प्रेरणा/बधाईयांमंदसौरमध्यप्रदेश
एकल प्रयास- सैंकड़ो वृक्ष धरती माँ के नाम

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एकल प्रयास- सैंकड़ो वृक्ष धरती माँ के नाम
(अजय डांगी व चन्दा डांगी द्वारा )
“एक वृक्ष माँ के नाम” अभियान तो आपने सुना होगा परन्तु सैंकड़ो वृक्ष धरती माँ के नाम करने वाले सेवानिवृत्त बुजुर्ग जिन्होंने पिछले बीस साल मे अपने एकल प्रयासों से सैकड़ों वृक्षों को पाल-पोस कर बड़ा किया आज वह अपने जीवन के 81 वें वर्ष मे प्रवेश कर रहे है। सुबह से घर से निकल जाना, कहीं बरगद का तना रोप देना, कहीं करंज के बीज डाल देना, कहीं दीवारों पर पीपल के उग आये पौधे को निकाल कर सही जगह रोप देना यह उनका नियमित शगल है ।
उनके पुश्तैनी घर मे एक पुराना नीम का पेड़ है जिसे काटा नहीं गया बल्कि छत मे उतनी जगह छोड़कर बड़ा होने दिया गया इसी नीम के पेड़ की निम्बोलियों से हर बरस कई नीम के पौधे उग आते हैं जिन्हे यथास्थान रोपित कर पूरे मनोयोग से बड़ा करते है, कई जगह तो उन्होंने नीम, पीपल और बरगद की त्रिवेणी के साथ कई फलदार वृक्ष भी सफलतापूर्वक लगाए हैं ।
कहाँ से ट्री गार्ड का इंतजाम करना , ट्री गार्ड के ऊपर साड़ी का कपड़ा बांधना , प्लास्टिक की थैली मे पानी भरकर सिंचाई करना , ये सारी योजनाएं उनके दिमाग मे लगातार चलती रहती हैं । न कोई संसाधन, न कोई प्रोत्साहन, न अखबारों में नाम, ना ही वृक्षारोपण का कोई फोटो खिंचवाकर प्रसिद्ध लूटने की चाह । दिल की बीमारी के गंभीर मरीज होते हुए भी अपने मिशन मे सतत परिश्रम कर उन्होंने एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है । रामटेकरी स्थित सुदामा नगर व तेलिया तालाब के आसपास लगे सैंकड़ो लहलहाते वृक्ष ही श्री लक्ष्मीनारायण देवड़ा का असल परिवार है ।