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मध्यप्रदेश में पीएम आवास योजना के ऑडिट में कई गंभीर गड़बड़ियों के हुए खुलासे

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मध्यप्रदेश विधानसभा में प्रस्तुत सीएजी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल स्वीकृत आवासों में से 18 फीसदी यानि 4.64 लाख मकान अधूरे हैं. 15 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि अपात्रों को दी गई है. जबकि रिपोर्ट में बताया गया है कि एक ही परिवार को दो से 3 मकान तक दे दिए गए हैं. पीएम आवास योजना सीएजी (CAG) की रिपोर्ट के मुताबिक *साल 2016 से 2021 के दौरान मध्यप्रदेश में एक-एक परिवार को तीन-तीन बार पीएम आवास योजना का लाभ दिया गया है

भोपाल। मध्यप्रदेश में पीएम आवास योजना के ऑडिट में कई गंभीर गड़बड़ियों के खुलासे हुए हैं। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रदेश के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने CAG की रिपोर्ट पटल पर रखी। उन्होंने सात अलग-अलग प्रतिवेदन प्रस्तुत किए। इन रिपोर्ट्स में पंचायत एवं ग्रामीण विकास के तहत पीएम आवास वितरण (साल 2016 से 2021) की गड़बडिय़ां उजागर की गई हैं। साथ ही पुल निर्माण से लेकर सड़क निर्माण और अन्य कार्यों में भी भारी अनिमितता बताई गई है।सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार साल 2016 से 2021 के दौरान मध्यप्रदेश में पीएम आवास योजना में अपात्रों को भी योजना का लाभ दिया गया। कई मामलों में तो एक-एक परिवार को तीन-तीन बार पीएम आवास योजना का लाभ दिया गया है।

रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि आर्थिक तौर से मजबूत कई लोगों ने इस योजना का गलत तरीके से फायदा उठाया है।सीएजी रिपोर्ट के मुताबिक करीब दो हजार लोग ऐसे भी हैं, जो कार-बाइक और स्कूल तक के मालिक हैं, बावजूद इसके उन्होंने पीएम आवास योजना का लाभ लिया है। पीएम आवास की किस्त 15 दिन में देने का नियम है, लेकिन 13 लाख लाभार्थी ऐसे हैं जिन्हें दूसरी किस्त मिलने में एक दिन से लेकर 150 दिन का इंतजार करना पड़ा ? जबकि 25 लाख स्वीकृत मकानों में से 8 लाख लाभार्थियों को 15 दिन के भीतर ही किस्त मिल गई। सीएजी रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कुल स्वीकृत आवासों में से 18 फीसदी यानि 4.64 लाख मकान अधूरे हैं। 15 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि अपात्र लोगों को दी गई है। जबकि कई ऐसे मामले हैं जहां एक ही परिवार को दो से 3 मकान तक दे दिए गए हैं। इसके अलावा मध्यप्रदेश में निर्मित पुलों के ऑडिट में कई गंभीर गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। टोटल 72 पुलों का ऑडिट किया गया था। इनमें पाया गया है कि 68 पुल निर्धारित समय पर बनकर तैयार नहीं हुए थे फिर भी ठेकेदारों को भुगतान कर दिया गया। इसके अलावा ठेकेदारों को और भी कई प्रकार के लाभ दिए गए।

भाजपा विधायक बोले-रिपोर्ट मनगढ़ंत
वहीं, कैग रिपोर्ट और कांग्रेस के आरोप पर मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि कांग्रेस का काम आरोप लगाने का है। उन्होंने अभी रिपोर्ट नहीं देखी है। वहीं, हुजूर से विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि रिपोर्ट मनगढ़ंत है। हालांकि उन्होंने भी कहा कि अभी रिपोर्ट पढ़ी नहीं है।

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