समाचार मध्यप्रदेश नीमच 16 मई 2024,

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कलेक्टर एवं एसपी ने किया मतगणना केंद्र एवं स्ट्रांग रूम परिसर का निरीक्षण
सुरक्षा व्यवस्था का लिया जाएगा
नीमच 14 मई 2024, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री दिनेश जैन, एसपी श्री अंकित
जायसवाल ने मंगलवार को लोकसभा निर्वाचन-2024 के तहत नीमच में मतगणना के लिए
स्थापित मतगणना केंद्र शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय नीमच के परिसर एवं स्ट्रांग रूम
परिसर का निरीक्षण कर, सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। कलेक्टर एवं एसपी ने सीसीटीवी के
माध्यम से स्ट्रांग रूम परिसर की निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था कार्य का जायजा लिया और
संबंधितों को आवश्यक निर्देश भी दिए।
कलेक्टर श्री जैन ने मतगणना केंद्र के प्रवेश द्वार के बाहर अभ्यर्थियों और उनके
अभिकर्ताओं की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे एवं निगरानी की व्यवस्था करने अभ्यर्थियों
और उनके अभिकर्ताओं के लिए स्थापित किए जाने वाले निगरानी कक्ष में कूलर, पंखे एवं प्रकाश
की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने सुरक्षा बलों के लिए भी कूलर,
पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
पुलिस अधीक्षक श्री अंकित जायसवाल ने सुरक्षा बलों को स्ट्रांग रूम एवं मतगणना परिसर
की कड़ी निगरानी करने और बिना परिचय पत्र के किसी को भी प्रवेश नहीं करने देने के निर्देश
दिए। उन्होंने मतगणना परिसर में आवश्यक बेरीकेटिंग्स एवं स्टॉपर लगाने के निर्देश दिए। इस
मौके अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री नवल सिंह सिसोदिया, उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री
संजीव साहू, रक्षित निरीक्षक श्री विक्रम सिंह एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।=
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आरोपी अजहर जिला बदर
नीमच 14 मई 2024, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री दिनेश जैन द्वारा म.प्र.राज्य
सुरक्षा अधिनियम-1990 के तहत एक आरोपी को तीन माह की अवधि के लिए जिला बदर करने
का आदेश जारी किया गया है। आरोपी अजहर पिता मोहम्मद इब्राहिम निवासी धानका
मोहल्ला नीमच पुलिस थाना नीमच केंट को तीन माह की अवधि के लिए जिला बदर करने का
आदेश जारी किया गया है।
उक्त आरोपी जिला बदर अवधि में नीमच जिले की राजस्व सीमा तथा समीपवर्ती
मंदसौर, रतलाम, शाजापुर, उज्जैन, देवास एवं आगर-मालवा जिले की राजस्व सीमा में जिला
बदर अवधि में प्रवेश नहीं कर सकेगा।
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अपहरण व बलात्कार और पाक्सो के आरोप से जितेंद्र उर्फ चेतन कीर निवासी भदाना जिला नीमच दोषमुक्त
आपराधिक न्याय का मुलभुत सिद्धांत यह है कि अभियोजन को अभियुक्त के विरुद्ध अपराध संदेह से परे सिद्ध करना होता है , विधि उसे निर्दोष मानकर चलती है , अनुमान व शंकाओ के आधार पर किसी को सजा नही दी जा सकती,,,
विशेष प्रधान् सत्र न्यायाधीश डॉ प्रीति श्रीवास्तव
अभियुक्त जितेन्द्र ऊर्फ चेतन कीर पर यह आरोप था की उसने पीड़िता को नशीला प्रदार्थ खिला कर अपहरण कर लिया और बंधक बना कर रखते हुवे शादी का झांसा देकर दुष्कृत्य किया।
पीड़िता के पिता ने नाबालिक बताते यह आरोप लगाते हुवे।
पीड़िता के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस चौकी झारड़ा थाना नारायणगढ़ मे आरोपी के विरुद्ध भारतीय दंड विधान की धारा 363,366 376 एव लैंगिक अपराधों से बालको का सरक्षण अधिनियम के तहत एफ आई आर दर्ज कर न्यायालय मे पैश् किया।
पीड़िता ने अपने आप को 16वर्ष का होना बताया है यहां पर पीड़िता को नाबालिक सिद्ध करने का भार अभियोजन पक्ष पर था। साक्ष्य के दौरान पीड़िता के पिता व पीड़िता ने अपने आप को _16वर्ष से कम होना बताया ओर प्रमाण के तोर पर स्कूल एडमिशन रजिस्टर व शिक्षक के कथन करवाए मगर प्रति परीक्षण के दौरान पिता ने यह स्वीकार किया की उसका विवाह हुए 20…21वर्ष हो गये है ओर विवाह के एक् दो साल बाद पीडिया का जन्म हुआ ऐसे मे पीडिया की आयु 18 वर्ष से अधिक हो जाति है ।ओर स्कूल एडमिशन मे भी उम्र अंदाज से लिखना बताया है। ऐसे मे अभियोजन पीड़िता को नाबालिक सिद्ध करने मे असफल रहा।
इस प्रकरण मे एक रोचक तथ्य यह भी आया की जिस मोबाइल से पीड़िता और आरोपी संपर्क करते थे पुलिस ने वह मोबाइल भी जप्त नही किया।और जिस वाहन मोटरसाइल से पीड़िता अपहरण होना बता रही हे वो भी आरोपी के नाम नही हे। ना ही पुलिस काल डिटेल प्राप्त कर पाई
आज के तकनीकी युग मे किस मोबाइल से किससे किसने बात करी जानकारी लेना बहुत आसान है पर विवेचना मे इस तथ्य का भी आभाव रहा।आपराधिक न्याय का मुलभुत सिद्धांत यह है कि अभियोजन को अभियुक्त के विरुद्ध अपराध संदेह से परे सिद्ध करना होता है , विधि उसे निर्दोष मानकर चलती है , अनुमान व शंकाओ के आधार पर किसी को सजा नही दी जा सकती प्रकरण मे आये साक्ष मे आये विरोधाभास व अभिभाषक् के तर्को से सहमत होते हुए न्यायालन ने आरोपी को दोष मुक्त किया। इस प्रकरण मे सफल पैरवी विनीत लक्की बड़ोलिया एडवोकेट और मदन बंधु एडवोकेट द्वारा की गई।