दूषित जल से रहे सतर्क, हमेशा स्वच्छ जल का करें उपयोग

दूषित जल से रहे सतर्क, हमेशा स्वच्छ जल का करें उपयोग
मंदसौर 7 जनवरी 26 / दूषित जल के सेवन से टाइफाईट पीलिया, डायरियों, पैचिस एवं हेजा जैसी बीमारियां भी फैलती है। अतः भोजन बनाने में एवं पेयजल के रूप में शुद्ध उबला हुआ जल का उपयोग करें। कुछ भी खाने के पहले व शौच के पश्चात साबुन से अवश्य हाथ धोवे।
शुद्ध पेयजल की कमी के कारण जल जनित रोगों से सबसे अधिक यानि लगभग 80 प्रतिशत मौतें होती है। बारिश में यह समस्या बढ़ जाती है। पानी और अस्वच्छ आदतों से फैलने वाली बीमारियों को मौटे तौर पर दस्त/कृमि संक्रमण/त्वचा और आंखों के रोग / मच्छरों एवं मक्खियों से फैलने वाले रोग सम्मिलित है।
दस्त रोग- दूषित पानी के कारण प्रायः दस्त रोग फैलता है। मुख्य रूप से बच्चों में यह अधिक गंभीर रूप धारण कर सकता है। यह रोग इसलिये भी गंभीर है क्योकि शरीर में से पानी निकल जाने से बच्चे की मृत्यु भी हो सकती है। दस्त रोग की रोकथाम हेतु प्रायः शुद्ध पेयजल एवं शुद्ध भोजन का उपयोग करें। सड़े, गले फल एवं खाद्य पदार्थों का उपयोग ना करें, खाना खाने से पहले एवं शौच के बाद साबुन से अवश्य हाथ धोएं, खुले में शौच ना करें शौचालय का उपयोग करें। घर के आसपास साफ सफाई रखे, दस्त लग जाने पर ओ.आर.एस. एवं जिंक सल्फेट गोली का उपयोग चिकित्सक की सलाह अनुसार करें। खाने-पीने की वस्तुओं को ढंक कर रखे मक्खीयों से बचाव करें, हरी सब्जी एवं फलों को उपयोग करने के पहले साफ पानी थोकर उपयोग करें।


