इशाकपूर में किसान के खेत पर लगी आग,3 बीघा के गेहूं जलकर हुए खाक, किसान ने कहा परिवार का पालन पोषण कैसे करूंगा

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ग्रामीणों ने कहा अफजलपुर थाना में भी फायर ब्रिगेड होना चाहिए
कुचड़ौद । (दिनेश हाबरिया)
अफजलपुर थाना क्षेत्र के ग्राम ईशाकपूर में एक किसान के खेत पर आग लगने से गेहूं जलकर राख हो गए। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। ग्रामीणों ने पानी की सहायता से आग बुझाने का प्रयास किया पर असफल रहे। आधे घंटे में ही 3 बीघा भूमि में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई।
प्राप्त जानकारी अनुसार इशाकपुर के किसान प्रभुलाल पिता रामलाल सूर्यवंशी के खेत पर 3 बीघा भूमि में गेहूं की फसल खड़ी थी। जो पक कर तैयार हो चुकी थी। 2 या 4 दिन में फसल काटने वाले थे। पर इससे पहले ही अज्ञात कारणों के चलते दोपहर 2:00 बजे अचानक आग लग गई। धुआं उठता देख आसपास के किसान जो खेतो में फसल कटाई का कार्य कर रहे थे। जिन्होंने किसान को सूचित किया और पानी के टैंकर की सहायता से आग बुझाने का प्रयास किया। पर गेहूं की फसल सूख चुकी थी, जिससे आग बुझाने में सफलता नहीं मिली। गेहूं की फसल में आग लगने की सूचना गांव में आग की तरह फैल गई। पड़ोसी किसानों एवं ग्रामीणों ने मशक्कत से आग बुझाने का प्रयास किया पर सफलता प्राप्त नहीं हुई। किसान के आधे घंटे में ही 3 बीघा के गेहूं जलकर राख हो गए। किसान को करीब 85000 का नुकसान हो गया।
हालांकि आग किन कारणों से लगी समीप डीपी लगी हुई थी। शार्ट सर्किट हुआ या अन्य कारण से आग लगी पता नहीं चल पाया।
किसान प्रभुलाल सूर्यवंशी ने बताया कि 6 बीघा भूमि में से 3 बीघा में गेहूं की फसल लगाई थी। आग लगी उस समय में और स्वजन दूसरे खेत पर कृषि कार्य कर रहे थे। पड़ोसियों द्वारा फोन पर सूचना दी गई। ग्रामीणों की सहायता से आग बुझाने का प्रयास किया पर सफलता नहीं मिली। अब खाने के लिए भी गेहूं नहीं बचे। पूरी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। पशुओं के लिए चारे का भी संकट रहेगा। अब खाने के गेहूं के साथ पशुओं के लिए भी भूसा खरीदना पड़ेगा। फसल भी अच्छी खड़ी थी। 2 या 4 दिन में फसल काटने वाले थे, पर आंखों के सामने फसल पूरी तरह से जल गई। करीब 40 क्विंटल गेहूं एवं तीन ट्राली भूसा निकलता। सब जल गया। करीब एक लाख का नुकसान हुआ।
आग की सूचना के बाद पटवारी पहुंचे मौके पर, बनाया पंचनामा-
गेहूं की फसल में आग लगने से तीन बीघा की खड़ी फसल जल गई। जिसके बाद सूचना पर मौजा पटवारी जगदीश पाटीदार पहुंचे एवं पंचनामा बनाया।
किसानों ने कहा अफजलपुर थाना क्षेत्र में एक भी फायर ब्रिगेड नहीं। फायर ब्रिगेड होने से आग पर जल्दी काबू पाया जा सकता था।
आग बुझाने के लिए सरपंच गोपाल गुर्जर नेनसिंह गुर्जर बंशी लाल पाटीदार फतेह सिंह गुर्जर, बंशीलाल पाटीदार, फतेह सिंह गुर्जर, भूवानी लाल पाटीदार, चौकीदार नागु लाल मालवीय, लाला गुर्जर, अमृत राम मालवीय, फकीर चंद गुर्जर, धर्मेंद्र मालवीय आदि किसानों ने टैंकर एवं बाल्टी की सहायता से आग बुझाने के प्रयास किए पर सफल नहीं हुए। वही किसानों ने कहा अफजलपुर थाना क्षेत्र मैं एक भी फायर ब्रिगेड नहीं है। इस तरह की आगजनी की घटनाएं होने पर फायर ब्रिगेड या तो नगरी से या सीतामऊ से मंगवाना पड़ती है। जिसे घटनास्थल पर आने में काफी समय लगता है। तब तक आग अपना काम कर जाती है। सरकार एवं प्रशासन को थाना क्षेत्र में आगजनी की घटना पर काबू पाने के लिए। अफजलपुर थाने पर एक फायर ब्रिगेड की व्यवस्था करना चाहिए। जिससे समय रहते आग पर काबू पाया जा सके।
किसानों ने कहा फसलें पक कर तैयार, विद्युत सप्लाई सुबह की जाए-
इधर आग लगने के बाद ग्रामीणों एवं किसानों ने सिंचाई के लिए विद्युत सप्लाई के समय में परिवर्तन की मांग करते हुए, बताया वर्तमान समय में गेहूं अलसी मेथी चना सहित सभी फसलें पक कर तैयार हो चुकी है। एवं फसल कटाई का दौर चल रहा है। इस समय सिंचाई के लिए पानी की बहुत कम आवश्यकता है। विद्युत विभाग को किसानों की फसलों को ध्यान में रखते हुए, दोपहर में सिंचाई के लिए की जा रही विद्युत सप्लाई को समय परिवर्तन करते हुए। सुबह 5:00 से 11:00 तक कर दे।
दोपहर में विद्युत सप्लाई होने से विद्युत फाल्ट होने का खतरा बना रहता है। जिससे खड़ी एवं कटी फसल मैं आग लगने की संभावना बनी रहती है। इसलिए समय परिवर्तन करते हुए सुबह के समय ही सिंचाई के लिए विद्युत सप्लाई की जाए।