इंदौरमध्यप्रदेश

इंदौर में ED का छापा:मास्टर माइंड अभय राठौर, ऑडिटर अनिल गर्ग के ठिकानों सहित 12 जगह छापेमारी

 

इंदौर नगर निगम के 125 करोड़ रुपए के फर्जी बिल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एंट्री हो गई है। ED ने सोमवार सुबह घोटाले के मास्टर माइंड अभय राठौर, संयुक्त संचालक (ऑडिट) अनिल कुमार गर्ग के ठिकानों सहित 12 जगह छापे मारे हैं। राठौर फिलहाल जेल में हैं।छापे की कार्रवाई की शुरुआत गर्ग के निवास 184-ए महालक्ष्मी नगर ‘ओम सुख सांई एवेन्यू’ से हुई। परिवार के लोग टीम को देखकर घबरा गए और वे जानकारी देने से बचते रहे। टीम ने मास्टर माइंड अभय राठौर और उसके बहनोई के भी घर छापे मारने की सूचना है। इस दौरान घर पर सिर्फ महिलाएं ही थीं। अन्य आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर भी ED की टीम पहुंची है।

निगम घोटाले के इन आरोपियों के यहां भी पहुंची ED की टीम

निगम के फर्जी बिल घोटाले में पुलिस ने करीब 20 आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग के दर्ज किए थे। इनमें ठेकेदारों के अलावा, निगम अधिकारी, कर्मचारी आदि शामिल हैं। ईडी द्वारा रेणु वडेरा निवासी 6 आशीष नगर, मोहम्मद जाकिर निवासी 147 मदीना नगर, राहुल वडेरा निवासी 2 आशीष नगर, राजकुमार पिता पन्नालाल साल्वी निवासी 78 अम्बिकापुरी हरीश श्रीवास्तव निवासी 55 सुखदेवनगर, प्रो. एहतेशाम पिता बिलकिस खान निवासी 128 माणिक बाग, जाहिद खान निवासी 101 सकीना अपार्टमेंट अशोका कॉलोनी, मोहम्मद साजिद निवासी मदीना नगर, मोहम्मद सिद्दीकी निवासी मदीना नगर), उदयसिंह पिता रामनरेश सिंह भदौरिया निवासी 31-सी सुखलिया, मुरलीधर पिता चंद्रशेखर निवासी 697 शिव सिटी राऊ, मौसम व्यास के ठिकानों पर भी छानबीन की सूचना है। इस पूरे घोटाले में राठौर ने खुद की भूमिका नहीं होने की बात कही है। जिस सेक्शन में घोटाला होना बताया है उसमें खुद के नहीं होने के बात कही है।

बेटे के ससुराल से गिरफ्तार हुआ था राठौर

पुलिस को जानकारी मिली कि उसके बेटे का उप्र में ससुराल है। इसके साथ ही अन्य रिश्तेदार भी उप्र के कई शहरों में है। इस पर पुलिस ने सूत्र तलाशे और एटा में एक मकान पर दबिश दी। यहां राठौर ने पुलिस से हुज्जत करते हुए गिरफ्तारी वारंट दिखाने को कहा। पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल जेल में है।30 करोड़ रु. का भुगतान निगम के खाते से पंकज पांडे (डीसीपी, जोन-3) ने बताया कि अब तक 58 फाइलों की जांच में 60 करोड़ का घपला निगम अधिकारियों-ठेकेदारों ने किया है। इनमें से 30 करोड़ निगम के खाते से भुगतान हो चुके हैं। अभी कई फाइलों की जांच चल रही है। राठौर का रिमांड लेने के बाद और खुलासे होने की उम्मीद है। मामले में पुलिस अब तक राठौर सहित नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें से ठेकेदार मो. साजिद, रेणु वडेरा, सब इंजीनियर उदय सिसौदिया, कम्प्यूटर ऑपरेटर चेतन भदौरिया और कर्मचारी मुरलीधर जेल जा चुके हैं

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