नीमचमध्यप्रदेश

समाचार मध्यप्रदेश नीमच 22 अप्रैल 2024

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धौखाधड़ी के मामले में श्रीपाल बघेरवाल के खिलाफ बघाना थाने में शिकायत
नीमच। बघाना क्षेत्र निवासी महीमामय बिस्वाल ने एक लिखित आवेदन संबंधित थाने में देकर यह बताया है कि श्रीपाल बघेरवाल ने उनके साथ धौखाधड़ी की है। महिमामय ने करीब एक वर्ष पूर्व अक्षय लोढ़ा नामक व्यक्ति से 30 हजार रूपये ब्याज पर लिए थे। रूपये उधार लेते समय ग्यारंटी के तौर पर एक ब्लेंक चैक अक्षय लोढ़ा को दिया था। लेकिन महिमामय एक छात्र होकर उक्त राशि समय पर अदा नही कर पाया। वही ब्याज पर रूपया देने वाले अक्षय लोढ़ा ने एक बार भी फोन लगाकर महिमामय को रूपया अदा करने की सूचना नही दी। इसी का फायदा उठाते हुए कुछ दिनों पूर्व टीआईटी कॉलोनी निवासी श्रीपाल बघेरवाल ने अक्षय लोढ़ा से संपर्क कर महिमामय द्वारा ली गई राशि का जानबुझकर समस्त भुगतान किया। साथ ही महिमामय द्वारा दिए गए ब्लेंक चैक को श्रीपाल ने अपने कब्जे में ले लिया। जिसके बाद श्रीपाल ने अपने मनमाफिक उक्त चैक में राशि भरकर चैक को अनादर करवा दिया। इस पुरे घटनाक्रम से महिमामय जब तक अज्ञात रहा जब चैक अनादर होने की उन्हे जानकरी नही मिली। चैक अनादर होने के बाद महिमामय ने अक्षय लोढ़ा के सम्पर्क किया तब अक्षय लोढ़ा ने भी उक्त चैक का श्रीपाल के पास होना कबुल किया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि श्रीपाल द्वारा चैक अनादर करवाने के बाद लगातार 1 लाख 50 हजार रूपये वसुलने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जिससे वह भयभित है। बघाना थाने में शिकायती आवेदन प्रस्तुत किया है। जिसमें पुलिस गहनता से पड़ताल कर है। श्रीपाल पुलिस के फोन नही उठा रहा है। शिकायकर्ता की मांग है कि श्रीपाल द्वारा धौखाधड़ी करने पर जल्द ही पुलिस निष्पक्ष जांच कर उक्त आरोपी पर मामला दर्ज करे।
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निर्वाचन कार्यालय को देनी होगी चुनाव से संबंधित मुद्रित सामग्री की प्रति
घोषणा पत्र में मुद्रक तथा प्रकाशक का नाम और पता का उल्लेख जरूरी

नीमच 21 अप्रैल 2024 आगामी 13 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री दिनेश जैन ने जिले के प्रिंटिंग प्रेस संचालकों से
कहा है कि चुनाव के दौरान राजनैतिक दलों तथा उम्मीदवारों द्वारा चुनाव प्रचार सामंग्री
मुद्रित कराई जाती है तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के प्रवधानों का पालन करें।
इसकी धारा 127- क के अंतर्गत निजी मुद्रणालय (प्रिंटिंग प्रेस) के स्वामियों को चुनाव प्रचार
सामंग्री के संबंध में उद्घोषणा पत्र देना आवश्यक है। उद्घोषणा पत्र तथा प्रिंट लाइन में
मुद्रक तथा प्रकाशक का नाम, पता एवं दूरभाष नम्बर स्पष्ट रूप से दर्शाया जाना आवश्यक
है।
इस अधिनियम के अंतर्गत मुद्रित की जाने वाली सामग्री की चार प्रतियां, प्रकाशक,
मुद्रक का घोषणा पत्र, मुद्रण दिनांक के तीन दिन के भीतर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी
कार्यालय तथा सहायक रिटर्निंग आफीसर कार्यालय को भेजा जाना आवश्यक है। प्रकाशित की
गई सामग्री में प्रिंट लाइन अवश्य दी जाए, जिसमें मुद्रक, प्रकाशक का नाम, पता और
प्रकाशित सामग्री की संख्या दर्ज हो। इन निर्देशों का उल्लंघन करने वाले प्रिटिंग प्रेस
मालिकों के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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विज्ञापनों के सम्बन्ध में आयोग ने जारी किए दिशा – निर्देश

नीमच 21 अप्रैल 2024 भारत निर्वाचन आयोग ने निर्वाचन अवधि के दौरान प्रकाशित होने वाले विज्ञापनों
के लिए मार्गदर्शी सिद्धांतों को प्रभावशील कर लागू किया है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी गाइड लाइन में
आदर्श आचार संहिता को सर्वोपरी मान्य किया गया है।
आयोग ने कहा है कि समाचार माध्यमों से प्रकाशित-प्रसारित करने के पूर्व विज्ञापनों के मामले में यह
सुनिश्चित किया जाए की उनमें नैतिकता एवं शिष्टता हो तथा किसी की भी धार्मिक भावनाओं को आघात ना
पहुंचे।
आयोग ने स्पष्ट दिशा निर्देश जारी किए है कि ऐसा कोई विज्ञापन प्रकाशित नही किया जाए जो किसी भी
जाति, धर्म, रंग, पंथ और राष्ट्रीयता का उपहास करता हो। ऐसा विज्ञापन जो संविधान के किसी भी उपबंध के
विरूद्ध हो, प्रकाशित एवं प्रसारित नहीं होना चाहिए। इसी प्रकार अपराध करने, हिंसा करने या लोगों को
भड़काने की प्रवृत्ति रखता हो, किसी भी प्रकार की अश्लीलता दर्शाता हो, राष्ट्रीय समप्रतीक का अनादर करता
हो, नारी के लिए किसी भी प्रकार से अपमानजनक हो या उपहास करता हो, दहेज, बाल विवाह जैसी सामाजिक
बुराईयों से लाभ उठाता हो आदि से संबंधित विज्ञापन प्रकाशित एवं प्रसारित नहीं किए जाने चाहिए।

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पेड न्यूज साबित होने पर प्रत्याशी के निर्वाचन व्यय में जुड़ेगा खर्च

नीमच 21 अप्रैल 2024 निर्वाचन के दौरान जिले में केबल चैनलों, समाचार पत्रों से प्रसारित
कार्यक्रमों पर नजर रखी जा रही है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पेड न्यूज पर
नजर रखने के लिये जिला स्तर पर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में
मीडिया अनुवीक्षण एवं प्रमाणन समिति (एमसीएमसी) गठित की गई है।
निर्वाचन आयोग ने पेड न्यूज पर बारीकी से ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। एमसीएमसी ही
पेड न्यूज के संबंध में निर्णय लेगी। एमसीएमसी द्वारा ही मीडिया सेंटर (मीडिया अनुवीक्षण
प्रकोष्ठ) के जरिए 24 घण्टे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया द्वारा प्रसारित होने वाली
खबरों की गहन छानबीन की जा रही है। पेड न्यूज साबित होने पर संबंधित प्रत्याशी के
निर्वाचन व्यय में पेड न्यूज प्रकाशन पर हुआ खर्च जोड़ा जायेगा।
पहले लेनी होगी अनुमति

निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर चुनाव प्रचार संबंधी कार्यक्रम व
क्लिपिंग इत्यादि प्रसारित करने के लिये पूर्व अनुमति लेनी होगी। इसके लिए प्रमाणित
ट्रांसक्रिप्ट दो प्रति में रजिस्ट्रीकृत राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनैतिक पार्टी एवं चुनाव
लड़ने वाले प्रत्येक अभ्यर्थी को टेलीकास्ट करने से तीन दिन पूर्व तथा गैर रजिस्ट्रीकृत
राष्ट्रीय और राजनैतिक दल एवं अन्य को सात दिन पूर्व एमसीएमसी प्रकोष्ठ को देनी होगी
। मूल स्क्रिप्ट सहित सम्पूर्ण चुनाव प्रचार सामग्री की बारीकी से जाँच करने के बाद ही
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से चुनावी प्रचार संबंधी कार्यक्रम व विज्ञापन पट्टियाँ प्रसारित करने की
अनुमति दी जायेगी। इस जाँच में खासतौर पर यह देखा जायेगा कि इस प्रचार-प्रसार में
राजनैतिक दलों व प्रत्याशियों द्वारा चुनावी खर्चा तो नहीं छुपाया जा रहा।

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उम्मीदवारों को आपराधिक प्रकरण का विज्ञापन जारी करना होगा
नीमच 21 अप्रैल 2024 लोकसभा निर्वाचन लड़ रहे अभ्यर्थियों एवं राजनैतिक दल
आपराधिक इतिहास के विवरण सर्व साधारण की जानकारी के अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफार्म
एवं समाचार पत्रों में प्रकाशित करेंगे। प्रथम प्रकाशन अभ्यर्थिता वापसी दिनांक से 4 दिवस के अन्दर
द्वितीय प्रकाशन नाम वापसी के बाद के पांचवे दिन से आठवें दिन के मध्य और तृतीय प्रकाशन
नाम वापसी के नौवें दिन से प्रचार समाप्ति के पूर्व मतदान दिवस के दो दिवस पूर्व तक किया जाना
है।
निर्वाचन आयोग के दिशा – निर्देशानुसार राष्ट्रीय समाचार पत्र जिनकी कम से कम एक संस्करण की
संख्या डीएवीपी अथवा ऑडिट ब्यूरो ऑफ सर्कुलेशन के मानक अनुसार न्यूनतम 75 हजार से अधिक
हो एवं जिनका एक से अधिक राज्य में सर्कुलेशन हो । इसी प्रकार ऐसे स्थानीय समाचार पत्रों
जिनमें संख्या डीएवीपी अथवा ऑडिट ब्यूरो ऑफ सर्कुलेशन के मानक अनुसार न्यूनतम 25 हजार
हो,में प्रकाशन की कार्यवाही की जाना है।रिटर्निंग ऑफीसर की हैण्डबुक के एनेक्जर-47 के आपराधिक
प्रकरण वाले अभ्यर्थी एवं राजनैतिक अंतर्गत प्रारूप सी-1 से सी-8 तथा प्रारूप सीए का उल्लेख है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा समय-समय पर दिये गये निर्णयों के परिप्रेक्ष्य में निर्वाचन लड़
रहे अभ्यर्थियों एवं राजनैतिक दलों से अपेक्षा की गई है कि आपराधिक इतिहास के विवरण
सर्वसाधारण की जानकारी के अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एवं समाचार पत्रों में प्रकाशित
की जाए।

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प्राधिकृत पत्रकार पोस्टल बैलेट से मतदान के लिए 23 अप्रैल तक फॉर्म 12D भरकर जमा करवाए
नीमच 21 अप्रैल 2024 जिला निर्वाचन अधिकारी श्री दिनेश जैन ने बताया कि, भारत निर्वाचन
आयोग द्वारा मतदान दिवस के कवरेज में शामिल प्राधिकृत पत्रकारों को पोस्टल बैलेट से वोट
डालने की सुविधा प्रदान की गई है। आयोग ने पत्रकारों के कार्य को अत्यावश्यक सेवा श्रेणी में
स्थान देकर यह सुविधा प्रदान की है। पोस्टल बैलेट से मतदान करने के लिए 23 अप्रैल तक
फॉर्म 12D भरकर अनिवार्य रूप से जमा करवाए। अतिम तिथि 23 अप्रैल 2024 के पश्चात फॉर्म
12D जमा नहीं कर सकेंगे और पोस्टल बैलेट की सुविधा नहीं मिलेगी।
यह सुविधा केवल उन पत्रकारों को मिलेगी, जिन्हें निर्वाचन कार्य के कवरेज हेतु भारत
निर्वाचन आयोग द्वारा प्राधिकारपत्र जारी किया गया हो। चुनाव कार्य के कवरेज में संलंग्न
पत्रकार को अपना प्राधिकारपत्र लगाकर पोस्टल बैलेट से मतदान करने के लिये आवेदन करना

होगा। तय प्रक्रिया का पालन करने एवं प्राधिकार पत्र संलग्न करने पर संबंधित निर्वाचन
अधिकारी प्राधिकृत पत्रकार को पोस्टल बैलेट जारी कर उनसे मतदान करायेंगे।

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लोकसभा चुनाव – 2024 होर्डिंग्स में भी मुद्रक और प्रकाशक का नाम होना अनिवार्य
नीमच 21 अप्रैल 2024 मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने प्रदेश के सभी जिलों के
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 127-क
के प्रावधानों के अनुसार चुनाव के दौरान लगाये जाने वाले होर्डिंग्स में भी मुद्रक और
प्रकाशक की पहचान अंकित करने की अनिवार्यता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के
निर्देश दिये हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा इस बारे में सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र
भेजकर कहा गया है कि स्थानीय निकायों और प्राधिकरणों से नियंत्रित अथवा विनियमित
होर्डिंग्स, मुद्रक और प्रकाशक की पहचान के बिना लगाये जाने के बारे में भारत निर्वाचन
आयोग को अभ्यावेदन प्राप्त हुये हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की
धारा 127-क जहाँ मुद्रक और प्रकाशक के नाम और पते को अंकित किये बिना चुनावी
पोस्टर और पम्पलेट के प्रकाशन पर रोक लगाती है, वहीं धारा 127-क (3) (बी) चुनावी
पम्पलेट और पोस्टर के अर्थ को व्यापक आयाम देती है और इसमें प्ले कार्ड्स या पोस्टर को
भी शामिल करती है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 127-क के
इन निर्देशों के गैर अनुपालन या उल्लंघन को गम्भीरता से लेने के निर्देश सभी जिलों के
कलेक्टर को दिये हैं। जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि ऐसे सभी नगर पालिक प्राधिकरण
अथवा प्राधिकारी जो होर्डिंग्स अथवा बैनर या पोस्टर आदि के लिये जिम्मेदार हैं, उन्हें लोक
प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 127-क के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश
दिये जायें तथा राजनैतिक दलों को भी इन प्रावधानों से अवगत कराया जाये।

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