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राजू पटेल
कुकड़ेश्वर:- नीमच जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूरी के अंतिम छोर पर स्थित रामपुरा में खरबूजा की खेती को लेकर पूरे भारतवर्ष में विख्यात है रामपुरा तहसील मुख्यालय के गांधी सागर डूब क्षेत्र में खरबूजे बीज की पैदावार बड़ी मात्रा में होती है गर्मी में खरबूजे की पैदावार किसानों के लिए मुनाफे का कारोबार होता है गांधी सागर बांध के भराव क्षेत्र में खरबूजे की खेती बड़े पैमाने पर होती है उक्त खरबूजे की खेती केवल बीज उत्पादन के लिए की जाती है इसके लिए किसान बांध के भराव क्षेत्र गर्मी के मौसम में कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के उद्देश्य से खरबूजे की खेती करते हैं जिसका बीज दवाइयों एवं मिठाइयों मैं सजावट या ड्राई फूड के तौर पर इस्तेमाल होता है जिसके चलते उक्त खरबूजा बीच की बाजार में बड़ी मांग एवं अच्छी कीमत पर खरबूजा बीज की खरीदारी होती है जिसको लेकर रामपुरा क्षेत्र सहित ग्रामीणों क्षेत्रों में खरबूजा बीज का का व्यापार बड़ी मात्रा में होता है उक्त खरबूजा बीज के व्यापार में व्यापारी भी जमकर पैसा कमाते हैं इन बीजों की डिमांड अधिक होने के चलते किसान भी अधिक मात्रा में खरबूजे का उत्पादन करते हैं रामपुरा में खरबूजे मीठे होने के कारण बीजों की डिमांड कहीं राज्य में की जाती है रामपुरा के बीजों की मांग की अधिक मात्रा में होने के कारण क्षेत्र के आतरी माता चचोर देवरान लसूडिया सोनड़ी एवं रामपुरा क्षेत्र में इसकी खेती बड़ी मात्रा में होती है खरबूजे के बीज की सबसे ज्यादा मांग उत्तर प्रदेश के हाथरस में होती है इसे पूरी करने के लिए हाथरस के व्यापारी रामपुरा के व्यापारियों से संपर्क में रहते हैं व्यापारी तो हाथरस से डायरेक्ट रामपुरा के बाजारों में भी खरीद कर मुनाफा कमाते हैं वैसे सरकार ने खरबूजे बीज को मंडी में अधिसूची में शामिल कर 1.50 फीसदी टैक्स लगाकर रामपुरा उप मंडी में खरीदा जा रहा है ताकि उस की खरीदी बिक्री सरकार को टैक्स के रूप में अतिरिक्त आय मिल सके लेकिन स्थानीय स्तर के व्यापारियों की सांठगांठ के चलते किसानों के साथ सरकार को भी इसका फायदा मिलता नहीं दिख रहा बड़े व्यापारी राजनीतिक तालमेल सांठगांठ के चलते गांव में अपनी दुकान खोल कर बीजों कि अवैध खरीदी कर डायरेक्ट बाहर के व्यापारी को बेचकर बड़ा मुनाफा कमा रहे हैं रामपुर क्षेत्र के व्यापारी किसानों से डायरेक्ट सांठगांठ कर बीजों को मंडी में जाने नहीं देते साथ ही बीजों को खरीदने के लिए आसपास के छोटे गांव में दुकानें खोले हुए हैं यहां से किसानों से बीज खरीद कर रहा तो रात गाड़ियां भरकर रामपुरा से चंबल कोटा होते हुए उत्तर प्रदेश के हाथरस में भेजा जाता है यह व्यापारी इन बीजों को बाहर के राज्य में भेजने के लिए बड़ी प्लानिंग के साथ गाड़ी के अंदर बड़ी सेटिंग करते हैं मंडी प्रशासन का इस ओर ध्यान नहीं है इस वर्ष खरबूजा बीज की पैदावार कम होने के कारण बाजार में इसका भाव 2500 से 3000 प्रति क्विंटल है जिसके चलते व्यापारी बड़ा मुनाफा कमा रहे हैं एवं सरकार को लाखों की चपत लगा रहे हैं खरबूजा बीज बोने वाला किसान आज भी बेहाल है और खरबूजा बीज खरीदने वाले व्यापारी मालामाल है वही रामपुरा मंडी के हाल बेहाल है
गांव में सज गई दुकान है अवैध खरीददारी प्रारंभ – रामपुरा तहसील क्षेत्र के सालिया खेड़ी नाली लसूडिया दूधलाई स्थित व्यापारियों की दुकानों पर खरबूजे के बीज के लगे ढेर दुकानों में खरबूजा बोरिया प्रशासन को चुनौती देती नजर आती है वही इस विषय में कुछ व्यापारियों की सांठगांठ इतने बड़े स्तर की है कि वह खुलेआम इस धंधे को अंजाम देते हैं एवं उनमें किसी भी प्रकार का खोफ दिखाई नहीं देता मजदूरी करने वाली महिलाओं ने विशेष संवाददाता पटेल को बताया। एक तरफ बेचारे गरीब मजदूर कड़ाके की धूप में सवेरे 8:00 बजे से लेकर शाम को 6:00 बजे तक काम करते हैं और उन्हें सिर्फ मजदूरी ₹300 मिलती है माल सेटिंग बाज कमा रहे हैं और मरना मजदूरों को पड़ रहा है।