भोपालमध्यप्रदेश

जन्मभूमि के लिए महिलाओं से लेकर बच्चों तक सभी ने किया संघर्ष: कैलाश विजयवर्गीय

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कैलाश विजयवर्गीय ने जारी किया राम मंदिर संघर्ष की कहानी का तीसरा वीडियो, कहा महिलाओं और बच्चों ने भी जन्मभूमि के लिए लड़ाई लड़ी

कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राम मंदिर के संघर्ष से जुड़ी 500 साल की प्रमुख घटनाएं वीडियो के माध्यम से सुना रहे हैं इस संबंध में सोशल मीडिया पर उन्होंने वीडियो पोस्ट की है, जन्मभूमि के संघर्ष की गाथा वे वीडियो श्रृंखला के माध्यम से सभी तक पहुंचा रहे हैं।

वीडियो में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हंसवर रियासत के राजा रणविजय सिंह ने जन्मभूमि की रक्षा के लिए मुगलों से युद्ध किया और 70000 सैनिकों के साथ प्राणों की आहुति दी, उनके बाद इस युद्ध को उनकी रानी जयराज कुंवरी ने जारी रखा, उन्होंने महिलाओं को सेना इकट्ठी की, इस रियासत ने 10 बार युद्ध करके जन्मभूमि पर विजय प्राप्त कर ली थी ।

और यह विजय प्राप्त करने के बाद वहां चबूतरा बनाकर राम भगवान की स्थापना कर दी थी लेकिन औरंगजेब से यह देखा नहीं गया उसने फिर युद्ध किया,यह युद्ध लगातार चलता रहा । लगभग 2 साल तक राम जन्मभूमि पर भगवान राम को प्रतिष्ठित करके पूजा अर्चना होती रही लेकिन औरंगजेब से देखा नहीं गया उसने फिर चबूतरे को तोड़कर मूर्ति को तोड़ा और यह संघर्ष चलता रहा ।

राम जन्मभूमि आंदोलन के लिए बलिदान सिर्फ पुरुषों ने नहीं दिया बल्कि महिलाओं ने भी युद्ध किया और महिला और बच्चे सब भगवान राम जन्मभूमि के प्रति अपना बलिदान देने के लिए तैयार थे ।

वीडियो पोस्ट में कहा था कि अपने इतिहास को जानना जरूरी है

पिछले वीडियो में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि आज इस इतिहास को समझना इसके महत्व को समझना कि किस प्रकार हमारे संस्कार और संस्कृति पर हमला करके हमारे आत्म स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने की कोशिश की मुगलों ने ।

अब राम मंदिर बनता है 500 साल बाद, हमारा आत्मसम्मान बढ़ता है, हमारे संस्कार और संस्कृति अभ्युदय हो रही है और इसलिए हमें 22 तारीख को तो उत्सव मनाना है लेकिन इसके इतिहास की जानकारी भी हमें रखना है क्योंकि यह क्षण बहुत लोगों की आहुति के बाद मिला है, मैं कोशिश करूंगा कि वीडियो के माध्यम से 500 वर्ष की प्रमुख घटनाएं आप तक पहुंचे। आप सुनें राम मंदिर के इतिहास को समझकर अपना भी मान सम्मान और स्वाभिमान बढ़ाएं ।

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