ग्राम पंचायतों में तरल एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना में निर्मित कार्य में भ्रष्टाचार

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कंपोस्ट पिट लीच पिट निर्माण कार्य की जांच करें जिम्मेदार
खेताखेड़ा (ईश्वर सुर्यवंशी) मध्यप्रदेश में स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने व मिशन को आगे बढ़ाने के लिए सरकार हर प्रकार के नित नए कदम उठा रही है स्वच्छता के नाम पर प्रदेश सरकार द्वारा लाखों करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं लेकिन अधिकांश ग्राम पंचायते स्वच्छता जैसे मिशन को भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही स्वच्छता की राशि की आड़ में ग्राम पंचायते खुद भ्रष्टाचार कर स्वच्छता की छवि को कीचड़ में धूमिल कर रही हैं जिम्मेदार अधिकारियों को ध्यान देने की आवश्यकता है
तरल एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करना उनके जीवन स्तर को उन्नत बनाना पर्यावरण प्रदूषण को कम करना और ग्रामीण परिवेश को स्वच्छ रखना ठोस और तरल अपशिष्ट के पुनर्चक्रण व पुनः उपयोग को प्रोत्साहित करना ग्राम स्तर पर जैविक अपशिष्टओ को खाद के रूप में परिवर्तन कर ठोस तथा तरल अपशिष्ट प्रबंधन द्वारा ग्रामीण निर्धन वर्ग के लिए रोजगार सृजित करने का उद्देश्य लेकर सरकार काम करने का प्रयास कर रही । लेकिन
सीतामऊ जनपद की अधिकांश ग्राम पंचायतों में स्वच्छता के अंतर्गत तरल एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन योजना में निर्माण कचरा संग्रहण केंद्र कंपोस्ट पीट लीच पिट निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार किया जा रहा है योजना के अंतर्गत निर्माण कार्य से अधिक की राशि निकालकर ग्राम पंचायते भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है ग्राम पंचायतों द्वारा निर्मित कंपोस्ट पिट लीच पिट की जनपद अधिकारियों द्वारा जांच करवा कर भ्रष्टाचार में लिप्त पंचायतों पर कार्यवाही करना चाहिए जानकारी के अनुसार अंचल क्षेत्र में अधिकांश ग्राम पंचायतों द्वारा कंपोस्ट पिट लीच पिट का निर्माण कर दिया लेकिन आम जनता में जागरूकता की कमी होने की वजह से उक्त केंद्रों का उपयोग नहीं हो रहा कहीं जगह कंपोस्ट पिट लीच पिट दिखावे के नजर आ रहे हैं ।