रहता था। सत्‍यनारायण ने भी अपने पक्‍के मकान का सपना संजोये रखा था। मगर कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते पक्‍का मकान बनाना बहुत कठिन लगता था।

ऐसे में सत्‍यनारायण के पक्‍के मकान के सपने को प्रधानमंत्री आवास योजना से पूरा करने में काफी सहायता मिली। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान स्‍वीकृत होकर, उसका पक्‍का मकान बन गया हैं। अब वे पूरे परिवार के साथ स्‍वंय के पक्‍के मकान में रह रहे है। पक्‍का मकान बनने पर सत्‍यनारायण प्रदेश सरकार और मुख्‍यमंत्री जी तथा प्रधानमंत्री जी को आवास योजना का लाभ दिलाने पर धन्‍यवाद दे रहे है। सत्‍यनारायण को प्रधानमंत्री आवास की सुविधा, तो मिली ही है, साथ ही स्‍वच्‍छ भारत मिशन के तहत पक्‍के शौचालय की सुविधा, उज्‍जवला गैस कलेक्‍शन, बीपीएल राशन कार्ड, खाद्यान्‍न पर्ची, लाड़ली लक्ष्‍मी योजना, सौभाग्‍य योजना के तहत विद्युत कनेक्‍शन एवं आयुष्‍मान कार्ड की सुविधाएं भी शासन की ओर से मिली है।

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टाउन हॉल नीमच में सूर्य उपासना कार्यक्रम 30 मार्च को

नीमच 28 मार्च 2025, संस्‍कृति विभाग म.प्र.शासन भोपाल द्वारा विक्रमोत्‍सव 2025 के अंतर्गत जिला मुख्‍यालय पर सूर्य उपासना कार्यक्रम 30 मार्च 2025 को आयोजित किया जा रहा है। जिला स्‍तरीय कार्यक्रम का आयोजन 30 मार्च 2025 को प्रात: 10 बजे से जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में टाउन हॉल नीमच में किया जा रहा है। सूर्य उपासना कार्यक्रम अंतर्गत नाट्य प्रस्‍तुति ‘’सम्राट विक्रमादित्‍य’’ का मंचन भोपाल द्वारा नियुक्‍त नाट्य/कला दल द्वारा किया जायेगा। संस्‍कृति विभाग द्वारा महाराजा विक्रमादित्‍य शोधपीठ के माध्‍यम से ब्रह्मध्‍वज उपलब्‍ध कराये गये जिन्‍हें जिले के प्रमुख मंदिरों एवं स्‍थलों पर स्‍थापित किये जावेंगे। सूर्य उपासना कार्यक्रम में अधिकाधिक छात्र-छात्राओं और नागरिकों से उपस्थि‍त होकर, कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील जिला शिक्षा अधिकारी श्री एस.एम.मांगरिया ने की हैं।

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टी.बी.मुक्‍त अभियान के तहत जिला अस्‍पताल को मिली तीन ट्रू-नाट मशीने

नीमच 28 मार्च 2025, कलेक्टर श्री हिमांशु चन्द्रा के विशेष प्रयासों से 28 मार्च 2025 को 100 दिवसीय नि-क्षय शिविर अभियान (प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान) के अन्तर्गत ग्रीनको म.प्र.प्रायवेट लिमीटेड द्वारा लगभग 26 लाख 40 हजार की तीन ट्रू-नाट मशीनें जिला चिकित्सालय नीमच को प्रदाय की गई है। इन मशीनो को नीमच जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र डिकेन, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सिंगोली एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पालसोडा में स्थापित किया जावेगा, जिससे अधिक से अधिक संभावित टीबी मरीजो की खंखार की जांच की जायेगी, जो टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने में अत्यधिक उपयोगी रहेगी। इस प्रकार नीमच जिले में सभी नो डीएमसी पर 100 प्रतिशत ट्रू-नाट मशीन की उपलब्धता हो जायेगी, जिससे ग्रामीण क्षैत्र के स्थानीय मरीजों को सुविधा प्राप्त होगी। यह जानकारी नोडल अधिकारी डॉ.मनीष यादव ने दी हैं।

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मंडी प्रशासन ने पूरी पारदर्शिता से की भूखंडो की नीलामी 157 भूखंडो की नीलामी से 34.75 करोड़ से अधिक के राजस्व की प्राप्ति

अपसेट मूल्य की तुलना में 1414 गुना अधिक मिलेगा राजस्व

नए पंजीकृत 20 मंडी व्यापारियों को मिला भूखंड

नीमच 28 मार्च 2025, जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में कृषि उपज मंडी समिति द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ नवीन मंडी परिसर चंगेरा, डूंगलावदा में व्यापारियों के लिए कुल 157 भूखंडों की नीलामी की गई है। इस नीलामी में निर्धारित अपसेट मूल्य 2 करोड़ 45 लाख 70 हजार 500 रुपए की तुलना में कुल 34 करोड़ 75 लाख 27 हजार रुपए की राशि का राजस्व मिलेगा, यह अपसेट मूल्य की तुलना में 1414 गुना अधिक है।

कृषि उपज मंडी नीमच के सचिव श्री उमेश बसेडिया शर्मा ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि प्रथम दिवस 68 भूखंडों की हुई नीलामी में अपसेट मूल्य एक करोड़ 6 लाख 42 हजार रुपए की तुलना में 12 करोड़ 58 लाख 41 हजार रुपए की राशि मंडी प्रशासन को मिलेगी। इसी तरह दूसरे दिन 89 भूखंडो की नीलामी में अपसेट मूल्य एक करोड़ 39 लाख 28 हजार 500 रुपए की राशि की तुलना में 22 करोड़ 16 लाख 86 हजार का राजस्व प्राप्त होगा।

कलेक्टर श्री हिमांशु चंद्रा के मार्गदर्शन एवं मंडी भारसाधक अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व नीमच श्री संजीव साहू की देखरेख में मंडी प्रशासन द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ की गई भूखंडो की नीलामी से प्रथम बार 20 नये पंजीकृत मंडी व्यापारियों को अपने व्यापार व्यवसाय को बढ़ाने के लिए नवीन मंडी प्रागण में भूखंड प्राप्त करने का अवसर मिला है इससे नए व्यापारी काफी खुश नजर आ रहे है।

आरक्षित वर्ग के 11 व्यापारियों को मिला भूखंड:- इस नीलामी में नवीन मंडी प्रागण में व्यापारियों के लिए कुल मंडी प्रशासन द्वारा पूरी पारदर्शिता के साथ बुधवार एवं गुरु‌वार को की गई भूखंडों की नीलामी में कुल 11 आरक्षित वर्ग के व्यापारियों को भी भूखंड प्राप्त करने का अवसर मिला है, इससे आरक्षित वर्ग के इन व्यापारियों को भी अपने व्यापार व्यवसाय को बढ़ाने में मदद मिलेगी। इनमें आरक्षित वर्ग के 6 नए पंजीकृत व्यापारियों को भी भूखंड मिले हैं।

उल्लेखनीय है, कि कृषि उपज मंडी नीमच के नवीन अतिरिक्त प्रागण में 1000 वर्ग फीट के कुल 157 भूखंडो की नीलामी की गई है। इसके लिए मंडी प्रशासन द्वारा विस्तृत विज्ञप्ति जारी कर नीलामी की पारदर्शी प्रक्रिया को अपनाया गया है, इससे अनेक व्यापारियों को पहली बार भूखंड प्राप्त करने का अवसर मिला है।

मंडी प्रशासन ने अपनाई भूखंड नीलामी की पारदर्शी प्रक्रिया:- मंडी सचिव श्री शर्मा ने भूखंडो की नीलामी की अपनाई गई प्रक्रिया की जानकारी देते हुए बताया, कि इस नीलामी में पूरी पारदर्शिता रखी गई है भूखंडो की नीलामी के लिए प्रर्याप्त समय पूर्व अर्थात 22 फरवरी 2025 को विभिन्न समाचार पत्रों में नीलामी विज्ञप्ति प्रकाशित करवाई थी। नीलामी विज्ञप्ति अनुसार निर्धारित 25 मार्च 2025 तक प्राप्त आवेदन अनुसार 26 एवं 27 मार्च 2025 को भूखंडो की खुली नीलामी की प्रक्रिया मंडी प्रागण में निर्धारित स्थल पर समिति की उपस्थिति में की गई।

इस नीलामी में कुल 286 व्यापारियों द्वारा 157 भूखंडों के लिए बोली लगाई गई, जिसमे 34 करोड 75 लाख 27 हजार की कुल बोली प्राप्त हुई है। मंडी सचिव ने बताया, कि नीलामी से शेष रह गए भूखंडों की नीलामी प्रक्रिया आगामी माह में शीघ्र ही की जावेगी, जिसकी सूचना पृथक से जारी की जावेगी।

नीलामी में भूखण्‍ड पाकर खुश है, नये मण्‍डी व्‍यापारी

मण्‍डी लायसेंसी व्‍यापारी श्रीमती कांता सोलंकी- का कहना है, कि उन्‍होने नीमच मण्‍डी में मण्‍डी व्‍यापार का लायसेंस लिया है और नया व्‍यापार प्रारंभ किया है। उन्‍हें नई कृषि उपज मण्‍डी चंगेरा में अनुसूचित जाति वर्ग के भूखण्‍डों की नीलामी में भाग लेने का अवसर मिला है। उन्‍होने नीलामी में भूखण्‍ड लिया है, इससे वे काफी खुश है।

इसी तरह आरक्षि‍त भूखण्‍ड की नीलामी में भूखण्‍ड प्राप्‍त करने वाले नये मण्‍डी लायसेंसी श्री दिग्विजय परते भी कृषि उपज मण्‍डी नीमच के भूखण्‍डों की नीलामी के माध्‍यम से भूखण्‍ड प्राप्‍त कर काफी खुश है। श्री परते मण्‍डी एवं जिला प्रशासन को धन्‍यवाद देते हुए आभार व्‍यक्‍त कर रहे है। उनका कहना है, कि मण्‍डी प्रशासन द्वारा अपनाई गई पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया की वजह से उन्‍हें नई मण्‍डी में भूखण्‍ड प्राप्‍त हो सका है।

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कृति ने मनाया विश्व रंगमंच दिवस
नीमच। साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृति संस्था कृति के सदस्यों ने विश्व रंगमंच दिवस (27 मार्च) एवं होली के अन्तिम दिवस रंग तेरस के अवसर पर होली के गीत गाकर और उपस्थितजनों को रंग भरा तिलक लगाकर मनाया।
कृति के अध्यक्ष इंजी.बाबूलाल गौड़ ने विश्व रंगमंच दिवस के विषय में विस्तृत से जानकारी दी और सभी का स्वागत अभिनंदन किया। इस अवसर पर सत्येंद्र सक्सेना, शरद पाटीदार, भरत जाजू, डॉ.श्रीमती माधुरी चौरसिया, आशा सांभर, सत्येन्द्रसिंह राठौड़, योगेश पाटीदार, डॉ.जीवन कौशिक, संस्था के वरिष्ठ प्रकाश भट्ट, किशोर जवेरिया ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर 29 एवं 30 मार्च 2025 को आयोजित कृति उत्सव के सफल आयोजन को लेकर भी विस्तृत चर्चा कर जिम्मेदारियां सौंपी गईं। उपस्थित सभी सदस्यों ने संकल्प लिया कि कृति उत्सव 2025 को यादगार बनाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोडी जाएगी।
संस्था द्वारा पहली बार विश्व रंगमंच दिवस 27 मार्च को मनाया गया। कार्यक्रम पूर्णतः स्व संचालित था।
इस अवसर पर कमलेश जायसवाल राजेश जायसवाल डॉ अक्षय पुरोहित भी उपस्थित थे। आभार संस्था के सचिव महेंद्र त्रिवेदी द्वारा व्यक्त किया गया।

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परमाणु ऊर्जा के माध्यम से बिजली उत्पादन क्षमता को लेकर सांसद गुप्ता ने लोकसभा मंे प्रश्न के जवाब मंे राज्यमंत्री ने कहा

भारत की परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता पिछले एक दशक में दुगनी हुई

मंदसौर/नीमच – भारत में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अनेक कदम उठाए गए। भारत की परमाणु ऊर्जा उत्पादन क्षमता पिछले एक दशक में दुगनी हुई है। इसको 2031-32 तक तीगुना करने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे है। यह बात राज्य मंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन तथा प्रधानमंत्री कार्यालय डॉ. जितेंद्र सिंह ने सांसद सुधीर गुप्ता के एक प्रश्न के जवाब में दी। प्रश्न काल के दौरान सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि सरकार परमाणु ऊर्जा के माध्यम से विद्युत उत्पादन के लिए किसी स्वदेशी रूप से विकसित प्रौद्योगिकी पर काम कर रही है और परमाणु ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से देश की वर्तमान विद्युत उत्पादन क्षमता कितनी है।
यह स्वदेशी रूप से विकसित प्रौद्योगिकी किस हद तक देश की विदेशों पर निर्भरता को कम करेगी और देश में विद्युत की कमी की समस्या का समाधान करेगी।  उन्होने कहा कि सरकार ने ईंधन की आपूर्ति के लिए किसी देश/देशों के साथ कोई समझौता किया है, जो परमाणु ऊर्जा के माध्यम से विद्युत उत्पादन में प्रमुख बाधा है ।
इस पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि  देश में वर्तमान स्थापित नाभिकीय विद्युत क्षमता 8180 मेगावाट है। दिनांक 17 मार्च, 2025 को 700 मेगावाट क्षमता का एक और रिएक्टर ग्रिड से जोड़ा गया है, जिससे क्षमता बढ़कर 8880 मेगावाट हो गई है। भारत दीर्घकालिक ऊर्जा संरक्षा और देश के नाभिकीय संसाधनों के अनुकूल उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी, त्रि-चरणीय नाभिकीय विद्युत कार्यक्रम का अनुसरण करता है। दाबित भारी पानी रिएक्टर (पीएचडब्ल्यूआर) कार्यक्रम के प्रथम चरण के रिएक्टर हैं। उनकी इकाई क्षमता 220 मेगावाट से 540 मेगावाट और फिर 700 मेगावाट तक बढ़ चुकी है। स्वदेशी 700 मेगावाट पीएचडब्ल्यूआर अब निकट और मध्यम अवधि में देश के नाभिकीय ऊर्जा विस्तार कार्यक्रम का मुख्य आधार होगा। भारत लघु रिएक्टर (बीएसआर) नाम के मानक 220 मेगावाट पीएचडब्ल्यूआर, जिसका साबित सुरक्षा और निष्पादन रिकॉर्ड है, उनको भूमि की आवश्यकता को कम करने और स्वोत्पाद (कैप्टिव) विद्युत संयंत्र के रूप में उपयोग के लिए उद्योगों के निकट स्थापित करने योग्य बनाने के लिए उन्नत किया जा रहा है। उन्होने बताया कि वर्तमान में, 8880 मेगावाट की कुल क्षमता वाले 25 नाभिकीय ऊर्जा रिएक्टर मौजूद हैं, जिनमें से 21 रिएक्टर पीएचडब्ल्यूआर हैं, जो कुल मौजूदा क्षमता का 60 प्रतिशत से अधिक है। वर्ष 2031-32 तक नाभिकीय विद्युत क्षमता को 22480 मेगावाट तक बढ़ाने की योजना है, जिसमें से 15160 मेगावाट क्षमता पीएचडब्ल्यूआर से प्राप्त की जाएगी। इसके अलावा, भारत सरकार का विचार मौजूदा और उभरती नई प्रौद्योगिकियों के आधार पर वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट नाभिकीय विद्युत क्षमता प्राप्ति का है, जो निश्चित रूप से देश में बिजली की कमी की समस्या का समाधान करने में सहायक होगी। इसी के साथ ही विदेशों के संबंध में एकमात्र मौजूदा दीर्घकालिक यूरेनियम प्रापण समझौता मेसर्स नावोइयुरन स्टेट कंपनी, उज्बेकिस्तान के साथ है। यह अनुबंध 2026 तक और कुल मात्रा 1100MTUके लिए वैध है।

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