भाजपा नेता प्रवेश शुक्ला के घर पर चला बुलडोजर, आरोपित की मां बिलखती हुई बेहोश

******************
दीनदयाल साहू ने बनाया था वीडियो, पेन ड्राइव पुलिस ने किया जब्त, पिता बाेला- 4 लाख रुपये मांग रहे थे।
✍️विकास तिवारी
सीधी। आदिवासी युवक के ऊपर लघुशंका करने वाले भाजपा नेता प्रवेश शुक्ला के घर पर बुलडोजर चला। भरी संख्या पुलिस बल तैनात किए गए हैं। 4 वर्ष बाद वायरल किया गया पेशाब कांड का वीडियो, पिता का आरोप साजिश करने वाले 4 लाख रुपये मांग रहे थे। परिवार के लोगों पर ही फंसाने का आरोप लगाया जा रहा है। जांच अधिकारी ने बताया कि दीनदयाल साहू ने वीडियो बनाया था। दोपहर बाद कोर्ट में पेशी होगी। वीडियो बनाने और वायरल करने वाले पर भी कार्रवाई होगी। पेन ड्राइव पुलिस ने किया जब्त।
राजस्व टीम एवं पुलिस की मौजूदगी में बुलडोजर चल रहा है
राजस्व टीम ने सुबह से अवैध निर्माण जगह को चिन्हित किया है। मौके पर एंबुलेंस को बुलाया गया है। आरोपित की मां बेहोश हुई है। घर वालों का भी रो रो कर बुरा हाल है। सीधी में हुई घृणित घटना की जांच के लिए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने राज्य कोल जनजाति विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रामलाल रौतेल के संयोजकत्व में 4 सदस्यीय समिति का गठन किया।
भाजपा ने घटना की जांच के लिए बनाई समिति
सीधी में हुई घृणित घटना की जांच के लिए भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद वीडी शर्मा ने राज्य कोल जनजाति विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रामलाल रौतेल के संयोजकत्व में 4 सदस्यीय समिति का गठन किया।
एफिडेविट से आया नया मोड़, क्या लिखा है?
एफिडेविट में पीड़ित की तरफ से कहा गया है, “मेरे और प्रवेश शुक्ला का नशे के हालत का वीडियो आदर्श शुक्ला और उनके दूसरे साथियों द्वारा वायरल किया जा रहा है. वह वीडियो झूठा और फर्जी है. प्रवेश शुक्ला ने मेरे साथ ऐसा कोई भी काम नहीं किया है.”
इस एफिडेविट में पीड़ित ने कहा है कि आदर्श शुक्ला नाम के व्यक्ति और उसके दूसरे साथियों ने उस पर (मतलब पीड़ित) पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने का दबाव बनाया था. इसके एवज में पैसे देने की बात कही गई थी. एफिडेविट में कहा गया है कि प्रवेश शुक्ला की छवि खराब करने के लिए फर्जी वीडियो बनाया गया था।
इस मामले में रीवा रेंज के DIG मिथलेश शुक्ला ने बताया कि वीडियो छह दिन पुराना है. लेकिन पुलिस को ये वीडियो 4 जुलाई की शाम 4 बजे मिला है. इसके बाद तुरंत कार्रवाई की गई है. पीड़ित दिहाड़ी मजदूर है. वो आदिवासी समुदाय से आता है. पुलिस का कहना है कि वह बहुत डरा हुआ है और फिलहाल पुलिस कस्टडी में है. वह आरोपी के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं कराना चाहता है. पीड़ित के बारे में कहा जा रहा है कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है, लेकिन पुलिस के मुताबिक पीड़ित मानसिक तौर पर पूरी तरह से फिट है।