नाबालिग से पहले दोस्ती फिर प्यार और फिर दुष्कर्म – अब 10 साल की कैद

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राजगढ़ । जिला न्यायालय राजगढ़ में पदस्थ तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, श्री अब्दुल कदीर मंसूरी राजगढ़ ने अपने न्यायालय के सत्र प्रकरण क्रमांक SC-460/2021 धारा 363, 366, 376(2) (आई) भारतीय दण्ड संहिता 1860 एवं 3/4 लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 में अभियुक्त सन्जू (परिवर्तित नाम) को धारा 366 भादवि के अंतर्गत 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 1000/- रू के अर्थदण्ड एवं धारा 376(1) भा.द.वि. में 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 2000/-रू के अर्थदण्ड कुल 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 5 हजार रूपये के जुर्माना से दण्डित किया है। इस प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री आलोक श्रीवास्तव राजगढ़ ने की है।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि थाना माचलपुर में 17 साल की नाबालिग पीडित बालिका ने अपने भाई और पिता के साथ थाना आकर रिपोर्ट दर्ज करायी कि 5-6 माह पहले उसकी जान पहचान गांव के संजू (परिवर्तित नाम) से हुई थी। दोनों की मोबाईल पर बातचीत भी होती रहती थी। रिपोर्ट के 15 दिन पहले रात के समय अभियुक्त ने उसके मोबाईल पर फोन करके कहा कि मैं गाड़ी लेकर बाहर खड़ा हूँ मेरे साथ चलो। घूमकर आते हैं तो नाबालिग लड़की घर के बाहर आई तो अभियुक्त एक चार पहिये की सफेद रंग की गाड़ी से खड़ा था जो उसे पास के गांव के मंदिर पर लेकर गया और वही पर दोनों काफी देर तक बातचीत करते रहे उसके बाद अभियुक्त ने लडकी को घर छोड़ दिया ।
रिपोर्ट के एक दिन पहले पुनः अभियुक्त ने लड़की के मोबाईल पर फोन करके कहा कि मैं गाड़ी लेकर बाहर खड़ा हूँ मेरे साथ चलो घूमकर आते हैं, तो नाबालिग अभियोक्त्री ने सोचा कि पहले की तरह बातचीत करके अभियुक्त घर छोड़ देंगा पर उस दिन *अभियुक्त अपनी चार पहिया सफेद गाड़ी से अभियोक्त्री को ले गया और एक सुनसान स्थान पर गाड़ी रोक कर गाड़ी की ही बीच वाली सीट पर अभियोक्त्री के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया* और उसके बाद अभियोक्त्री के मोबाईल पर उसके घर वालों का फोन आ गया तो अभियुक्त पीडित बालिका को वहीं छोड़ कर भाग गया और जाते जाते धमकी देकर गया कि किसी को इस घटना के बारे में बताया तो तुझे जान से खत्म कर दूंगा। अभियोक्त्री वहीं बैठ कर रोती रही फिर उसके पिता और चाचा उसे वहां से घर लेकर गये ।
घर पहुंचकर पीडित बालिका ने उक्त पूरी बात अपने पिता, भाई और चाचा को बताई प्रकरण में फरियादी की रिपोर्ट पर *थाना माचलपुर में अपराध कमांक 272 / 21 धारा 363, 366, 376 भादवि एवं 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत* प्रकरण दर्ज किया गया। प्रकरण में अनुसंधान उप निरीक्षक सरिता मिश्रा के द्वारा किया गया।
जिला अभियोजन अधिकारी, ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए मध्यप्रदेश शासन की योजना के अंतर्गत प्रकरण को जघन्य एवं चिन्हित अपराध की श्रेणी में रखा गया । अभियुक्त ने पहले नाबालिग लड़की से जान पहचान की फिर मोबाइल पर बातें करते हुए दोस्ती की पींगे बढ़ाई और फिर प्यार का झांसा देकर लडकी को रात में घुमाने लगा और फिर दुष्कर्म किया ।
प्रकरण में विचारण के दौरान प्रकरण में भारसाधक विशेष लोक अभियोजक श्री आलोक श्रीवास्तव द्वारा अभियोजन की ओर से न्यायालय के समक्ष 12 गवाहों के कथन कराये और तर्क प्रस्तुत किये। विचारण उपरांत माननीय न्यायालय ने अभियुक्त संजू (परिवर्तित नाम) को धार 366 भा.द.वि. में 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 1000/- रु के अर्थदण्ड एवं धारा 376(1) भादवि के वर्धित दंड से पॉक्स एक्ट की धारा 3/4 में 10 वर्ष का सक्षम कारावास और 5000/- के अर्थदण्ड से दण्डित किया है।
इस प्रकरण में अभियोजन के निवेदन पर माननीय न्यायालय के द्वारा *अभियोक्त्री को मध्यप्रदेश पीडित प्रतिकर योजना 2015 के तहत तीन लाख रूपये राहत राशि/क्षतिपूर्ति राशि* दिये जाने की अनुशंसा की है।