बोरखेड़ी आंजना में शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में चल रही प्रज्ञा पुराण कथा का समापन

रमेश मोदी/ संस्कार दर्शन
चौमहला /झालावाड़ –-गांव बोरखेड़ी आंजना में शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में चल रही प्रज्ञा पुराण कथा का समापन हुआ।
मुख्य ट्रस्टी गोविंदराम अग्रवाल ने बताया कि प्रज्ञा पुराण कथा का समापन नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ के साथ किया गया। शांतिकुंज हरिद्वार से आए पंडित देवेश शर्मा चार दिनों तक कथा वाचन से भारतीय संस्कृति में संस्कार परंपरा,पारिवारिक,सामाजिक व्यवस्था के महत्व को समझाया साथ ही व्यक्ति निर्माण के सूत्रों को बताते हुए प्रेरणा दी।समापन पर नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ की पूर्णाहुति की गई जिसमें श्रद्धालुओं से अपनी अपनी बुराई छोड़ने का आवाहन किया गया व अच्छाई के रूप में गायत्री महामंत्र की साधना करने की प्रेरणा दी गई।कार्यक्रम में 24 जनों ने गायत्री महामंत्र की दीक्षा ली और अपनी बुराई त्यागने का संकल्प लिया। पूर्णाहुति नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ की पांच पारियों में संपन्न हुई l कार्यक्रम में 25 से अधिक प्रज्ञा मंडल एवं महिला मंडल के 500 से अधिक महिला -पुरुष याजकों ने यज्ञ में आहुतियां दी । यज्ञ में मानव मात्र के कल्याण के लिए गायत्री महामंत्र के साथ विशिष्ट आहुतियां दी गई। कार्यक्रम के अंत में गायत्री शक्तिपीठ चौमहला के मुख्य ट्रस्टी गोविंदराम अग्रवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया।