हुसैन कि याद में मुस्लिम समाज द्वारा निकाला गया ताजिया

भावगढ़ – हर वर्ष से अबकी बार कुछ अलग ही तरह से ताजिया सजाया गया। मन्त पुरी होने पर ताजिया को लाल धागा बांधा जाता है छोटे बच्चो को ताजिया के सामने मिठाई एवं शक्कर से तोला गया रात्रि 8:30 बजे नवाज खत्म होने के बाद हुसैन कि याद में छबिल पिलाईं गई साथ ही मिठाई एवं रसगुल्ले कि वितरण किये गए 9 बजे ताजिया गांव में निकाला गया उससे पहले भावगढ़ थाना प्रभारी रानी बैग ने सभी वालेन्टेट से बात चीत कि साथ ही बिजली विभाग रूगनाथ धनगर नान्दवेल, रूगनाथ गमेतीया भावगढ़ को भी कहा गया कि आप ताजिया के साथ ही रहना ताकि तारो को लेकर कोई घटना घटित ना हो उसी बीच दलोदा तहसीलदार निलेश जी पटेल भावगढ़ एवं आस पास के गांव में पहुंच कर ताजिऐ का जायजा किया बच्चों एवं बडो में काफी उत्साह दिखाई दिया साथ ही सभी या हुसैन बोलते हुए नजर आए गली मोहल्ले में जुलते हुए तारो से बचाते हुए ताजिया को गांव में निकाला गया ताजिया मस्जिद से प्रारंभ होकर शितला माता चौक, आजाद मोहल्ला, पिपली चौक, गढ़ी वाली मस्जिद पहुंचे वहां से सदर बाजार में हो कर ताजिया मस्जिद पर पहुंचा भावगढ़ थाना प्रभारी रानी बैग एवं उनकी पुरी टीम के साथ तहसीलदार साहब पत्रकार और बिजली विभाग भावगढ़ ताजिया में उपस्थित रहे
मंगलवार रात्रि में ताजिया गांव में निकाला गया बुधवार को ताजिया मस्जिद के सामने ही खड़ा रखा गया गुरुवार सुबह में ताजिया गांव में निकाला गया आंखों में आसूं पर या हुसैन या हुसैन कहते हुए ताजिया का कारवां निकाला गया ताजिया को 11:30 बजे सोसायटी के सामने रखा गया ओर शिवना नदी के जल से ताजिया को ठण्डा किया गया उसके बाद ताजिया को ईमाम बाडे में रखा गया
मुस्लिम कमेटी ने बताया कि दो साल पहले ही ढोल को बन्द कर दिये गए हैं और गांव में ताजिया को शांति पुर्ण रुप से निकालने लगे हैं पहले धन्धोडा का ताजिया को भी भावगढ़ लाया जाता था दोनों ताजिया को एक साथ शिवना नदी के जल से ठण्डा किया जाता था लेकिन 2 ,3 साल हो गए हैं धन्धोडा के ताजिया को भावगढ़ नहीं आया जा रहा है वहां पर ही ठण्डा कर दिया जाता है।