मंदसौरमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश मंदसौर 18 फरवरी 2025 मंगलवार

सीतामऊ। नगर के अयोध्या बस्ती क्षेत्र के नागरिकों की विभिन्न जनसमस्याओं से आज प्रातः नप कार्यालय में नगर परिषद अध्यक्ष श्री मनोज शुक्ला अवगत हुवे एवं योजना अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को नवीन पट्टे के प्रमाण पत्र भी प्रदाय किए।

अति आवश्यक जन समस्याओं के समाधान हेतु कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए, इस अवसर पर नगर परिषद उपाध्यक्ष सुमित रावत नगर परिषद सभापति विवेक सोनगरा, सभापति प्रतिनिधिद्वय राजेंद्र राठौर विजय गिरोठिया उपस्थित रहे।

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परीक्षा के संबंध में सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने पर होगी सख्त कार्यवाही : कलेक्टर श्रीमती गर्ग

रबी उपार्जन केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए

साप्ताहिक अंतर विभागीय समीक्षा बैठक संपन्न

मंदसौर 17 फरवरी 25/ कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में साप्ताहिक अंतर विभागीय समीक्षा बैठक सुशासन भवन स्थित सभागृह में आयोजित की गई। बैठक के दौरान कलेक्टर ने सभी एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस तथा विभाग प्रमुखों को निर्देश देते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारियां फैलाने वाले व्यक्ति पर सख्त कार्यवाही करें। ऐसे व्यक्तियों के विरुद्ध तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए। लाउडस्पीकर पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। इस संबंध में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उक्त कार्यों के लिए उड़न दस्ता दल गठित करें। जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा केंद्रों के प्रकाशन के पश्चात की कार्यवाही पूर्ण करें। परीक्षा के लिए जिन कर्मचारियों, दलों की ड्यूटी लगी है उनको प्रशिक्षण प्रदान करें। बैठक के दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन, अपर कलेक्टर श्रीमती एकता जायसवाल सहित सभी जिलाधिकारी मौजूद थे।

आगामी 1 मार्च से सभी विभागों की फाइले ई ऑफिस के माध्यम से संचालित होगी। फाइलों के सभी कार्य ऑनलाइन माध्यम से किए जाएंगे। इस संबंध में सभी विभाग हिरारकी मैपिंग करें। ईमेल बनाएं। तथा ई ऑफिस पर कार्य शुरू करें।

रबी उपार्जन पंजीयन का कार्य 31 मार्च तक चलेगा। रबी उपार्जन खरीदी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाए। बारदान की पर्याप्त व्यवस्था रखे।बारदान के लिए डिमांड भी भेजें। स्लॉट बुकिंग समय पर हो। इसका विशेष तौर पर ध्यान रखें। तोल कांटे पर्याप्त संख्या में हो। सभी केंद्रों पर सर्वेयर समय पर पहुंचे। यह सुनिश्चित किया जाए। गेहूं की गुणवत्ता की जांच करें एवं ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था समय-समय पर हो।

सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण के लिए ब्लॉक स्तर पर आयोजित आने वाले कैंपों में अधिकारी बैठे तथा शिकायतों का संतुष्टि पूर्वक निराकरण करें। जल निगम द्वारा किए गए कार्य जो ग्राम पंचायत को सुपुर्द करना है। सुपुर्द करने से पहले कार्यों की जांच करें। इसके लिए सीईओ जिला पंचायत जांच दल गठित करें।

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शिवाजी महाराज जयंती पर शासकीय अवकाश घोषित किया जाए 
मंदसौर। जिला क्षत्रिय मराठा समाज, मन्दसौर द्वारा सयुक्त कलेक्टर महोदय मन्दसौर को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयन्ति 19 फरवरी को शासकीय अवकाश घोषित करने हेतु ज्ञापन प्रस्तुत कर माँग की गई है।
इस अवसर पर समाज के भरत शिन्दे, अनिल माण्डोकर, नारायणराव देशमुख, अरविन्दराव नवले, अनिल जगताप, हरिराव जाधव, संजय जाधव, संजय चव्हाण, गोपालराव शिन्दे, कमलेश रोखले, श्रीमती प्रिती रोखले, महेन्द्र नवले, दिलीप शिन्दे, गोरव कुंजर, सयुक्त क्षत्रीय मराठा समाज एवं विनयजी दुबेला, विनोद जी मेहता अन्य सभी समाजजन उपस्थित थे।

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मन्दसौर सीए ब्रांच व कर सलाहकार संघ मन्दसौर द्वारा बजट सेमिनार सम्पन्न

मन्दसौर।सीए ब्रांच व कर सलाहकार संघ मन्दसौर द्वारा बजट 2025 विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया।
सेमिनार को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मन्दसौर लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद सुधीर गुप्ता ने कहा कि मोदी सरकार सदैव ही सबका साथ सबका विकास के संकल्प के साथ कार्य करती आ रही है। इस बजट में भी मध्यमवर्गीय वर्ग एवं छोटे व मझौले उद्योगों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया है। नये आयकर बिल में भी अनेक ऐसे प्रावधानों को समाप्त किया गया है, जिनका कोई औचित्य नहीं बचा था।
इंस्टीट्यूट के सेंट्रल कौंसिल सदस्य व मुख्य वक्ता सीए पंकज शाह ने बजट के विभिन्न प्रावधानों की बारीकियों की व्याख्या करते हुए बताया कि इस बजट में अनेक जटिल प्रावधानों को समाप्त करने का प्रयास किया गया है। आपने यह भी कहा कि अब हमें अपने क्लाइंट का आयकर रिटर्न भरते समय पूर्ण सावधानी रखना होगी क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के द्वारा आयकर विभाग ने काफी जानकारी एकत्र की हुई है और हमारी जरा सी भी असावधानी क्लाइंट को बड़ा नुकसान पहुॅंचा सकती है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि रीजनल कौंसिल सदस्य सीए निर्भिक गाॅंधी ने आह्वान किया कि हम अपनी प्रैक्टिस में और भी अधिक अवसरों को खोजें और उन पर कार्य करें। सीए एक ऐसा व्यक्ति है जो अपने क्लाइंट को करारोपण के साथ साथ उनकी बचत के उचित निवेश के बारे में भी काफी उपयोगी सलाह प्रदान कर सकता है। अपने उद्बोधन में आपने स्टार्टअप को स्थापित करने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में मन्दसौर ब्रांच के अध्यक्ष सीए दिनेश जैन ने अपने स्वागत भाषण में पिछले एक वर्ष में मन्दसौर ब्रांच द्वारा की गयी गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि अत्यन्त छोटी ब्रांच होने के बावजूद भी हमारे द्वारा विभिन्न तात्कालिक विषयों पर सेमिनार आयोजित कर सदस्यों को लाभान्वित किया गया है।
मन्दसौर कर सलाहकार संघ के अध्यक्ष श्री मुकेश पारिख ने संघ की गतिविधियों के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कर सलाहकार संघ द्वारा प्रतिमाह मीटिंग आयोजित की जाती है जिसमें समय समय पर विभिन्न कर प्रावधानों में हुए परिवर्तनों के बारे में चर्चा की जाती है।
अतिथि परिचय ब्रांच के सचिव सीए विकास भंडारी ने दिया।सीए मोटो सांग सीए अर्पित नागर ने प्रस्तुत किया।इस अवसर पर सीए सदस्यों की मार्गदर्शिका व वार्षिक पत्रिका का विमोचन भी सीए आयुष जैन व सीए आशीष जैन के माध्यम से किया गया।
अतिथियों को स्मृति चिन्ह सीए विजयसिंह पामेंचा, सीए वीरेन्द्र जैन, सीए दिनेश जैन, सीए राजेश मंडवारिया, सीए विनय अग्रवाल, सीए विकास भंडारी, सीए आयुष जैन, सीए नयन जैन, सीए अर्पित नागदा, मुकेश पारिख, महेश पारिख, लोकेन्द्र जैन, रमेश जैन आदि के द्वारा प्रदान किये गये।कार्यक्रम का संचालन सीए आयुष जैन ने किया।  आभार प्रदर्शन सीए राजेश मंडवारिया ने किया।

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आयुष्मान के लिए अनुबंधित निजी अस्पताल आयुष्मान से मिलने वाली सभी सेवाएं मरीजों को प्रदान करें : कलेक्टर श्रीमती गर्ग

जिला अस्पताल में जिन सेवाओं के डॉ नहीं है अगर प्राइवेट डॉ द्वारा सेवा देने पर आयुष्मान पैकेज रेट से पेय किया जाएगा

स्वास्थ्य विभाग की डीजीआरसी कमेटी की बैठक संपन्न

मंदसौर 17 फरवरी 25/ कलेक्टर श्रीमती अदिती गर्ग की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की डीजीआरसी कमेटी की बैठक सुशासन भवन स्थित सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक के दौरान कलेक्टर ने निजी अस्पतालों को निर्देश देते हुए कहा कि ऐसे अस्पताल जो आयुष्मान के लिए अनुबंधित है, वे अस्पताल आयुष्मान की सभी सेवाएं प्रदान करे। आयुष्मान के माध्यम से जितनी भी बीमारियों का इलाज किया जाता है उन सभी सेवाओं को प्रदान करें।

सिर्फ नाम के लिए एक या दो सेवाओं को प्रदान न करके सभी सेवाएं दे। अगर सेवाएं नहीं है तो सेवाओं को जोड़ने के लिए आवेदन करें। आयुष्मान के लिए जो रिक्वायरमेंट पूरी होनी चाहिए वह सभी रिक्वायरमेंट पूरी करें। आम लोगों को आयुष्मान से मिलने वाली सभी सेवाओं के बारे में जानकारी दें। इसके लिए अस्पताल में हेल्पेड डेस्क स्थापित करें। जहां पर मरीजों को आयुष्मान में मिलने वाली सभी सेवाओं की जानकारी मिलेगी। सभी सेवाओं का सूचना बोर्ड अस्पताल में चस्पा करे। अस्पतालों में हेल्पेड डेस्क को सुद्रण करें। जहां पर मरीज के आने पर तुरंत मरीज का आधार कार्ड और समग्र आईडी लें और चेक करें कि, मरीज आयुष्मान का हितग्राही है या नहीं। अगर आयुष्मान का हितग्राही है तो मरीज से ओपीडी फीस नहीं लेवे। आयुष्मान हितग्राही से ओपीडी की फीस नहीं लेना है। क्योंकि ओपीडी की फीस का भी भुगतान आयुष्मान कार्ड के माध्यम से सरकार द्वारा किया जाता है। साथ ही अगर कोई आयुष्मान का हितग्राही है और निजी अस्पताल में भुगतान करके अपना इलाज कराना चाहता है तो इस संबंध में सबसे पहले आयुष्मान भोपाल को सूचित करें कि, उक्त व्यक्ति आयुष्मान का हितग्राही होकर स्वयं पैसे देकर इलाज करवाना चाहता है। बैठक के दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री अनुकूल जैन, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ चौहान, निजी अस्पताल के प्रबंधक, डॉ, मैनेजर मौजूद थे।

जिला अस्पताल में जिन सेवाओं के डॉक्टर नहीं है, अगर कोई निजी अस्पताल के डॉक्टर या कोई स्पेशलिस्ट डॉ अगर उन सेवाओं के बदले सेवा देना चाहते हैं, तो उन डॉक्टर को आयुष्मान पैकेज रेट के अनुसार भुगतान किया जाएगा। जिले में निजी अस्पतालों के द्वारा प्रसव ऑपरेशन के माध्यम से अधिक से अधिक कराए जाने के मामले सामने आ रहे हैं। उक्त संबंध में जांच चल रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर अस्पताल एवं संबंधित डॉ के विरुद्ध कार्यवाही होगी।

टीबी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत जिले में 100 दिवसीय अभियान लगातार चल रहा है। उक्त अभियान में निजी अस्पताल ज्यादा से ज्यादा ओपीडी के मरीजों को एक्स-रे के लिए जिला अस्पताल में रेफरल करें। प्रतिदिन की रिपोर्ट भेजें। ओपीडी और एक्स रे के बीच में जो गैप है उसको कम करें। टीबी मरीजों को फूड बास्केट प्रदान करें।

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गांधीसागर वन्यजीव अभयारण्य में तीन दिवसीय गिद्धों की गणना शुरू

गणना 17 से 19 फरवरी तक प्रतिदिन सुबह 7 से 9 बजे के बीच होगी

मंदसौर 17 फरवरी 25/ वनमंडलाधिकारी श्री संजय रायखेरे द्वारा बताया गया कि, प्रदेश व्यापी गिद्ध गणना वर्ष 2025 के अन्तर्गत मन्दसौर जिले के मंदसौर जिले में आज से तीन दिवसीय शीतकालीन गिद्ध गणना प्रारंभ हो गई है। यह गणना 17 से 19 फरवरी तक प्रतिदिन सुबह 7 से 9 बजे के बीच की जाएगी। इस दौरान वन एवम राजस्व क्षत्रों जहाँ पर गिद्धों की उपस्थिति देखी जा रही हैं, जिसमें अधिकारी-कर्मचारी और वॉलंटियर्स तैनात किए गए हैं, जो चंबल नदी से लगे ऊंचे चट्टानी क्षेत्रों में गिद्धों की गणना कर रहे हैं। पहले दिन की गणना के बाद अभ्यारण्य एवम अन्य क्षेत्रों में सात प्रजातियों के गिद्धों की कुल 728 गिद्धों की संख्या होना पाया गया।

गिद्धों की संख्या और उनके आश्रय स्थलों का आकलन करने के लिए यह गणना पूरे प्रदेश में चल रही है। अधिकारी और कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें बैठे हुए गिद्धों की गिनती कर रही हैं एवं उनकी प्रजाति की पहचान कर रही हैं, और घोंसलों की स्थिति का निरीक्षण कर रहे हैं।

गिद्धों का जीवन और गांधीसागर अभयारण्य में उनकी स्थिति

गिद्ध पारिस्थितिकी तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, क्योंकि वे मृत जीवों को खाकर प्रकृति की सफाई करने का कार्य करते हैं। गांधीसागर में गिद्धों की सात प्रजातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें राज गिद्ध (King Vulture), भारतीय गिद्ध (Indian Vulture), लंबी चोंच वाला गिद्ध (Long-billed Vulture), सफेद पीठ वाला गिद्ध (White-rumped Vulture) और मिस्र गिद्ध (Egyptian Vulture) प्रमुख हैं।

गिद्धों के आवास और पर्यावरण

गांधीसागर सेंचुरी में गिद्धों के लिए आदर्श वातावरण मौजूद है, जिसमें ऊँची चट्टानें, घने वृक्षों वाले क्षेत्र और जल स्रोत शामिल हैं। गिद्ध ज्यादातर खुले क्षेत्रों और खुले चट्टानी क्षेत्रों, पर्वतों पर घोंसला बनाते हैं, जहां उन्हें भोजन और सुरक्षित प्रजनन स्थल मिल सके।

गिद्धों का भोजन और आहार

गिद्ध मुख्य रूप से मृत जानवरों के मांस (Carrion) पर निर्भर होते हैं। वे शिकारी नहीं होते, बल्कि प्राकृतिक सफाईकर्मी के रूप में कार्य करते हैं। वे अपनी तीव्र दृष्टि और गंधशक्ति की मदद से दूर से ही मृत जानवरों को खोज लेते हैं।

प्रजनन और जीवन चक्र

गिद्ध साल में एक ही बार अंडे देते हैं और यह प्रक्रिया चट्टानों या ऊँचे पेड़ों पर होती है। गिद्ध का जीवनकाल औसतन 15 से 30 वर्ष तक होता है।

गांधीसागर अभयारण्य में गिद्धों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास

डाइक्लोफेनैक एवम निमेसुलाइड के सभी फार्मूलेशन पर प्रतिबंध: गिद्धों के लिए घातक इस दवा का उपयोग प्रतिबंधित किया गया है। संरक्षित क्षेत्र: गिद्धों के घोंसले वाले क्षेत्रों को संरक्षित किया गया है ताकि वे बिना किसी बाधा के प्रजनन कर सकें। निगरानी और गणना: गिद्धों की गणना नियमित रूप से की जाती है, ताकि उनकी जनसंख्या पर नजर रखी जा सके स्थानीय जागरूकता अभियान: ग्रामीणों और किसानों को गिद्धों के महत्व और उनके संरक्षण के तरीकों के बारे में शिक्षित किया जा रहा है।

ग्रीष्मकालीन गिद्ध गणना अप्रैल में होगी

गिद्धों की संख्या और उनकी स्थिति का बेहतर अध्ययन करने के लिए यह गणना वर्ष में दो बार आयोजित की जाती है।

ग्रीष्मकालीन गणना 29 अप्रैल 2025 को होगी। शीतकालीन गणना के दौरान प्रवासी गिद्ध जैसे : हिमालयन और यूरेशियन ग्रिफान, सीनेरियस गिद्ध भी गणना में पाये जाते हैं। गर्मियों में गिद्धों की गतिविधियाँ और उनके प्रजनन स्थल अलग-अलग हो सकते हैं।

गांधीसागर अभयारण्य गिद्धों के लिए एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक आश्रय स्थल है। यहां की जैव विविधता, ऊँची चट्टानें और भोजन की उपलब्धता गिद्धों के जीवन के लिए आदर्श वातावरण प्रदान करती हैं। संरक्षण प्रयासों और नियमित निगरानी के माध्यम से गिद्धों की संख्या को स्थिर बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है। फोटो संलग्‍न

प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्वि सह योजना के अन्तर्गत ऑनलाईन आवेदन की प्रकिया प्रारभ

योजना के संबंध में 20 फरवरी को मत्‍स्‍योद्योग मंदसौर में शिविर आयोजित होग

मंदसौर 17 फरवरी 25/ सहायक संचालक मत्स्योद्योग श्री एस के महाजन द्वारा बताया गया कि केंद्रीय केबिनेट ने 8 फरवरी 2024 को प्रधानमत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना का अनुमोदन किया गया है। योजना का कियान्वयन आगामी 4 बर्षों तक किया जाना है। योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु भारत सरकार द्वारा विकसित नेशनल फिशरीज डिजीटल प्लेटफार्म पर इच्छुक मछुआरे, मत्स्य किसान, मत्स्य विक्रेता एंव मत्स्य उद्यमी अपना पंजीयन करवाकर एनएफडीपी प्लेटफार्म पर ही ऑनलाईन आवेदन कर सकते है।

योजना अन्तर्गत पंजीयन हेतु 20 फरवरी 2025 को कार्यालय सहायक संचालक मत्स्योधोग मंदसौर में शिविर आयोजित किया गया है। इच्छुक व्यक्ति अपना आधार कार्ड, पेन कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति, दो फोटो लेकर शिविर मे उपस्थित रहे।

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कंप्‍यूटर अकाउंटिंग टैली का निः शुल्क प्रशिक्षण 19 फरवरी से प्रारंभ

मंदसौर 17 फरवरी 25/ ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान मंदसौर के निर्देशक महेशचंद्र अग्रवाल द्वारा बताया गया कि महिलाओ के लिए कंंप्‍यूटर अकाउंटिंग टैली का प्रशिक्षण बैच 19 फरवरी 2025 बुधवार से शुरू होगा। प्रशिक्षण इच्छुक प्रत्याशी अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते है। रजिस्‍ट्रेशन के लिए अपने साथ दो फोटो, आधार कार्ड, राशन कार्ड, समग्र आईडी कार्ड, अंतिम मार्कशीट और बैंक खाते की डिटेल फोटो प्रति लेकर आवे एवं इसका लाभ उठावें। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान सर्किट हाउस से पहले, नई आबादी थाने के पास मंदसौर। मोबाइल नंबर 7999852839, 8435806297 पर सम्‍पर्क कर सकते है।

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जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक 18 फरवरी को होगी

मंदसौर 17 फरवरी 25/ अपर कलेक्‍टर श्रीमती एकता जायसवाल द्वारा बताया कि जिला स्‍तरीय शांति समिति की बैठक 18 फरवरी 2025 को सायं 05:00 बजे पुलिस कंट्रोल रूम मंदसौर के सभा-भवन में आयोजित होगी।

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म.प्र. लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 लिखेगी प्रदेश की समृद्धि का नया अध्याय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

नवाचार से विश्वस्तरीय बनेगा लॉजिस्टिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, आपूर्ति होगी आसान, लागत पर लगेगी लगाम

मंदसौर 17 फरवरी 25/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और जीआईएस में जुट रहे निवेशकों को आकर्षित करने राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 जारी की है। पॉलिसी के नवाचारों से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी लाकर आपूर्ति दक्षता को बेहतर बनाएगी। उन्होंने कहा कि पॉलिसी का उद्देश्य प्रदेश में दक्ष, विश्वसनीय और रणनीतिक रूप से स्थाई विश्व स्तरीय लॉजिस्टिक इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास करना है, जिससे वर्ष 2030 तक लॉजिस्टिक लागत को वैश्विक मानकों के अनुरूप कम किया जा सके। इससे प्रदेश घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय व्यवसायों के लिए आकर्षक स्थल बन सकेगा।

मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 प्रदेश के समग्र आर्थिक विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी। यह नीति राज्य को लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनाने, निवेशकों को आकर्षित करने और व्यापार को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगी।

आगामी वर्षों में इससे मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी। पॉलिसी के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए, राज्य सरकार पोर्ट टर्न अराउंड समय को कम करने पर ध्यान केन्द्रित कर रही है। इससे राज्य की आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता को सुधारा जा सकेगा। साथ ही पीसीएस-वन प्रणाली से ई-डिलीवरी आदेशों को पेश किया जाएगा, जिससे लॉजिस्टिक्स प्रक्रियाओं को और अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जा सकेगा।

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के लिए डेडिकेटेट लैब बनाई जाएंगी, जिससे उत्पाद सुरक्षा नियमों और गुणवत्ता मानकों खरे उतर सकेंगे। रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटीफिकेशन डोर (आरएफआईडी) जैसे तकनीकी नवाचार सुरक्षा को बढ़ाएंगे और माल की आवाजाही भी तेज होगी। साथ ही यूनिफाइड लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफार्म के समावेश से लॉजिस्टिक्स मूल्य श्रृंखला में डेटा का आदान-प्रदान सरल औऱ तेज बनेगा। पॉलिसी के नवाचारों में ग्रीन कार्ड योजना भी शामिल है, जो ऐसे लॉजिस्टिक्स संचालको को शीघ्र मंजूरी देगी, जो ग्रीन-ट्रांसपोर्टेशन को अपनाएंगे।

इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास से बढ़ेगी परिवहन दक्षता

अन्तर्देशीय और अंतर्राष्ट्रीय लॉजिस्टिक ट्रांस्पोर्टेशन के योग्य इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए राज्य सरकार 20 से अधिक कार्गो टर्मिनल विकसित कर रही है। इससे लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होगा। ये टर्मिनल अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होंगे, जो माल ढुलाई को सुगम बनाएंगे। परिवहन लागत कम होने से व्यवसायियों का लाभ बढ़ेगा और प्रदेश में अधिक निवेश आकर्षित होगा।

निर्यात क्षमता बढ़ाने विकसित होगा विशेष इन्फ्रास्ट्रक्चर

मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स पॉलिसी-2025 का एक महत्वपूर्ण अंग राज्य की निर्यात क्षमता को बढ़ाना भी है। इसके लिए पॉलिसी में निर्यात पार्क विकसित किए जाने के प्रावधान शामिल किये गए हैं। इन पार्कों के विकासक को स्टांप ड्यूटी और पंजीकरण शुल्क पर 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति प्राप्त होगी, साथ ही इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए अधिकतम 40 करोड़ रुपए अथवा प्रति एकड़ 50 प्रतिशत तक की वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। निर्यातकों के लिए सामान्य प्र-संस्करण सुविधाओं की स्थापना को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिये परियोजना लागत की 25 प्रतिशत तक अथवा अधिकतम 25 करोड़ रुपए तक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। पॉलिसी में ग्रीन इंडस्ट्रीलायजेशन को भी प्रोत्साहित किया गया है। इसके लिए अपशिष्ट प्रबंधन की शून्य तरल प्रणालियों और केंद्रीकृत अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों की स्थापना पर 50 प्रतिशत तक प्रतिपूर्ति प्रदान की जाएगी।

निर्यातकों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

पॉलिसी में निर्यातकों की भागीदारी को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसके लिए निर्यात विविधीकरण को बढ़ावा, निर्यात-उन्मुख इकाइयों की दक्षता बढ़ाना और सुदृढ़ निर्यातोन्मुख लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। पॉलिसी के उद्देश्यों में निर्यात की मात्रा बढ़ाना, “मेड इन मध्यप्रदेश” उत्पादों के निर्यात मूल्य में वृद्धि करना और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में रोजगार के अवसरों का सृजन भी शामिल है।

घरेलू और विदेशी निवेशकों के लिये सुनहरा अवसर

लॉजिस्टिक्स लागत में कमी से व्यापारियों और उद्यमियों को सीधा लाभ होगा। वेयरहाउस, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स कंपनियों में लाखों नई नौकरियाँ उपलब्ध होंगी। विदेशी और घरेलू निवेशकों को आकर्षित करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। साथ ही किसानों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर परिवहन और भंडारण सुविधाएँ मिलेंगी।

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जीआईएस में ओडीओपी एक्स-पो से लोकल उत्पादों को मिलेगा ग्लोबल मंच : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मंदसौर 17 फरवरी 25/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि “एक जिला-एक उत्पाद“ हमारे कारीगरों और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में एक्स-पो माध्यम से हम अपने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक मंच देने जा रहे हैं, जिससे प्रदेश के उद्योगों, विशेष रूप से हस्तशिल्प और कृषि उत्पादों को नई पहचान मिलेगी। यह एक्स-पो न केवल हमारे कारीगरों के कौशल को प्रदर्शित करेगा, बल्कि उन्हें नए व्यावसायिक अवसर भी प्रदान करेगा।” मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में आयोजित होने वाली 2 दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में “एक जिला-एक उत्पाद” एक्स-पो प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों और हस्तशिल्प को वैश्विक मंच प्रदान करेगा। इसमें मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों के विशिष्ट उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा, जिससे स्थानीय शिल्प, कृषि और खाद्य उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

ओडीओपी ज़ोन: परंपरा और नवाचार का संगम

एक्स-पो में प्रदेश के 38 ओडीओपी उत्पादों के लिए विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे, जिन्हें लाइव काउंटर और प्रोसेस काउंटर में विभाजित किया गया है। लाइव काउंटर में बाघ प्रिंट, जरी जरदोजी, बाटिक प्रिंट, कालीन, चंदेरी साड़ी, बांस, बलुआ पत्थर और कपड़े की जैकेट जैसे आठ प्रमुख उत्पादों के निर्माण की प्रक्रिया को कारीगरों द्वारा लाइव प्रस्तुत किया जाएगा। खास बात यह है कि प्रतिनिधि और अतिथि कारीगरों के मार्गदर्शन में खुद भी इन उत्पादों को बनाने का अनुभव ले सकेंगे।

कुम्हार पुरा’ और ‘टेक्निकल ज़ोन’

मानव संग्रहालय में मिट्टी के बर्तन और धातु कला के लाइव काउंटर भी आकर्षण का केंद्र होंगे।

खाद्य और कृषि उत्पादों की झलक

एक्स-पो में खाद्य, मसाले और फलों से जुड़े 32 ओडीओपी उत्पादों के स्टॉल पर उनकी निर्माण प्रक्रिया के साथ प्रदर्शित किया जाएगा। यहाँ प्रतिनिधि इन उत्पादों को न केवल देख और समझ सकेंगे, बल्कि उन्हें खरीद भी पाएंगे। साथ ही 16 लाइव काउंटरों पर मध्यप्रदेश की पारंपरिक कला और शिल्प का प्रदर्शन होगा, जहाँ अतिथि स्वयं इस प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।

कारीगरों के भविष्य को नई दिशा

एक्स-पो कारीगरों को नए व्यावसायिक अवसर प्रदान करेगा। प्रत्येक काउंटर पर आने वाले आगंतुकों का डेटा एकत्र किया जाएगा, जिससे भविष्य में बी-टू-बी और बी-टू-सी नेटवर्किंग के माध्यम से कारीगरों को बाज़ार से जोड़ा जा सके। इस डेटा प्रबंधन की ज़िम्मेदारी भोपाल के प्रतिष्ठित कॉलेजों के छात्रों को दी गई है, जिससे उन्हें भी व्यावहारिक अनुभव मिलेगा।

स्थानीय उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में ओडीओपी एक्स-पो न केवल मध्यप्रदेश के शिल्प और उत्पादों को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का माध्यम बनेगा, बल्कि कारीगरों और निवेशकों के बीच एक मज़बूत सेतु की भूमिका भी निभाएगा।

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मध्यप्रदेश की नई आबकारी नीति वर्ष 2025-26 जारी ,प्रदेश के घोषित पवित्र क्षेत्रों में मदिरा दुकानें 1 अप्रैल 2025 से होंगी बंद

दुकान परिसर में मदिरापान की नहीं रहेगी अनुमति

मंदसौर 17 फरवरी 25/ मध्यप्रदेश की नई आबकारी नीति के अनुसार प्रदेश में घोषित पवित्र क्षेत्रों में मदिरा दुकानों को 1 अप्रैल 2025 से बंद कर दिया जाएगा। इनमें उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मण्डलेश्वर, ओरछा, मैहर, चित्रकूट, दतिया, पन्ना, मंडला, मुलताई, मंदसौर, अमरकंटक, सलकनपुर, बरमान कला, लिंगा, बरमान खुर्द, कुंडलपुर, बांदकपुर शामिल है। नई आबकारी नीति के अनुसार 1 अप्रैल 2025 से इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के वाइन आउटलेट के लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे एवं उनके संचालन की अनुमति भी नहीं होगी।

नये जिलों में मदिरा दुकानों का संचालन एवं प्रशासन वहां के जिला कलेक्टरों के अधीन किया जाएगा। जनजातीय बंधुओं के हित में वाइन शॉप पर वाइन एवं हेरिटेज मदिरा का विक्रय किया जा सकेगा। एयरपोर्ट काउंटर पर भी हेरिटेज मदिरा विक्रय की अनुमति रहेगी। किसी भी मदिरा दुकान के परिसर में मदिरापान की अनुमति नहीं होगी।

प्रत्येक जिले में जिला निष्पादन समिति

नई आबकारी नीति के अनुसार प्रत्येक जिले में जिला निष्पादन समिति गठित की जाएगी। जिला निष्पादन समिति मदिरा दुकानों का विस्थापन कर जिले में अन्य स्थान पर विस्थापित दुकान खोलने, दुकान का पोटेंशियल क्षेत्र निर्धारित करने, दुकानों का आरक्षित मूल्य निर्धारण करने, मदिरा दुकानों के एकल समूह का गठन या पुनर्गठन करने, शासन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दुकानों का निष्पादन करने संबंधी सभी कार्य करेगी। अपरिहार्य परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए मदिरा दुकान बंद करने के लिए आबकारी आयुक्त प्रस्ताव दे सकेंगे। अंतिम निर्णय राज्य शासन स्तर पर होगा।

वर्ष 2024-25 के वार्षिक मूल्य में 20 प्रतिशत की वृद्धि उपरांत वर्ष 2025-26 के लिए आरक्षित मूल्य का निर्धारण किया गया है। वर्ष 2025-26 में सर्वप्रथम वर्तमान वर्ष 2024-25 के अनुज्ञप्तिधारियों को नवीनीकरण का अवसर प्रदान किया गया है। तदोपरांत लॉटरी आवेदन पत्र आमंत्रित किये जायेंगे। नवीनीकरण एवं लॉटरी आवेदन पत्र से जिले के आरक्षित मूल्य के 80 प्रतिशत अथवा उससे अधिक के राजस्व की प्राप्ति होने पर जिले को नवीनीकृत किया जावेगा। जरूरत पड़ने पर ई-टेण्डर और ई-टेण्डर कम ऑक्शन की पद्धति से निष्पादन किया जावेगा।

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सभी मदिरा दुकानों पर प्वाइंट आफ सेल मशीनें

सभी मदिरा दुकानों पर प्वाइंट ऑफ सेल (POS) मशीनें स्थापित की जायेंगी, मशीन के माध्यम से समस्त प्रकार की मदिरा बोतल पर चस्पा एक्साइज एडेहसिव लेबल (ईएएल) को अनिवार्यत: स्कैन कर ही बिलिंग एवं विक्रय किया जा सकेगा। जो व्यक्ति ब्लैक लिस्टेड है वह मदिरा दुकान /समूह के लिए आवेदन करने के लिए पात्र नहीं होंगे। विदेशी मदिरा भाण्डागार को स्मार्ट वेयरहाउस में बदला जायेगा। विदेशी मदिरा भाण्डागार पर बायोमेट्रिक ई-लॉक का प्रावधान किया गया है।

भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर एयरपोर्ट के समान अन्य व्यवसायिक उड़ानें संचालित करने वाले एयरपोर्ट पर भी विदेशी मदिरा काउंटर के लिए अनुज्ञप्ति दी जा सकेगी। आगमन एवं प्रस्थान द्वार पर एक-एक काउण्टर खोलने की अनुमति दी जा सकेगी।

वर्ष 2025-26 में रेस्तरां बार की एक नवीन श्रेणी “लो एल्कोहालिक बीवरेज बार” प्रारंभ की जाएगी। इस लायसेंस के अंतर्गत रेस्तरां में सिर्फ बीयर, वाईन एवं “रेडी-टू-ड्रिंक” श्रेणी की विदेशी मदिरा जिसमें अल्कोहल की अधिकतम सीमा 10 प्रतिशत V/V तक ही हो, के सेवन की अनुमति होगी। किसी भी प्रकार के स्पिरिट का सेवन प्रतिबंधित रहेगा।

वर्ष 2025-26 से व्यवसायिक किस्म के आयोजनों हेतु प्रासांगिक अनुज्ञप्ति (एफ.एल.-5) की लायसेंस फीस की पृथक श्रेणी रहेगी। व्यवसायिक किस्म के कार्यक्रमों/आयोजनों जिनमें प्रवेश निर्धारित शुल्क के भुगतान के आधार पर दिया जाता है, उस दौरान मदिरा के उपयोग की अनुमति कार्यक्रम में भाग लेने व्यक्तियों की संख्या के अनुसार लायसेंस फीस रहेगी।

हेरीटेज मदिरा संबंधी नीति एवं व्यवस्था वर्ष 2024-25 के अनुसार यथावत रहेगी। हेरीटेज मदिरा बनाने वाली इकाइयों द

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