मंदसौरमंदसौर जिला

25 अगस्त से आयोजित नेत्रदान पखवाड़े में सभी नेत्रदान का संकल्प ले

25 अगस्त से 8 सितम्बर तक आयोजित नेत्रदान पखवाड़े में सभी नेत्रदान का संकल्प ले
– रविन्द्र पाण्डेय
प्रांत सचिव सक्षम मालवाप्रांत
मन्दसौर। भारत में पिछले 39 वर्षों से नेत्रदान के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने और इसके बारे में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए पूरे देश में 25 अगस्त से 8 सितंबर के बीच राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जाता है। इस नेत्र पखवाड़े में सभी लोगों को नेत्रदान का संकल्प लेकर जरूरतमंदों को रोशनी देनेे का महादान करना चाहिए।
उक्त बात सक्षम के मालवा प्रांत सचिव रविन्द्र पाण्डेय ने कहते हुए बताया कि आंखों के अभाव में जीवन कितना मुश्किल हो सकता है इसकी कल्पना हम कुछ मिनट अपनी आंखें बंद करके कर सकते हैं। व्यक्ति की आंखें न केवल जीवनभर उसे प्रकाश देती हैं वरन मरने के बाद किसी और की जिंदगी का अंधेरा भी दूर कर सकती हैं। यह अंधेरा कैसे मिटाया जा सकता है इस सवाल का जवाब भी हमारे पास ही है। हमारे शास्त्रों में दान की  महिमा अपार है महर्षि दधीचि ने जनहित में अपनी अस्थियां दान में दे दी थीं और भी कई उदाहरण हमारे शास्त्रों है जो हमें प्रेरणा देते हैं नेत्रदान के द्वार ही उन लोगों के जीवन में प्रकाश आ सकता जिनके जीवन में अंधेरा अभिशाप के रूप में मिला है। कॉर्निया खराबी के कारण हुई अंधता से ग्रसित व्यक्तियों के लिए नेत्रदान वरदान है। समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाकर भारत नेत्रदान के क्षेत्र में एक सम्मानजनक स्थिति पर पहुंच सकता है। यदि सभी मृत व्यक्तियों द्वारा नेत्रदान किया जाए तो देश में कोई भी कॉर्निया में खराबी होने के कारण हुई अंधता से ग्रसित नहीं होगा। देश भर में हर साल 25 अगस्त से 8 सितम्बर तक मनाए जाने वाले नेत्रदान पखवाड़े का उद्देश्य भी यही है कि लोगों में नेत्रदान से जुड़ी भ्रांतियां दूर की जाएं। सक्षम समदृष्टि क्षमता विकास एवं अनुसंधान मंडल सक्षम  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का संगठन है जो दिव्यांगों की सेवाओं के साथ-साथ नेत्रदान देहदान कुष्ठ रोगियों के लिए भी उत्कृष्ट कार्य कर रहा है ।
श्री पाण्डेय ने बताया कि श्रीलंका दुनिया में सबसे बड़े कॉर्निया प्रदाताओं में से एक है हर पांचवा व्यक्ति नेत्रदान करता है जो विश्व के सामने एक आदर्श है विश्व के कई देशों को श्रीलंका कॉर्निया सप्लाई करता है हम सबको भी श्रीलंका से प्रेरणा लेकर नेत्रदान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य करना चाहिए।

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