पचपहाड तहसील कार्यालय परिसर में लगे आधा दर्जन से ज्यादा यूकेलिप्टस के पेड़ काटे गये

पक्षियों द्वारा गंदगी करने के करण काटे गये पेड़- तहसीलदार
भवानीमंडी । पचपहाड़ तहसील कार्यालय परिसर को साफ सुथरा व गंदगी मुक्त करने के लिए आधा दर्जन से ज्यादा यूकेलिप्टस के पेड़ कटवा दिए गए। पेड़ों की कटाई पर तहसीलदार अब्दुल हाफिज का कहना है कि इन पेड़ों को काटने की उन्हें कानूनन छूट है। इन यूकेलिप्टस के पेड़ों पर पक्षी बैठते थे, जिससे तहसील परिसर में गंदगी फैल रही थी। तहसील में आने वाले लोगों को बहुत परेशानी हो रही है । बैठने की व्यवस्था भी नही थी ।
तहसीलदार का कहना है कि तहसील कार्यालय आने वाले वाहनों की पार्किंग में भी परेशानी हो रही थी। फर्श भी उबड़ खाबड़ था इसी वजह से पेड़ हटाने का फैसला लिया गया।
पीडब्ल्यूडी से समन्वय कर तहसील कार्यालय परिसर में जल्द ही सीसी (कंक्रीटकरण) का कार्य कराया जाना है। इसके चलते भी पेड़ों को हटाना जरूरी था।
सोने से घडाई मंहगी थी :-
यहां पर एक कहावत चरितार्थ हो रही है “सोने से घडाई महंगी” जब कटे हुए पेड़ों की नीलामी को लेकर तहसीलदार ने कहा कि इन पेड़ों की कीमत इतनी नहीं है कि नीलामी कराई जाए। इन्हें काटने में ही मजदूरी का खर्च ज्यादा हो जाता है।
वहीं, मौके पर मौजूद पेड़ काटने वाले ठेकेदार से जब पूछा गया कि कटे पेड़ों के बदले कहां और कितने पेड़ लगाए जाएंगे, तो उसका जवाब था—“आप जहां बोलेंगे, वहां लगवा देंगे।



