अनजाने में भी भगवान का नाम लेने मात्र से मनुष्य का उद्धार हो सकता, तो श्रीमद् भागवत कथा से क्यों नहीं- पं पुरोहित जी

नारायण नारायण पुकारते पुकारते ,अजामिल भगवान के द्वारा पहुंचा
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भानपुरा।अजामिल ब्राह्मण था, परंतु एक वेश्या के चक्कर में पड़ अपने ब्रह्म तत्व का सर्वनाश किया ,इस वेश्या से एक पुत्र उत्पन्न हुआ, संतो के कहने पर अजामिल ने उस पुत्र का नाम नारायण रखा ,छोटे पुत्र से ज्यादा प्रेम होता है, इस कारण हर वक्त नारायण नारायण पुकारता पुकारता सत मार्ग के पद से भ्रष्ट अजामिल को परमात्मा का द्वारा प्राप्त हो गया, जाने अनजाने में भी भगवान का नाम लेने मात्र से मनुष्य का उद्धार हो सकता है ,तो श्रीमद् भागवत कथा से मनुष्य का उधर क्यों नहीं होगा ,
इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को श्रीमद् भागवत का अनुसरण अवश्य ही करना चाहिए ,उक्त उद्गार भानपुरा तहसील के लेदी कला , कालेश्वर मंदिर पर चल रही संगीत में श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन शामगढ़ नगर के जाने-माने भागवत प्रवक्ता पंडित श्री विक्रम जी पुरोहित (श्री सुदामा) द्वारा कही गई
कथा के माध्यम से सनातन धर्म के महत्व को समझाते हुए चांद मियां की तस्वीर जो मंदिर के अंदर लगाई गई थी उसे हटाया गया
कथा का समय दोपहर 12:15 से दोपहर 4:00 बजे तक जिसमें आसपास के क्षेत्रवासी भी कथा का लाभ