प्रभु भक्ति से अवगुणों का नाश होता है, पुण्यों की प्राप्ति होती है – संत श्री ज्ञानानंदजी महाराज
Defects are destroyed by devotion to God, virtues are attained

*********************************
केशव सत्संग भवन में चल रहे है चार्तुमासिक प्रवचन
मन्दसौर। नगर के खानपुरा स्थित श्री केशव सत्संग भवन में चातुर्मास हेतु ज्ञानानंदजी महाराज हरिद्वार विराजित है जिनके मुखारविन्द से प्रतिदिन श्रीमद भागवत कथा के एकादश स्कंद का वाचन किया जा रहा है, जिसका श्रवण करने के प्रतिदिन प्रातः 8.30 बजे से 10 बजे तक बडी संख्या में धर्मालुजन पधार रहे है।
रविवार को धर्मसभा में संतश्री ज्ञानानंदजी महाराज ने कहा कि सांसारिक व्यक्ति संसार का भार अपने कंधों पर लेकर चलता रहता है और सांसारिक क्रिया कलापों में ही घिरा रहता है। जब तक मनुष्य गुरू के सम्पर्क में नहीं आता उसे तत्व ज्ञान की प्राप्ति नहीं होती है और शांति की तलाश में इधर उधर भटकता रहता है।
आपने कहा कि संतों के मुख से शास्त्रों को सुनने से बुद्धि का विकास होता है और ज्ञान की प्राप्ति होती है और अवगुणों का नाश होता है। मनुष्य जीवन भर ज्ञान के अभाव में सांसारिक कामों में ही लगा रहता है लेकिन यह उसके कुछ काम नहीं आता और यदि कोई मनुष्य थोडी बहुत भी भक्ति कर लेता है तो वह उसके काम आ जाती है। आपने बताया कि व्यक्ति तत्व गुण, रजो गुण और तमो गुण के बंधन में बंधा रहता है। जिससे भी ज्ञान के माध्यम से ही छोड जा सकता है। कुल मिलाकर आत्म ज्ञान ही मोक्ष का रास्ता है। हमारे शास्त्रों में भी आत्म ज्ञान के महत्व को उल्लेखित किया गया है।
संसार के बंधनों से छूटने का एक मात्र रास्ता प्रभु ही
धर्मसभा मे संतश्री ने कहा कि संसार के बंधनों से छूटने का एक मात्र रास्ता प्रभु भक्ति ही है इसके अलावा कोई अन्य रास्ता संसार के बंधनों से छुटकारा नहीं दिया जा सकता है।
रविवार को धर्मसभा के अंत में भगवान की आरती उतारी गई जिसके पश्चात् प्रसाद का वितरण किया गया। रविवार को विशेष भोजन प्रसादी का वितरण भी किया जिसके लाभार्थी शंकरलाल सोनी रहे।
धर्मसभा में विशेष रूप से केशव सत्संग भवन के अध्यक्ष जगदीशचंद्र सेठिया, सचिव कारूलाल सोनी, मदनलाल गेहलोत, इंजि आर सी पाण्डेय, भगवतीलाल पिलौदिया, शंकरलाल सोनी, दिनेश खत्री, घनश्याम भावसार, संतोष जोशी, प्रहलाद पंवार, प्रवीण देवडा, कमल देवडा, सहित बडी संख्या में महिलाएं पुरूष उपस्थित थे।