सरलता से प्रसन्न होते हैं परमात्मा- पंडित गोविंद उपाध्याय
नीमच
मंदिरों की नगरी मानसा में सोमानी एवं कॉलोनी परिवार द्वारा आयोजित नानी बाई का मेरा कथा का आयोजन राष्ट्रीय अटल गौरव रत्न अवार्ड प्राप्त भागवताचार्य पंडित गोविंद उपाध्याय के मुखारविंद से विजय वर्गी धर्मशाला में किया जा रहा है
जिससे जीवन की व्यथा मिटे ऐसी है नानी बाई के मेरे की कथा
इस कथा को स्वयं सांवरिया सेठ सुनते हैं क्योंकि भक्त नरसिंह की कथा है अपने भक्तों की कथा स्वयं परमात्मा सुनते हैं जब जब भक्तों के ऊपर विपत्ति आई परमात्मा ने सहायता की और भक्त की लाज बचाई अच्छाई पर चलना सत्य का साथ देना सत्य के ऊपर रहना सत्य स्वरूप परमात्मा की सेवा है नौ प्रकार की भक्ति से हृदय पवित्र होता है उसमें सर्वप्रथम भक्ति कथाओं का श्रवण है उक्त विचार व्यक्त करते हुए भागवत आचार्य गोविंद उपाध्याय ने कहा कि मनुष्य जीवन में भूल स्वाभाविक रूप से हो जाती है उसका सुधार कर लेना विवेक ज्ञान है जो व्यक्ति परोपकार करता है उसका परोपकार निष्फल नहीं जाता है परोपकार के लिए नदिया बहती है गाय दूध देती है वृक्ष फल देते हैं और सज्जन पुरुष उत्पन्न होते हैं कलिकाल में भगवान का नाम ही आधार है कलयुग केवल नाम अधारा अन्य युगों में ईश्वर कृपा की खिड़की खोलते हैं लेकिन कलयुग में दरवाजा खोल देते हैं बस नाम जप कर नाम लेकर अच्छाई और सत्य पर चलते हुए परमात्मा को प्रसन्न करना चाहिए मनुष्य जीवन 84 लाख योनियों के बाद में मिला है इसे व्यर्थ में नहीं गवाना चाहिए भक्त नरसी मेहता ने अपनी भक्ति से अपने जीवन में 52 बार भागवत साक्षात्कार किया और भगवत कृपा का अनुभव किया श्री कृष्ण ने उन्हें अपने दिव्य स्वरूप के दर्शन करवाए हैं आयोजक परिवार ने अधिक से अधिक संख्या में पधारने का आग्रह किया है