रेलवे बोर्ड के फैसले पर कर्मचारियों में आक्रोश, एनएफआईआर ने दी विरोध की चेतावनी

रेलवे बोर्ड के फैसले पर कर्मचारियों में आक्रोश, एनएफआईआर ने दी विरोध की चेतावनी
गोरखपुर पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के मुख्यालय मंडल कार्यालय में संघ के अध्यक्ष माधव प्रसाद शर्मा की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में रेलवे बोर्ड द्वारा एलडीसीई (लिमिटेड डिपार्टमेंटल कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन) और जीडीसीई (जनरल डिपार्टमेंटल कॉम्पिटिटिव एग्जामिनेशन) की चयन प्रक्रिया पर रोक लगाने के आदेश पर गहरी चिंता व्यक्त की गई।बैठक को संबोधित करते हुए संघ के महामंत्री अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि ग्रुप डी से ग्रुप सी में पदोन्नति के लिए रेलवे बोर्ड के नियमों के तहत कुल रिक्त पदों में से 50% अभ्यर्थियों का चयन खुले बाजार से और शेष पदों का चयन विभागीय स्तर पर रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा किया जाता है। यह नीति ग्रुप डी के शिक्षित कर्मचारियों के भविष्य को बेहतर बनाने और पदोन्नति के नए अवसर प्रदान करने के लिए मजदूर संघों के लंबे संघर्ष के बाद तैयार की गई थी। हालांकि, सरकार की संविदा और आउटसोर्सिंग के जरिए काम कराने की नीति के कारण यह विभागीय पदोन्नति प्रक्रिया बाधित हो रही है।उन्होंने कहा कि रेलवे बोर्ड के इस फैसले से कर्मचारियों में व्यापक असंतोष और आक्रोश व्याप्त है। सिंह ने चेतावनी दी कि यदि रेलवे बोर्ड अपने निर्णय पर पुनर्विचार नहीं करता, तो नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमैन (एनएफआईआर) पूरे भारतीय रेलवे में इसका जोरदार विरोध करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे के निजीकरण और निगमीकरण को बढ़ावा देने के लिए ही कर्मचारी हितों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यदि विभागीय चयन प्रक्रिया में कोई प्रशासनिक समस्या है, तो रेल प्रशासन को इसे स्पष्ट करना चाहिए।सिंह ने आगे कहा कि रेलवे बोर्ड का यह असंवेदनशील निर्णय औद्योगिक अशांति को जन्म देगा। उन्होंने मांग की कि अपग्रेडेशन का रोडमैप तैयार कर चयन प्रक्रिया पर लगी रोक को तत्काल हटाया जाए।बैठक में आर पी भट्ट, मनोज कुमार द्विवेदी, डी के तिवारी, देवेंद्र यादव, रामकृपाल शर्मा, विश्व प्रकाश मिश्रा, अनवर अली, राजीव कुमार सिंह, उमेश सिंह, बिक्रम, सुग्रीव सिंह, दयाशंकर, अंगद यादव, आसिफ मेकरानी सहित बड़ी संख्या में रेलवे कर्मचारी मौजूद रहे।