
दिल्ली- चलो कुछ न्यारा करते है फाउंडेशन के शिक्षा विभाग के निर्देशक प्रित्तेश तिवारी ने एक बयान में कहा की अब आर्थिक तंगी नही बनेगी बच्चो के पढ़ाई छोड़ने का कारण।
उन्होंने बताया कि चलो कुछ न्यारा करतें है फाउंडेशन के शिक्षा विभाग द्वारा चलाया जा रहा प्रोजेक्ट युबाह की पाठशाला के तहत बच्चो को दी जा रही है मुफ्त कोचिंग ।
मध्यप्रदेश की सदस्या अस्मिता चौरसिया अपने जिले छतरपुर में करवा रही है मुफ्त कोचिंग की क्लासेस। फाउंडेशन का शिक्षा विभाग हमेशा आर्थिक तौर पे पीड़ित बच्चो के साथ खड़ा रहा है। उन्होंने बताया की देश के भबिस्व की बागड़ोर इन बच्चो के हाथो में ही है और अगर कुछ कारण बस यह बच्चे पढ़ न पाए तो देश का भबिस्व अंधकार हो सकता है। उन्होंने बताया खास तौर पर चाय बागान की इलाको का दौरा करने के पश्चात उन्होंने बच्चो को घर में पाए जाने वाला समस्या बताया। बच्चो से बात चीत पर उन्होंने बताया की परिवार की आर्थिक स्थिति के वजह से बहुत बच्चों ने पढ़ाई छोड़ दी। इन सभी गतिविधियों पर नजर रखते हुए यह प्रोजेक्ट की शुरुआत किया गया।
प्रित्तेश तिवारी ने युबाओ को इस प्रोजेक्ट से जुड़ कर अपने अपने इलाको में मुफ्त कोचिंग करवाने के लिए आह्वान किया है, ताकि सभी मिल कर अपने अपने इलाको के बच्चो को सुशिक्षित कर सके।
इसके साथ उन्होंने एक घोषणा भी किया की जो भी यूबा साथी यह प्रोजेक्ट के दौरान बच्चो को मुफ्त कोचिंग प्रदान करेंगे उन्हें फाउंडे-शन के शिक्षा विभाग के द्वारा १ वर्ष की कंप्यूटर प्रशिक्षण मुफ्त में प्रदान किया जाएगा।