ढोल नगाड़े तासे कि मधुर ध्वनि के साथ नीलकंठ महादेव रतकुंड कि महा आरती कर भक्तों ने लिया आशीर्वाद

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सीतामऊ। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर हांडीया बाग हनुमान मंदिर, नीलकंठ महादेव तालाब चौक, राधा बावड़ी हनुमान मंदिर, गणपति चौक , महावीर चौक मनकामेश्वर महादेव आजाद चौक नांदिया बावड़ी नीलकंठ महादेव रतकुंड शिवालय गंगेश्वर कोटेश्वर महादेव, भृगु ऋषि कि तप स्थली भगोर, मनोकामना पूर्ण महादेव हल्दुनी नगर सहित क्षेत्र अंचल के देवालयों में भक्तों कि सुबह से ही दर्शन पुजा अर्चना को लेकर तांता लगा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार महाशिवरात्रि का यह संयोग 300 वर्ष बाद आया ऐसे अवसर पर व्रत उपवास रखकर भावना पूर्वक शिव भोलेनाथ कि पूजा अर्चना करने से घर क्लेश, पितृदोष समाप्त हो कर सुख समृद्धि कि कामना पूर्ण होती है।
शिवरात्रि के पावन पर्व पर नीलकंठ महादेव रतकुंड पर पुजा अर्चना कर जिला योजना समिति सदस्य अनिल पांडे विधायक प्रतिनिधि पुरणदास बैरागी संपादक लक्ष्मीनारायण मांदलिया समाजसेवी लक्ष्मीनारायण कारा, गणेश टांक, रोहित रामावत, संजय भाटी सहित बड़ी संख्या में भक्तों ने ढोल नगाड़े तासे कि मधुर ध्वनि के साथ बाबा भोलेनाथ कि महा आरती कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर सभी को खीर कि प्रसादी का वितरण किया गया।
महंत जितेंद्र दास जी महाराज ने अपने ज्ञानामृत में कहा कि परमपिता परमात्मा शिव तब आते हैं जब अज्ञान अंधकार की रात्रि प्रबल हो जाती है। परम-आत्मा का ही नाम है शिव, जिसका संस्कृत अर्थ है ‘सदा कल्याणकारी’, अर्थात वो जो सभी का कल्याण करता है। शिवरात्रि व शिव जयन्ती भारत में द्वापर युग से मनाई जाती है। यह दिन हम ईश्वर के इस धरा पर अवतरण के समय की याद में मनाते हैं।