नागेन्द्र सिंह, जिनको टिकट मना करने के बाद भी मिला,अब 3 क्षत्रपों के बीच हुई लड़ाई

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गुढ़ विधानसभा चुनाव
पार्टी के कई नेता के साथ गुढ़ की जनता ने जो इस बार बदलाव की हवा थी वो हवा अब और तेज हो गई टिकट मिलने के बाद
✍🏻विकास तिवारी
नागेन्द्र सिंह गुढ़ विधानसभा से चार बार के विधायक है। वह पहली बार 1985 में कांग्रेस पार्टी से विधायक बने। इसके बाद 2003 और 2008 में भाजपा से विधायक बने। चौथी बार 2018 में जीत का चौका लगाया है। अब पांचवीं बार पार्टी ने भरोसा किया है।
क्यों मिला टिकट
गुढ़ विधानसभा क्षेत्र क्षत्रिय और ब्राम्हण बाहुल्य सीट है। यहां से कांग्रेस ने कपिध्वज सिंह को उम्मीदवार बनाया है। अब 3 क्षत्रपों की लड़ाई है लेकिन इस बार एक और छत्रिय चुनाव मैदान मे है जो की आम आदमी पार्टी से लड़ रहा है। लेकिन अगर भाजपा नागेन्द्र सिंह के अलावा किसी और को टिकट देती जो की ब्राम्हण होता तो बीजेपी को त्रिकोणीय चुनाव ना होता।
ऐसे में उन्हीं को रिपीट कर दिया गया है जिश्कि बजह से गुढ़ मे इस बार टिकट की घोषणा होते ही और विरोध के बाबजूद भी टिकट दिया गया जिश्कि बजह से अब पार्टी के अंदर ही कलह है और इस बार जो बदलाव के सुर गुढ़ मे टिकट के पहले था अब वो सुर और तेजी से गुढ़ मे शुरू हो गया है।
विधानसभा क्षेत्र के बारे में
गुढ़ विधानसभा क्षेत्र रीवा जिले में आता है। यह हाईप्रोफाइल सीट रही है। यहां से पूर्व सांसद व स्वर्गीय सुदंरलाल तिवारी 2013 में विधायक बने थे। तीसरे दल समाजवादी पार्टी की उपस्थित रहती है।
लेकिन इस बार समाजवादी पार्टी किसी ऐसे नेता को चुनाव मे उतार दी है जो की ना गुढ़ का है और ना गुढ़ की जनता के बीच कभी दिखा अब देखना यह दिलचस्प होगा की पार्टी ने जो गुड़ा भाग लगाया है उस मे प्रत्याशी कितना खड़ा उतरता है।