झालावाड़डग

भारतीय हिंदू नववर्ष विक्रम संवत् 2082 के शुभ अवसर पर डग नगर में भव्य शोभायात्रा हेतु बैठक सम्पन्न

भारतीय हिंदू नववर्ष विक्रम संवत् 2082 के शुभ अवसर पर डग नगर में भव्य शोभायात्रा हेतु बैठक सम्पन्न

 

डग(संजय अग्रवाल)-डग नगर में विक्रम संवत् 2082 के हिंदू नववर्ष महोत्सव को भव्य एवं दिव्य रूप से आयोजित करने हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में नगर के प्रमुख सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया ।बैठक में भव्य शोभायात्रा के आयोजन को लेकर आवश्यक निर्णय लिए गए इस बैठक में नववर्ष आयोजक समिति की नवीन कार्यकारिणी की भी घोषणा की गई, जिसमें अध्यक्ष राजेंद्र जैन, उपाध्यक्ष बलराम बागवान, कोषाध्यक्ष नरेंद्र भावसार, सयोंजक भानु प्रताप बैरागी, युवा समिति अध्यक्ष तनिष्क सोनी, युवा समिति उपाध्यक्ष कुलदीप भारतेश को दायित्व सौंपे गए। समिति के सभी सदस्य हिंदू नववर्ष उत्सव को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करेंगे।

बैठक में मुख्य वक्ता रमेश खंडार ने भारतीय हिंदू नववर्ष पर विशेष व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने विक्रम संवत् की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह भारतीय संस्कृति, परंपराओं और सनातन धर्म की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है।

बैठक में शंकर सिंह ने नववर्ष के आयोजित कार्यक्रम को भव्य रूप देने पर विशेष रूप से प्रकाश डाला और सभी समाजजनों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने की अपील की। उन्होंने नगर और क्षेत्र में बढ़ते “लव जिहाद” के मामलों पर भी चिंता व्यक्त करते हुए समाजजनों को जागरूक रहने और एकजुट होकर सनातन संस्कृति की रक्षा करने का संदेश दिया।

इस महत्वपूर्ण बैठक में नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में हिंदू समाज के सभी संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बैठक में युवा, बुजुर्ग, मातृशक्ति और समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और नववर्ष उत्सव को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने का संकल्प लिया।

बैठक समापन पर नववर्ष आयोजन समिति के अध्यक्ष राजेंद्र जैन ने समस्त हिंदू समाज के नवयुवाओं, बड़े-बुजुर्गों, मातृशक्ति और समाज के सभी लोगों से आह्वान किया कि वे इस भव्य नववर्ष शोभायात्रा में अधिक से अधिक संख्या में पधारें और इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनें। उन्होंने कहा, “संगठन में ही शक्ति है, जब हम संगठित रहते हैं, तभी समाज और संस्कृति की रक्षा संभव है।”

बैठक का समापन वंदे मातरम् और भारत माता की जयकारों के साथ हुआ।

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