खेल मैदान के नाम पर पूर्व सरपंच व इंजिनियर ने मिलकर किया लाखो का खेल,धरातल पर वैसा का वैसा ही

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बंशीदास बैरागी
मामला मल्हारगढ़ जनपद पंचायत के आक्या बिका का जहाँ पूर्व सरपंच व इंजिनियर की मिलीभगत से आक्या बिका मे ग्रिट के पीछे खेल मैदान की स्वीकृति (मंजूर) हुए थी मगर पूर्व सरपंच व इंजिनियर की मिलभगत से खेल मैदान की जगह परिवर्तन कर शासकीय एकीकृत विद्यालय आक्या बिका की बाउंड्री मे खेल मैदान बताकर नरेगा तहत 2लाख 25 हजार की राशि आहरण कर ली
ज़ब ग्रामीणों द्वारा पूर्व सरपंच व इंजिनियर विजय कुमावत से इस विषय मे बात करी तो इंजिनियर द्वारा बताया गया की सरपंच द्वारा मुझे इसी विद्यालय के बाउंड्री वाले मैदान को खेल मैदान बताकर राशि निकालना है जिसके बाद वेल्यूवेशन कर 400 ट्राली मुरम डालकर इसको खेल मैदान जैसा बनाया जिसके बात पूर्व सरपंच गोपाल मालवीय द्वारा मुरम के बिल लगाने की बात बोली तो मेने मना कर दिया की ये बिल नहीं लगते है जिसके बाद मनरेगा तहत गांव के कुछ लोगो की लगातार हाजरी चलाई गईं जिसके बात खेल मैदान की पूरी राशि निकाली गईं
वही पूर्व सरपंच से बात की गईं तो पूर्व सरपंच गोपाल मालवीय द्वारा बताया गया की उस खेल मैदान मे अभी भी इंजिनियर पर मे 80 हजार रुपय मांग रहा हु मगर कई महीनो बीत गए अभी इंजिनियर द्वारा मुझे राशि नहीं दिलाई जा रही है तो वही ग्रामीणों से बात की गईं तो ग्रामीण द्वारा बताया गया है की इंजिनियर व पूर्व सरपंच की मिलीभगत से शासकीय विद्यालय मे पहले से ही मैदान समतल था वहा पर कोई कार्य नहीं हुआ सिर्फ जेसीबी के रोडर द्वारा छोटा मोटा कम कर तीन चार हल्की फुलकी सीढिया बनाकर खेल मैदान बताकर लाखो की राशि निकाल ली है ग्रामीणों द्वारा पूर्व सरपंच व इंजिनियर पर कार्यवाही की मांग करी है।