कांग्रेस नेताओं पर हमला, बदमाशों ने ब्लॉक अध्यक्ष और पार्षदों पर ताने चाकू, महिलाओं-बच्चों को भी पीटा

इंदौर। हत्या, लूट-डकैती के आरोपियों और हिस्ट्रीशीटर 30 से ज्यादा बदमाशों ने सोमवार शाम कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष विनोद उर्फ बब्बू यादव के घर हमला कर दिया। चाकू-पिस्टल लेकर आए बदमाशों ने बब्बू के साथ मारपीट की और पार्षद राजू भदौरिया, चिंटू चौकसे को चाकू दिखाकर धमकाया। बदमाशों ने पथराव कर घर के कांच फोड़ दिए। बाहर खड़ी कार और दोपहिया वाहनों में भी चाकू मारे। पुलिस ने आठ के खिलाफ नामजद एफआईआर लिखी है। विवाद की शुरुआत कनकेश्वरी कॉलेज नंदानगर पोलिंग बूथ से हुई थी। रिंकू नामक युवक द्वारा भाजपा नेताओं से बहस करने पर अमय यादव और महेंद्र चौहान ने उसकी पिटाई कर दी। गब्बू ने उन्हें समझाया तो दोनों पक्षों में तनातनी हो गई। सभापति मुन्नालाल यादव का बेटा अंकित भी पहुंचा और धमकाया। उस वक्त तो लोगों ने दोनों पक्षों को अलग-अलग कर दिया, लेकिन शाम करीब सवा पांच बजे हिस्ट्रीशीटर बदमाश लखन जाट, सूरज जाट, मोंटू यादव, हेमंत उर्फ भय्यू, आशीष पाल, आदर्श, चैरी, कौशल जाट सहित करीब 30 बदमाश बाइक से आए।
बब्बू यादव नेता प्रतिपक्ष व वार्ड क्रमांक-21 के पार्षद चिंटू चौकसे और वार्ड 22 के पार्षद राजू भदौरिया के साथ ऑफिस में बैठे थे। बदमाशों ने आते ही चाकू निकाले और दनदनाते हुए ऑफिस में घुस गए। बब्बू के साथ मारपीट की और भदौरिया व चौकसे को धमकाया। आरोपितों ने पेवर ब्लाक उठाकर घर में फेंके और खिड़की व दरवाजों के कांच फोड़ दिए। बाहर खड़ी कार, बाइकों के कांच फोड़ डाले। बाइक और स्कूटर की सीट चाकू मारकर फाड़ दी।
घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद
आरोपियों ने छोटे बच्चों, महिलाओं के साथ भी मारपीट की। बब्बू के मुताबिक, आरोपितों ने एक युवती के पेट पर लात मारी और उसकी गाड़ी पर चाकू मारकर नुकसान पहुंचाया। घटना के कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन आरोपी फरार हो गए। पूरी घटना बब्बू यादव के आफिस में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। पुलिस ने दो मामले दर्ज कर लिए हैं। एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के मुताबिक, आरोपियों की तलाश जारी है।
पानी कांड की रंजिश में हुआ हमला
बब्बू का आरोप है कि हमला भाजपा नेताओं के इशारे पर हुआ है। वे लंबे समय से पानी बेचने की शिकायत कर रहे हैं। सभापति मुन्नालाल यादव और उनके बेटे अंकित के खिलाफ कई बार शिकायतें हुई हैं। वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर बहुत प्रसारित किया गया था। इसी कारण उनके ऑफिस में हमला हुआ है। भदौरिया और चौकसे नहीं होते तो आरोपी हत्या भी कर सकते थे। मोंटू उनका रिश्तेदार है जो संजय यादव के साथ सुरेश गौर हत्याकांड में शामिल था।