मंदसौर जिलाराजनीतिसीतामऊ

पंच एंव उपसरपंच संघ ने मांगों को लेकर मुख्यमंत्री विधायक डग ,कलेक्टर CEO को दिया ज्ञापन

 

सीतामऊ -पंच उप सरपंच संघ ने पंचायत राज व्यवस्था अपने अस्तितव एंव अस्मिता के बड़े ही संकट के दौरसे गुजर रही है। यह व्यवस्था सरपंच, सचिव सहायक सचिव और अधिकारीगण इंजिनियरो तथा जनपद पंचायत के सी०औ० आदि के चुगल में पूरी तरीके से फसी हुई है। ग्राम पंचायत के उपसरपंच हो पंच परमेश्वर राज व्यवस्थाएंव कानून के अनुरूप इनके हक्क अधिकारो का इन लोगा द्वारा पूरी तरीके से अतिक्रमण किया जा चूका है तथा मासिक बैठक भी नही होती है और न ही पंचो को बुलाया जाता है तथा म०प्र० शासन के सन् 1995 पंयायत अधिनियम में स्पष्ट उल्लेख है कि एक वर्ष में चार ग्राम सभा होना चाहिये किन्तु वर्तमान में कोई ग्राम सभा नहीं हो रही है व ग्राम सभा में सरपंच एंव सचिव को पूरे साल का लेखा जोखा पढ कर बताना पडता है व किन किन हितग्राहीयो को पंचायत द्वारा रोजगार उपलब्ध करवाया गया है नही बताया जाता है। वर्तमान समय में ये पंचायत प्रतिनिधि नाम मात्र के ही है अब समय आ चूका है कि इस पवित्र संस्था में भृष्टाचार पर अंकुश लगाने हेतु म०प्र० शासन को समस्त पंचायतों के पंचो एंव उपसरपंचो की मांगोको पूरी करने की घोषणा अनिवार्य है। 1.पंचायत राज अधिनियम में पंचो की स्वामिमान निधि 2000 एंव उपसरपंचो की जनपद पंचायत ठीतामक स्वामिमान निधि 3000- रूपये प्रतिमाह किया जावे। 2. पंचायत में होने वाले प्रत्येक ठहराव प्रस्ताव में पंचो एंव उपसरपंचो की सील हस्ताक्षर अनिवार्य किया जावे। हमारी बगैर सहमति के ठहराव प्रस्ताव पारितकर दिये जाते है जिन्हे रोका जावे। 3. यह कि, ग्राम पंचायत में बैठक की विडियो ग्राफी बनायी जावे व उक्त विडियो ग्राफी उच्च अधिकारियों तक पहुंचायी जाने की व्यवस्था पंचायतों में की जावे तथा एजेन्डा रजिस्टर में पंचो एंव उपसरपंचों को बैठक के लिये सूचना दी जावे व पंचायत में जो भी ठहराव प्रस्ताव पारित किया जावे उसमें पंचो एवं उपसरपंचो की सहमति से पारित होना चाहिये ऐसा सुनिश्चित किया जावे । 4. ग्राम पंचायत में निर्माण समिति/शिक्षा समिति / कृषि समिति / सहकारिता समिति का मुखिया उपसरपंच को बनाया जाये एंव पावर भी देकर के हस्ताक्षर एवं सील अनिवार्य की जावे तभी पेसे की निकासी पंचायतो में हो सके। 5. अलग से नरेगा में निगरानी समिति भी बनायी जावे इसमे मुखिया उपसरपंच को बनाया जावे जिससे नरेगा में भृष्ट्राचार पर अकुंश लगेगा। 6. ग्राम पंचायत के निर्माण कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र जब जारी होता है उसमें वार्ड पंच के सील व हस्ताक्षर एंव उपसरपंच की सील एंव हस्ताक्षर भी अनिवार्य किया जावे। 7. यह कि, ग्राम पंचायत स्तर पर की वित्तीय स्वीकृतियों में उपसरपंच की भागीदारी सुनिश्चित किया जाये। 8. विकास कार्यों के पैसो की निकासी पर डोगल मे उपसरपंच का नाम भी जोडा जावे ताकि पंचायत के पेसे की निकासी हो तो उपसरपंच को भी औटीपी आये जिससे शासन के वित्तीय लेन देने की जानकारी उपसरपंच को सके। 9. पंचायत सचिव एंव सहायक रोजगार के ट्रासफर पंच एंव उपसरपंच की सहमति से की जावे। 10. जिला पंचायत स्तर पर पंचो एंव उपसरपंचो की बैठक त्रैमासिक एंव जनपद स्तर पर मासिक बैठक ली जाना अनिवार्य किया जावे ताकि शासन की योजना वार्ड पंच के माध्यम से प्रत्येक घर तक पात्र हितग्राहियो तक पहुंचसके। 11. पंच एंव उप सरपंच को विगत 2 साल का मानदेय आज दिनांक तक कई पंचायतो में भुगतान नहीं किया गया है जो भी शीघ्र ही भुगतान करवाया जावे। 12. यहकि, यदि इन पाईटो पर एक माह में विचार नही किया गया तो एक माह बाद *हमारा संगठन जनशक्ति उपसरपंच पंच माह कल्याण संघ ( म.प्र. ) जो भी निर्णय लेगा उसके अनुसार सभी पचं एंव उपसरपंच जिनकी संख्या करीब 4,80,000 है ।* हम पंच एंव उपसरंपचो की उक्त सभी मांगो पर शीघ्र ही विचार कर हमारे एक प्रतिनिधि मण्डल को इस सम्बना में चर्चा हेतु भौपाल बुलाये ताकि हमारा प्रतिनिधि मण्डल आपसे मिल कर चर्चा कर अपनी मोंगो को रखेंगे इसके उपरान्त भी अगर आपके द्वारा हमारे प्रतिनिधि मण्डल को मिलने का समय दिया गया तो हमे शान्तिपूर्ण तरीके से आन्दोलन करेगे ।

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