चिकला में कलश यात्रा के साथ सप्तदिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ

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राजेश चौधरी
सीतामऊ। क्षेत्र के ग्राम चिकला स्थित प्राचीन श्री राम जानकी गढ़ मंदिर में सप्त दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का शुभारंभ सोमवार को हुआ। कथा से पूर्व प्रातः काल की बेला में मंगल कलश एवं श्रीमद्भागवत पुराण की शोभायात्रा गाजे-बाजे के साथ निकाली गई। बड़ी संख्या में महिलाओं व पुरुषों ने शोभायात्रा में भाग लिया। महिलाओं ने नंगे पांव कलश सिर पर उठा कर नगर के मंदिरों में भ्रमण किया कलश यात्रा पर जगह-जगह भक्तों ने ध्वज लगाए और पुष्प वर्षा की। भागवत भगवान के जयकारे से वातावरण गुंजायमान हो उठा। शोभायात्रा के दौरान गांव के सभी मंदिरो में पूजा अर्चना की गई। कथा प्रारम्भ की बेला में कथावाचक आचार्य पं श्री हेमंत जी प्रधान ने कलश यात्रा में शामिल होने का महत्व और भागवत की महिमा का बखान किया, उन्होने बताया की भागवत कथा हृदय को जागृत कर मुक्ति का मार्ग दिखाता है, श्रीमद्भागवत कथा परमात्मा का अक्षर स्वरूप है। विश्व में सभी कथाओं में ये श्रेष्ठ मानी गई है। जिस स्थान पर इस कथा का आयोजन होता है, वो तीर्थ स्थल कहलाता है। यह सप्तदिवसीय कथा 21अगस्त से 27अगस्त तक प्रतिदिन 11:30 से 4 बजे तक पंडित श्री हेमंत जी प्रधान द्वारा श्रवण कराई जाएगी। इस अवसर पर सरपंच श्री गौरीशंकर पाटीदार ने चिकला सहित आसपास के सभी गांवों के भक्तजनों से श्रीमद् भागवत कथा में आने ओर कथा श्रवण करने का आग्रह किया हैं।